टीएमसी में बढ़ी अंदरूनी कलह की चर्चा, 19 सांसदों के बागी होने का दावा
टीएमसी में बढ़ी अंदरूनी कलह की चर्चा, 19 सांसदों के बागी होने का दावा
कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को लेकर नए राजनीतिक दावे सामने आए हैं। कुछ रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि पार्टी के 19 सांसदों ने नेतृत्व के खिलाफ नाराजगी जताते हुए अलग रुख अपनाया है। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और टीएमसी की ओर से भी इस संबंध में विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
19 सांसदों के नाम सामने आने का दावा
रिपोर्टों के अनुसार, जिन सांसदों के नाम कथित बागी खेमे में शामिल बताए जा रहे हैं, उनमें यूसुफ पठान, शत्रुघ्न सिन्हा, सयोनी घोष, काकोली घोष दस्तीदार, माला रॉय, शताब्दी रॉय और रचना बनर्जी समेत कई अन्य सांसदों के नाम शामिल बताए जा रहे हैं।
सयोनी घोष का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में
कथित बागी सूची में सयोनी घोष का नाम सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में सबसे अधिक चर्चा इसी को लेकर हो रही है। सयोनी घोष को टीएमसी के युवा चेहरों में गिना जाता है और उन्होंने 2021 में पार्टी जॉइन करने के बाद तेजी से संगठन में अपनी पहचान बनाई थी।
उन्हें पार्टी की युवा इकाई में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई थी और बंगाल की राजनीति में उन्हें उभरते नेतृत्व के रूप में देखा जाता रहा है।
यूसुफ पठान और शत्रुघ्न सिन्हा भी चर्चा में
पूर्व भारतीय क्रिकेटर यूसुफ पठान और अभिनेता-राजनेता शत्रुघ्न सिन्हा के नाम भी कथित बागी सांसदों की सूची में शामिल बताए जा रहे हैं।
यूसुफ पठान ने 2024 लोकसभा चुनाव में बेहरामपुर सीट से जीत दर्ज की थी, जबकि शत्रुघ्न सिन्हा आसनसोल से सांसद हैं और 2022 में टीएमसी में शामिल हुए थे।
बीजेपी नेताओं से मुलाकात के दावे
कुछ रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि कई असंतुष्ट सांसदों ने भाजपा नेता भूपेंद्र यादव से मुलाकात की थी। इस बैठक में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के मौजूद रहने का भी दावा किया जा रहा है।
इसके अलावा यह भी कहा जा रहा है कि कुछ सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर एनडीए को समर्थन देने की इच्छा जताई है और अलग संसदीय समूह बनाने की कोशिश की है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
काकोली घोष दस्तीदार को नेता चुनने का दावा
रिपोर्टों के मुताबिक, कथित असंतुष्ट सांसदों ने काकोली घोष दस्तीदार को अपना नेता चुना है। बताया जा रहा है कि उन्होंने पार्टी की कार्यशैली और नीतियों को लेकर असंतोष जताया है।
आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
फिलहाल, इन सभी दावों को लेकर आधिकारिक स्थिति स्पष्ट नहीं है। टीएमसी, लोकसभा सचिवालय या चुनाव आयोग की ओर से ऐसी किसी औपचारिक टूट या अलग संसदीय दल को मान्यता मिलने की पुष्टि सामने नहीं आई है। इसलिए इन घटनाक्रमों को राजनीतिक दावों और रिपोर्टों के रूप में ही देखा जाना चाहिए, जब तक कि संबंधित पक्षों द्वारा आधिकारिक घोषणा न की जाए।
