“सरकार झुकती है, झुकाने वाला चाहिए”: एंटी पेपर लीक बिल पर अखिलेश यादव का केंद्र पर जोरदार हमला
“सरकार झुकती है, झुकाने वाला चाहिए”: एंटी पेपर लीक बिल पर अखिलेश यादव का केंद्र पर जोरदार हमला
लोकसभा में ‘पब्लिक एग्ज़ामिनेशन्स (अनफेयर मीन्स प्रिवेंशन) अमेंडमेंट बिल, 2026’ पर चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने पेपर लीक मामले को लेकर प्रदर्शनकारी छात्रों की सराहना करते हुए कहा कि युवाओं के आंदोलन ने सरकार के अहंकार को तोड़ा है, जिसके कारण पूर्व केंद्रीय मंत्री को अपना पद छोड़ना पड़ा।
”नई पीढ़ी ने तोड़ा सरकार का अहंकार”
अखिलेश यादव ने सदन में अपने संबोधन की शुरुआत जंतर-मंतर पर हुए हालिया छात्र आंदोलनों का जिक्र करते हुए की। उन्होंने कहा:
छात्रों की जीत: “मैं इस आंदोलन को बहुत करीब से देख रहा था। जीत के बाद एक नारा लगा था कि ‘सरकार झुकती है, झुकाने वाला चाहिए’। सरकार को यह अहंकार था कि वह कभी नहीं झुकती, लेकिन इस नई पीढ़ी के युवाओं ने अपनी एकजुटता से सरकार को झुका कर दिखाया।”
मुआवजे की मांग: अखिलेश यादव ने मांग की कि सरकार नीट (NEET) परीक्षा से जुड़ी धांधली और मानसिक तनाव के कारण सुसाइड करने वाले बेकसूर बच्चों के परिवारों को उचित मुआवजा दे। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार प्रदर्शनकारियों की इन मांगों को स्वीकार करेगी।
2024 के कानून पर सवाल: उन्होंने कहा कि सरकार 2024 में भी एंटी पेपर लीक बिल लेकर आई थी, लेकिन उसके बाद भी नीट जैसी बड़ी परीक्षा का पेपर लीक कैसे हो गया? यह सरकार की नीयत और नीति दोनों पर सवाल उठाता है।
नफरत की राजनीति और जौहर यूनिवर्सिटी का मुद्दा
सपा प्रमुख ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर नकारात्मक और नफरत की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने नकारात्मक प्रचार के लिए हजारों करोड़ रुपये खर्च किए हैं।
उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था और संस्थानों का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा:
निजी यूनिवर्सिटी पर कार्रवाई का आरोप: बीजेपी सरकार ने खुद कोई बड़ी सरकारी यूनिवर्सिटी तो बनाई नहीं, लेकिन उत्तर प्रदेश में एक स्वतंत्रता सेनानी के नाम पर जो यूनिवर्सिटी बनकर तैयार हुई थी, उस पर यह सरकार ‘हथौड़ा लेकर उसे तोड़ने की कोशिश’ कर रही है।
संस्थाओं को निशाना बनाने की नीति: उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा का स्तर सुधारने के बजाय राजनीतिक द्वेष के चलते तैयार शिक्षा संस्थानों को ध्वस्त करने में लगी हुई है।
