हॉकी इंडिया में बड़ा प्रशासनिक विवाद: महानिदेशक कमांडर आरके श्रीवास्तव को कारण बताओ नोटिस, सभी अधिकार छीने
हॉकी इंडिया में बड़ा प्रशासनिक विवाद: महानिदेशक कमांडर आरके श्रीवास्तव को कारण बताओ नोटिस, सभी अधिकार छीने
भारतीय हॉकी महासंघ (हॉकी इंडिया) में आंतरिक कलह और प्रशासनिक स्तर पर बड़ा भूचाल आ गया है। हॉकी इंडिया ने अपने महानिदेशक (DG) कमांडर आरके श्रीवास्तव को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए उनके सभी प्रशासनिक अधिकार तत्काल प्रभाव से वापस ले लिए हैं। हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की की तरफ से भेजे गए इस नोटिस में श्रीवास्तव पर कुल आठ गंभीर आरोप लगाए गए हैं और उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए 4 सप्ताह का समय दिया गया है।
1. प्रमुख आरोप: बिना अनुमति जर्सी का रंग बदलना
नीली से नारंगी जर्सी: न्यूज एजेंसी पीटीआई (PTI) के अनुसार, महानिदेशक पर सबसे बड़ा आरोप भारतीय हॉकी टीम की पारंपरिक नीली जर्सी को बिना किसी पूर्व अनुमति के नारंगी (ऑरेंज) रंग में बदलने का है।
अधिकारियों की अनदेखी: इस अहम बदलाव से पहले हॉकी इंडिया के अध्यक्ष या कार्यकारी समिति से कोई सलाह नहीं ली गई और बार-बार मांगने पर भी इस फैसले से जुड़े आधिकारिक दस्तावेज या मंजूरी पेश नहीं किए गए।
विवाद की वजह: भारतीय टीम ने नीदरलैंड और बेल्जियम में हुए FIH वर्ल्ड कप के दौरान इसी नारंगी किट को पहनकर मैच खेले थे। तर्क यह दिया गया था कि नीले टर्फ पर नीली जर्सी में खिलाड़ियों को पहचानने में दिक्कत होती है, लेकिन इस फैसले का हॉकी जगत में भारी विरोध हुआ और अध्यक्ष दिलीप तिर्की ने भी इसका खुलकर विरोध किया था।
2. अन्य गंभीर आरोप और आदेशों की अवहेलना
निर्देशों की अनदेखी: दूसरा मुख्य आरोप अध्यक्ष के स्पष्ट निर्देशों की अनदेखी कर विश्व कप के दौरान नीदरलैंड और बेल्जियम की यात्रा करना है, जबकि उन्हें भारत में रहकर ‘हॉकी इंडिया लीग’ (HIL) की तैयारियों पर ध्यान केंद्रित करने को कहा गया था।
अन्य मनमानी के मामले: इसके अलावा उन पर पीआर (PR) एजेंसी पर प्रतिबंध लगाने, खिलाड़ियों के साथ दुर्व्यवहार करने, मुख्य कोच क्रेग फुल्टन से विवाद और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं (जैसे FIH और AHF) से बिना अनुमति पत्राचार या बातचीत करने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।
3. आगे की कार्रवाई
हॉकी इंडिया द्वारा दिए गए चार हफ्ते के भीतर संतोषजनक जवाब न मिलने की स्थिति में उपलब्ध रिकॉर्ड्स के आधार पर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस घटनाक्रम से भारतीय खेल प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
