राजनीति

संसद में पेश हुआ ‘पब्लिक एग्जामिनेशन संशोधन विधेयक, 2026’: कड़े प्रावधानों के साथ विपक्ष का हंगामा

संसद में पेश हुआ ‘पब्लिक एग्जामिनेशन संशोधन विधेयक, 2026’: कड़े प्रावधानों के साथ विपक्ष का हंगामा

​देश भर में पेपर लीक के बढ़ते मामलों के बीच केंद्र सरकार ने लोकसभा में ‘पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) अमेंडमेंट बिल, 2026’ पेश किया है। DoPT राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह द्वारा लाए गए इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य 2024 के कानून में जरूरी संशोधन कर परीक्षा प्रणाली में कड़ाई और पारदर्शिता लाना है।

​हालाँकि, लोकसभा में विपक्ष के भारी हंगामे और नारेबाजी के कारण सदन की कार्यवाही को दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा। स्पीकर ओम बिरला ने विपक्षी सांसदों से तख्तियाँ दिखाने के बजाय सदन में चर्चा करने की अपील की।

​नए संशोधन बिल (2026) के मुख्य बिंदु और 2024 के कानून से अंतर

​सजा में बढ़ोतरी: 2024 के कानून में जहां 3 से 5 साल की जेल का प्रावधान था, वहीं नए बिल में इसे बढ़ाकर 5 से 10 साल कर दिया गया है। संगठित अपराधों के मामलों में कम से कम 7 साल की सजा होगी।

​भारी जुर्माना: पहले 10 लाख रुपये तक के जुर्माने का नियम था, जिसे अब बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये तक करने का प्रस्ताव है।

​जांच एजेंसी और समय-सीमा: सामान्य केंद्रीय एजेंसियों के बजाय मामलों की जांच के लिए समर्पित स्पेशल टास्क फोर्स (STF) का गठन होगा। जांच की कोई निश्चित समय-सीमा न होने की जगह अब 2 महीने (60 दिन) में जांच पूरी करना अनिवार्य होगा।

​फास्ट ट्रैक सुनवाई और फैसला: सामान्य अदालतों की जगह अब मामलों की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी, जहाँ 3 महीने (90 दिन) के भीतर फैसला सुनाया जाएगा।

​हाईकोर्ट में अपील की प्रक्रिया: हाईकोर्ट में अपील करने की समय-सीमा तय नहीं थी, जिसे अब 30 दिन कर दिया गया है। हाईकोर्ट को भी 3 महीने के भीतर अपना फैसला सुनाना होगा।

​पीएम मोदी का संवाद और ‘नंदन नीलेकणि समिति’

​प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार वीडियो संदेशों के जरिए देश के युवाओं से जुड़ रहे हैं। उन्होंने 26 जुलाई को दिए संदेश में नंदन नीलेकणि की अगुवाई में 6 सदस्यीय ‘हाई पावर टास्क फोर्स’ के गठन का ऐलान किया है। यह समिति सरकार को परीक्षा में तकनीक के जरिए पारदर्शिता लाने और लीकेज-प्रूफ सिस्टम बनाने के लिए सुझाव देगी।

​प्रशासनिक फेरबदल और अब तक हुई कार्रवाई

​NTA के 47 अधिकारी बर्खास्त: NTA में सुधार की प्रक्रिया के तहत 47 अधिकारियों को पद से हटा दिया गया है और उनके खिलाफ आपराधिक मामले भी दर्ज किए जाएंगे।

​नए शिक्षा मंत्री: जंतर-मंतर पर हुए व्यापक प्रदर्शनों के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है। उनकी जगह प्रह्लाद जोशी ने नए शिक्षा मंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाल ली है।

​दिल्ली पुलिस की STF: दिल्ली पुलिस ने UPSC से लेकर NTA तक देश की सभी प्रमुख परीक्षाओं में गड़बड़ी की जांच के लिए एक अलग STF बनाई है।

​राज्यसभा में ‘वंदे मातरम बिल’

​संसद के ऊपरी सदन (राज्यसभा) में गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय द्वारा लाया गया ‘वंदे मातरम बिल’ पारित कराने की तैयारी है। इस विधेयक के तहत राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ को भी वही आधिकारिक दर्जा और संवैधानिक सम्मान दिया जाएगा जो राष्ट्रगान को हासिल है, और इसके सार्वजनिक अपमान पर सजा का प्रावधान होगा।

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