प्रियंका गांधी का शिक्षा मंत्री पर निशाना, किरेन रिजिजू का एतराज और स्पीकर ने कार्यवाही से हटाया बयान
प्रियंका गांधी का शिक्षा मंत्री पर निशाना, किरेन रिजिजू का एतराज और स्पीकर ने कार्यवाही से हटाया बयान
लोकसभा में ‘पब्लिक एग्ज़ामिनेशन्स (अनफेयर मीन्स प्रिवेंशन) अमेंडमेंट बिल, 2026’ पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के एक बयान पर संसद में भारी हंगामा हुआ। प्रियंका गांधी ने मौजूदा शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी पर निशाना साधते हुए गंभीर आरोप लगाए, जिस पर सत्ता पक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई और बाद में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इस टिप्पणी को सदन की कार्यवाही से हटा दिया।
प्रियंका गांधी का आरोप और सत्ता पक्ष का विरोध
प्रियंका गांधी ने चर्चा के दौरान सरकार पर हमला बोलते हुए कहा:
शिक्षा मंत्री पर टिप्पणी: “प्रधानमंत्री जी ने नए शिक्षा मंत्री को चुना। एक ऐसे व्यक्ति को इस पद पर आसीन किया, जिसने एक गर्भवती महिला के बलात्कारियों की रिहाई पर अपनी सहमति व्यक्त की और खुशी जताई।”
सदन में बहस: जब सत्ता पक्ष ने इस आरोप पर सवाल उठाए, तो प्रियंका ने कहा कि यह बात अखबारों में आ चुकी है। इस पर सत्ता पक्ष के सदस्यों ने उनसे इस बयान को साबित करने की मांग की।
किरेन रिजिजू का पलटवार: “यह चरित्र हनन है”
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रियंका गांधी के बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा:
चरित्र हनन का आरोप: किरेन रिजिजू ने कहा कि इस तरह का बयान सीधे तौर पर चरित्र हनन (Character Assassination) है और इस तरह की भाषा की उम्मीद नहीं की जाती।
जिम्मेदारी से बोलने की सलाह: उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी भले ही पहली बार सांसद बनकर आई हों, लेकिन वे अपनी पार्टी की एक सीनियर लीडर हैं और उन्हें सदन में पूरी जिम्मेदारी के साथ बोलना चाहिए। अगर वे अपने आरोप को ऑथेंटिकेट (प्रमाणित) नहीं कर सकतीं, तो उन्हें सदन से क्षमा मांगनी चाहिए।
स्पीकर ओम बिरला ने बयान को रिकॉर्ड से हटाया
मामले के तूल पकड़ने के बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने हस्तक्षेप किया और प्रियंका गांधी की टिप्पणी को संसद की आधिकारिक कार्यवाही से बाहर (Expunge) करने का आदेश दिया।
अध्यक्ष की टिप्पणी: ओम बिरला ने कहा, “यह सदन एक सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्था है। यहाँ बोला गया एक-एक शब्द स्थायी रिकॉर्ड में रहता है। मेरा आग्रह है कि बिना पुख्ता तथ्यों के इस तरह की बातें सदन के पटल पर नहीं रखी जानी चाहिए।”
प्रदर्शनकारी छात्रों की पीड़ा पर बोलीं प्रियंका गांधी
विवाद के बीच प्रियंका गांधी ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाले छात्रों का पक्ष रखते हुए कहा:
अहिंसक आंदोलन: हजारों बच्चों ने महात्मा गांधी के दिखाए सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया और अपनी जायज आवाज उठाई।
माता-पिता का संघर्ष: ये उन परिवारों के बच्चे हैं जहाँ माँ अपने गहने बेच देती है और पिता अपनी ज़मीन गिरवी रख देता है ताकि बच्चा अपना सपना पूरा कर सके।
उम्मीद टूटने का दर्द: प्रियंका ने कहा कि जब देश का युवा यह देखने लगता है कि कड़ी मेहनत से ज्यादा बेईमानी और पेपर लीक मायने रखते हैं, तो केवल एक छात्र नहीं हारता, बल्कि पूरे देश की उम्मीद हार जाती है।
