ममता बनर्जी को बड़ा झटका: सुखेंदु और सुष्मिता के बाद TMC सांसद प्रकाश चिक बराइक का इस्तीफा; राज्यसभा से लेकर लोकसभा और विधानसभा तक बगावत
ममता बनर्जी को बड़ा झटका: सुखेंदु और सुष्मिता के बाद TMC सांसद प्रकाश चिक बराइक का इस्तीफा; राज्यसभा से लेकर लोकसभा और विधानसभा तक बगावत
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) में मची आंतरिक कलह और बगावत थमने का नाम नहीं ले रही है। सुखेंदु शेखर राय और सुष्मिता देव के बाद अब टीएमसी के एक और कद्दावर नेता और राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बराइक ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इस सिलसिलेवार इस्तीफे के बाद राज्यसभा में भी टीएमसी दो धड़ों में बंटती नजर आ रही है।
कौन हैं प्रकाश चिक बराइक? (अभिषेक बनर्जी के माने जाते हैं करीबी)
प्रकाश चिक बराइक अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस के पुराने और प्रमुख आदिवासी चेहरों में से एक हैं।
पृष्ठभूमि: पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार जिले के रहने वाले प्रकाश चिक बराइक राजनीति में आने से पहले एक चाय बागान कर्मचारी और मजदूर नेता के रूप में सक्रिय थे। उन्होंने साल 2004 में सूर्यसेन कॉलेज सिलीगुड़ी से कॉमर्स में स्नातक किया था।
राजनीतिक सफर: उन्हें टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी का बेहद करीबी माना जाता है। पार्टी ने उन्हें अगस्त 2023 में पश्चिम बंगाल से निर्विरोध राज्यसभा भेजा था। इसके बाद उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में अलीपुरद्वार सीट से चुनाव भी लड़ा था।
3 दिनों में 3 बड़े राज्यसभा सांसदों ने छोड़ी पार्टी
टीएमसी के कुल 10 राज्यसभा सांसदों में से तीन कद्दावर नेताओं ने महज कुछ ही दिनों के भीतर इस्तीफा देकर ममता बनर्जी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं:
1. सुखेंदु शेखर राय (8 जून 2026): ममता बनर्जी के बेहद करीबी और पार्टी के सबसे वरिष्ठ नेताओं में शामिल सुखेंदु शेखर राय ने राज्यसभा और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिया। उन्होंने टीएमसी नेतृत्व पर तीखा निशाना साधते हुए ममता सरकार के 15 साल के शासन को चुनाव में हार की मुख्य वजह बताया।
2. सुष्मिता देव (10 जून 2026): वर्ष 2021 में कांग्रेस छोड़कर टीएमसी में आईं सुष्मिता देव ने भी पद छोड़ दिया है, जिसे राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने स्वीकार कर लिया है। इस्तीफे के तुरंत बाद उन्होंने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा से मुलाकात की, जिससे उनके बीजेपी में शामिल होने की अटकलें तेज हैं।
3. प्रकाश चिक बराइक (11 जून 2026): सुखेंदु और सुष्मिता के बाद अब प्रकाश चिक बराइक ने भी इस्तीफा देकर पार्टी को तीसरा बड़ा झटका दिया है।
लोकसभा और विधानसभा में भी बगावत: टूटने की कगार पर TMC
विधानसभा चुनाव में मिली शिकस्त के बाद ममता बनर्जी अपने सांसदों और विधायकों को एकजुट रखने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही हैं। पार्टी के अंदर तीनों सदनों में बगावत का यह रूप देखने को मिल रहा है:
लोकसभा में अलग गुट की तैयारी
टीएमसी के कुल 28 लोकसभा सांसदों में से 19 सांसदों ने पहले ही बगावत का झंडा बुलंद कर रखा है। इन बागी सांसदों ने लोकसभा में एक अलग गुट के तौर पर मान्यता देने के लिए स्पीकर को पत्र भी लिख दिया है।
विधानसभा में 58 विधायक हुए बागी
बंगाल विधानसभा चुनाव में टीएमसी के टिकट पर 80 विधायक जीतकर आए थे। लेकिन अब इनमें से 58 विधायकों ने ममता बनर्जी से नाता तोड़कर एक अलग गुट बना लिया है। इन बागी विधायकों ने पूर्व टीएमसी नेता ऋतब्रत बनर्जी को अपना नया नेता चुन लिया है।
