छात्रों पर कार्रवाई के खिलाफ CJP का अल्टीमेटम: मांगें न पूरी होने पर फिर से जंतर-मंतर पर अनशन की चेतावनी
छात्रों पर कार्रवाई के खिलाफ CJP का अल्टीमेटम: मांगें न पूरी होने पर फिर से जंतर-मंतर पर अनशन की चेतावनी
25 जुलाई को सरकार के साथ हुए समझौते के बाद जंतर-मंतर से धरना खत्म करने वाली कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने एक बार फिर से देशव्यापी आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है। CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर और प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर केंद्र सरकार को अल्टीमेटम दिया है।
उन्होंने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह को टैग करते हुए आरोप लगाया कि समझौते की शर्तों का पालन नहीं किया जा रहा है।
CJP के मुख्य आरोप और मांगें
कार्रवाई और हिरासत का आरोप: CJP का कहना है कि समझौते में तय हुआ था कि आंदोलनकारी छात्रों पर कोई पुलिस कार्रवाई नहीं होगी, लेकिन इसके बावजूद बिहार, पश्चिम बंगाल और दिल्ली-एनसीआर में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने, सर्विलांस करने और परेशान करने की खबरें आई हैं।
दर्ज केस वापस हों: संगठन ने मांग की है कि प्रदर्शन में शामिल छात्रों व स्वयंसेवकों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर (FIR) तुरंत रद्द की जाएं और भविष्य में भी कोई मुकदमा दर्ज न किया जाए।
लिखित समझौते की प्रति: प्रेस कॉन्फ्रेंस में आशुतोष रांका और सौरभ दास ने कहा कि तीसरे दौर की बातचीत में तय हुए मसौदे और समझौते की हस्ताक्षरित लिखित कॉपी सरकार बुधवार तक सौंपे।
”मांगें नहीं मानीं तो फिर शुरू होगा आंदोलन”
आशुतोष रांका ने स्पष्ट किया कि यदि हिरासत में लिए गए छात्रों को तुरंत रिहा नहीं किया गया, दर्ज मामले वापस नहीं लिए गए और सरकार ने लिखित जवाब नहीं दिया, तो CJP के कार्यकर्ता और छात्र दोबारा जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
उल्लेखनीय है कि 25 जुलाई को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा व डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ वार्ता के बाद ही CJP और सोनम वांगचुक ने अपना 37 दिनों से जारी आंदोलन व अनशन समाप्त किया था।
