Saturday, September 12, 2026
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ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना: निर्माण कार्य में एक और बड़ी सफलता, 10.847 किमी लंबी एस्केप टनल-1 का सफल ब्रेकथ्रू

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना: निर्माण कार्य में एक और बड़ी सफलता, 10.847 किमी लंबी एस्केप टनल-1 का सफल ब्रेकथ्रू

​उत्तराखंड की महत्वाकांक्षी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग नई ब्रॉडगेज रेल लाइन परियोजना के निर्माण में एक और ऐतिहासिक मील का पत्थर हासिल हुआ है। रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL) के ऋषिकेश PIU द्वारा इस परियोजना की दूसरी सबसे लंबी एस्केप टनल-1 का अंतिम ब्रेकथ्रू सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। इसके साथ ही इस पूरी परियोजना में अब तक कुल 41 टनल ब्रेकथ्रू पूरे हो चुके हैं।

​1. एस्केप टनल-1 की मुख्य विशेषताएँ और इंजीनियरिंग चुनौतियाँ:

​लंबाई और स्थिति: यह टनल 10.847 किलोमीटर लंबी है, जो पूरी तरह से आरपार जुड़ चुकी है और यह इस संपूर्ण रेल परियोजना की दूसरी सबसे लंबी टनल है।

​बेहद जटिल भौगोलिक परिस्थितियाँ: इस टनल का निर्माण अत्यंत चुनौतीपूर्ण हिमालयी भू-भाग में किया गया है। यह क्षेत्र अत्यधिक टेक्टोनाइज्ड (Highly Tectonized), बहु-वलित (Multi-folded) और व्यापक रूप से फॉल्टेड (Extensively Faulted) रॉक मास से होकर गुजरता है।

​मायलोनाइट जोन की चुनौती: ‘मेन बाउंड्री थ्रस्ट’ (MBT) के पास स्थित होने के कारण यहाँ बड़े पैमाने पर शियरिंग, अत्यधिक क्रश्ड रॉक और मोटे मायलोनाइट जोन (Mylonite Zones) जैसी विकट परिस्थितियाँ सामने आईं।

​2. टीमवर्क और तकनीकी दक्षता की जीत:

​ऐसी कठिन और जोखिम भरी भूगर्भीय बाधाओं के बावजूद टनल की खुदाई का कार्य पूरा करना रेलवे अधिकारियों, इंजीनियरों, तकनीकी विशेषज्ञों, ठेकेदारों और समर्पित श्रमिकों के अथक प्रयास, उत्कृष्ट टीमवर्क और असाधारण तकनीकी दक्षता का प्रमाण है।

​3. परियोजना की वर्तमान स्थिति और आगामी लक्ष्य:

​ब्रेकथ्रू के आंकड़े: इस नवीनतम उपलब्धि के साथ परियोजना में अब तक कुल 41 ब्रेकथ्रू पूरे हो चुके हैं।

​शेष कार्य: सुरंग निर्माण से जुड़े शेष पाँच ब्रेकथ्रू आगामी एक वर्ष के भीतर पूरे होने की पूरी संभावना है।

​रणनीतिक महत्व: यह सफलता न केवल एक बड़ी इंजीनियरिंग उपलब्धि है, बल्कि दुर्गम हिमालयी क्षेत्र में आधुनिक, सुरक्षित और सुगम रेल संपर्क स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

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