ओमान तट के पास तेल टैंकर पर हमला: 13 भारतीय नाविक सुरक्षित बचाए गए, एक की तलाश जारी; अमेरिका और ईरान के अपने-अपने दावे
ओमान तट के पास तेल टैंकर पर हमला: 13 भारतीय नाविक सुरक्षित बचाए गए, एक की तलाश जारी; अमेरिका और ईरान के अपने-अपने दावे
ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव और खाड़ी क्षेत्र की अस्थिरता के बीच ओमान तट के समीप एक तेल टैंकर पर हुए हमले ने वैश्विक समुद्री सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पनामा-ध्वज (Panama-flagged) वाले तेल टैंकर MT El Gaia पर हुए इस हमले के समय उस पर 14 भारतीय नाविक सवार थे, जिनमें से 13 को सुरक्षित निकाल लिया गया है, जबकि एक भारतीय नाविक अभी भी लापता है।
घटना और सामरिक महत्व:
यह हमला ओमान के तट के पास हुआ है, जो दुनिया के सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में शुमार स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) के बेहद करीब है। इसी मार्ग से दुनिया भर का एक बहुत बड़ा हिस्सा तेल व्यापार के लिए गुजरता है।
अमेरिका और ईरान के आमने-सामने के दावे:
इस घटना के बाद अमेरिका और ईरान की ओर से परस्पर विरोधी दावे सामने आए हैं:
ईरान का दावा: ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) से जुड़े सूत्रों और मीडिया का दावा है कि यह तेल टैंकर एक प्रतिबंधित क्षेत्र से गुजरने की कोशिश कर रहा था, जिसके चलते यह नेवल माइन (समुद्री सुरंग) की चपेट में आ गया और उसमें आग लग गई।
अमेरिका का रुख: अमेरिकी सेना ने ईरान के इन सभी दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि इनमें कोई सच्चाई नहीं है। फिलहाल हमले के वास्तविक कारणों और परिस्थितियों पर से पर्दा उठना बाकी है।
भारत सरकार की प्रतिक्रिया और राहत कार्य:
घटना को बेहद गंभीरता से लेते हुए भारत सरकार ओमान के स्थानीय प्रशासन और अधिकारियों के संपर्क में है।
विदेश मंत्रालय का बयान: विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने जानकारी दी कि टैंकर पर कुल 14 भारतीय नागरिक सवार थे, जिनमें से 13 सुरक्षित बचा लिए गए हैं। भारत ने इस त्वरित बचाव कार्य के लिए ओमान सरकार और वहां की एजेंसियों का आभार व्यक्त किया है।
लापता नाविक की तलाश: एक लापता भारतीय नाविक की खोज के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है और ओमान स्थित भारतीय दूतावास लगातार वहां के अधिकारियों के साथ समन्वय बनाए हुए है।
सुरक्षित नौवहन की अपील: भारत ने दो टूक कहा है कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में वाणिज्यिक जहाजों, नाविकों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना कतई स्वीकार्य नहीं है। भारत ने सभी पक्षों से अपील की है कि वैश्विक और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था के हित में समुद्री व्यापार व जहाजों की आवाजाही को जल्द से जल्द पूरी तरह सुरक्षित और सामान्य किया जाए।
