‘वंदे मातरम्’ गान पर नया विवाद: कर्नाटक में बीजेपी विधायक कार्यक्रम से वॉकआउट, तो जम्मू-कश्मीर में कांग्रेस और NC आमने-सामने
‘वंदे मातरम्’ गान पर नया विवाद: कर्नाटक में बीजेपी विधायक कार्यक्रम से वॉकआउट, तो जम्मू-कश्मीर में कांग्रेस और NC आमने-सामने
देशभर में ‘वंदे मातरम्’ के गान और उसके स्वरूप को लेकर चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला कर्नाटक और जम्मू-कश्मीर से सामने आया है, जहां राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों के बीच तीखी तकरार देखने को मिल रही है।
कर्नाटक: बीजेपी विधायक एस.एन. चन्नबसप्पा सरकारी कार्यक्रम से बाहर गए
कर्नाटक के शिवमोग्गा स्थित डॉ. बी.आर. अम्बेडकर भवन में अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस के अवसर पर एक सरकारी कार्यक्रम आयोजित किया गया था।
वॉकआउट की वजह: शिवमोग्गा से बीजेपी विधायक एस.एन. चन्नबसप्पा राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ को पूरा न गाकर केवल शुरुआती दो छंदों के बाद ही बंद किए जाने से बेहद नाराज हो गए।
अधिकारियों से तीखी नोकझोक: विधायक ने कार्यक्रम के दौरान ही अधिकारियों से सवाल किया कि राष्ट्रीय गीत को बीच में ही क्यों रोका गया और इसे पूरा क्यों नहीं गाया गया? विरोध दर्ज कराते हुए वह बीच कार्यक्रम से ही बाहर चले गए। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य सरकारों को राष्ट्रीय प्रतीकों और गानों के मामले में केंद्र सरकार के निर्देशों का पूरी तरह पालन करना चाहिए।
जम्मू-कश्मीर: वंदे मातरम् के छंदों पर कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस में ठनी
दूसरी ओर, जम्मू-कश्मीर में ‘वंदे मातरम्’ के सभी छह छंदों को गाए जाने के मुद्दे पर सत्तारूढ़ गठबंधन के दो अहम दल— कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) आमने-सामने आ गए हैं।
श्रीनगर फिल्म फेस्टिवल विवाद: हाल ही में श्रीनगर में आयोजित एक फिल्म फेस्टिवल के दौरान ‘वंदे मातरम्’ के सभी छह छंद गाए गए थे, जिस पर कांग्रेस ने आपत्ति जताई थी। कांग्रेस नेता के.सी. वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि नेशनल कॉन्फ्रेंस को कांग्रेस के प्रस्ताव (रेजोल्यूशन) का सम्मान करना चाहिए।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का बयान: इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सवालिया लहजे में कहा था कि क्या कांग्रेस यह चाहती है कि यहां के लोग जेल चले जाएं?
कांग्रेस का पलटवार: मुख्यमंत्री के इस बयान पर तीखा रुख अपनाते हुए जम्मू-कश्मीर कांग्रेस अध्यक्ष तारिक हामिद कर्रा ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इसमें आम जनता की बात कहां से आ गई, हमारी उम्मीदें सीधे तौर पर जम्मू-कश्मीर सरकार से हैं। जनता का इससे कोई लेना-देना नहीं है, और सरकार से यह अपेक्षा की जाती है कि कम से कम ‘वंदे मातरम्’ के गायन के समय सम्मानस्वरूप खड़ा रहा जाए।
