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20 और 22 जुलाई की हिंसा पर दिल्ली पुलिस का बड़ा खुलासा: 100 CCTV वीडियो और FRS से 2,873 असामाजिक तत्वों की पहचान

20 और 22 जुलाई की हिंसा पर दिल्ली पुलिस का बड़ा खुलासा: 100 CCTV वीडियो और FRS से 2,873 असामाजिक तत्वों की पहचान

​दिल्ली में नीट पेपर लीक विरोधी प्रदर्शनों के दौरान 20 और 22 जुलाई को हुई हिंसा के मामले में दिल्ली पुलिस ने जांच को तेज कर दिया है। पुलिस के मुताबिक, लगभग 100 CCTV वीडियो इस जांच का हिस्सा हैं। इन फुटेज के आधार पर उपद्रवियों की शिनाख्त की जा रही है और कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।

​अलग-अलग इलाकों के CCTV फुटेज में क्या आया सामने?

​पुलिस द्वारा खंगाले जा रहे वीडियो फुटेज में भीड़ द्वारा बैरिकेड तोड़ने, पुलिसकर्मियों पर हमले, वाहनों में तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं रिकॉर्ड हुई हैं:

​रायसीना रोड व संसद मार्ग (20 जुलाई): बैरिकेड्स तोड़कर आगे बढ़ती उग्र भीड़ और पुलिस बल पर जमकर पथराव के दृश्य।

​जनपथ (20 जुलाई): पुलिस वाहनों पर पथराव, गाड़ियों में तोड़फोड़ और एक पुलिसकर्मी के अंदर बैठे होने के बावजूद वाहन को पलटने का प्रयास।

​रजिस्ट्रार सोसायटी कार्यालय (20 जुलाई): कार्यालय में तोड़फोड़ कर सामान बाहर फेंकने की घटनाएं।

​कनॉट प्लेस व रीगल सिनेमा (20 जुलाई): सार्वजनिक और निजी वाहनों में तोड़फोड़, बसों को क्षति पहुँचाना और भारी पथराव।

​टॉलस्टॉय मार्ग व जंतर-मंतर (20 जुलाई): एक वाहन को आग लगाने, बसों को पंचर करने और आगजनी के लिए भीड़ को उकसाने वाले ऑडियो/वीडियो साक्ष्य।

​पुलिसकर्मियों पर हमले (22 जुलाई): संसद मार्ग पर पुलिसकर्मियों को घेरकर पीटने, इंस्पेक्टर नंदकिशोर पर हमला और एसीपी विवेक भगत के साथ मारपीट के फुटेज।

​हिंसा में हुए नुकसान का ब्योरा

​दिल्ली पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, इस हिंसा में भारी नुकसान हुआ है:

​घायल पुलिसकर्मी: लगभग 200 पुलिसकर्मी व RAF के जवान घायल हुए।

​घायल प्रदर्शनकारी: 60 से अधिक प्रदर्शनकारियों को भी चोटें आईं।

​संपत्ति का नुकसान: 15 पुलिस वाहनों सहित कई अन्य सार्वजनिक व निजी गाड़ियों में तोड़फोड़ और आगजनी की गई।

​FRS तकनीक से खुलासा: 2,873 का मिला आपराधिक इतिहास

​दिल्ली पुलिस ने अत्याधुनिक फेस रिकॉग्निशन सिस्टम (FRS) की मदद से प्रदर्शन स्थल पर मौजूद भीड़ का मिलान जब अपने क्रिमिनल डेटाबेस से किया, तो चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए। इस प्रदर्शन में 2,873 ऐसे लोग मौजूद पाए गए, जिनका पहले से गंभीर आपराधिक रिकॉर्ड रहा है।

​अपराधवार FRS से पहचाने गए आरोपी:

​गंभीर आपराधिक इतिहास: 989 लोगों पर बेहद गंभीर धाराओं में मामले दर्ज हैं।

​हत्या (302): 101 आरोपी (जिनमें से 42 पर दो या उससे अधिक और 12 पर 10 से अधिक केस हैं)।

​हत्या का प्रयास (307): 62 आरोपी।

​डकैती व लूट: 284 आरोपी (जिनमें से 155 पर दो या उससे अधिक और 31 पर 10 से अधिक मामले हैं)।

​दुष्कर्म (रेप) व पॉक्सो (POCSO): 61 आरोपी रेप और 6 आरोपी पॉक्सो एक्ट के तहत नामजद रहे हैं।

​अन्य अपराध: महिलाओं से छेड़छाड़ (25), आर्म्स एक्ट (229), स्नैचिंग (135), एनडीपीएस/ड्रग्स (67), और अपहरण (19)।

​दिल्ली पुलिस का कहना है कि इन CCTV फुटेज और FRS रिपोर्ट को कोर्ट में डिजिटल सबूत के तौर पर पेश किया जाएगा, और हिंसा में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

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