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NEET प्रदर्शनों पर पुलिस कार्रवाई का मामला पहुँचा सुप्रीम कोर्ट: RJD सांसद मनोज झा ने दायर की याचिका, मंगलवार को होगी सुनवाई

NEET प्रदर्शनों पर पुलिस कार्रवाई का मामला पहुँचा सुप्रीम कोर्ट: RJD सांसद मनोज झा ने दायर की याचिका, मंगलवार को होगी सुनवाई

​राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राज्यसभा सांसद मनोज कुमार झा ने नीट (NEET) पेपर लीक के विरोध में देशभर में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित पुलिस बल प्रयोग और बर्बरता के खिलाफ उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) का रुख किया है। उन्होंने 20 जुलाई के बाद से देश के विभिन्न हिस्सों में हुए छात्र आंदोलनों के दौरान पुलिस ज्यादतियों की स्वतंत्र जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।

​सोमवार को वकील फौजिया शकील ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ के समक्ष इस याचिका का विशेष उल्लेख (Mentioning) किया। अदालत इस याचिका पर मंगलवार को अन्य संबंधित याचिकाओं के साथ सुनवाई करने पर सहमत हो गई है।

​याचिका की मुख्य वजह: सिवान (बिहार) में पुलिस फायरिंग

​याचिका में बिहार के सिवान जिले में हुई हिंसा का प्रमुखता से उल्लेख किया गया है। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) द्वारा नीट धांधली के खिलाफ बुलाए गए ‘बिहार बंद’ के दौरान भड़की हिंसा के बाद पुलिस ने फायरिंग की थी, जिसमें तीन प्रदर्शनकारी छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसके अलावा दिल्ली समेत अन्य राज्यों में हुई पुलिस कार्रवाई का विस्तृत ब्योरा कोर्ट को सौंपा गया है।

​सुप्रीम कोर्ट से की गई 5 प्रमुख मांगें

​FIR दर्ज हो: कथित पुलिस बर्बरता और अत्यधिक बल प्रयोग के मामलों में दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए।

​SIT जांच: हर प्रभावित राज्य में घटनाओं की निष्पक्ष जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया जाए।

​कड़ी कार्रवाई: दोषी अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक (Criminal) और विभागीय (Departmental) दोनों तरह की दंडात्मक कार्रवाई की जाए।

​मुआवजा व इलाज: पुलिस कार्रवाई में घायल हुए सभी छात्रों को उचित आर्थिक मुआवजा दिया जाए और उनके इलाज का पूरा खर्च सरकार उठाए।

​एक समान SOP: देश भर में शांतिपूर्ण छात्र प्रदर्शनों से निपटने के लिए एक जैसी मानक संचालन प्रक्रिया (Standard Operating Procedure – SOP) तैयार की जाए।

​NTA हटाने और परीक्षा सुधारों पर भी विचार करेगा कोर्ट

​इसी मुद्दे पर RJD सांसद सुधाकर सिंह ने भी एक अलग याचिका दाखिल की है। सुप्रीम कोर्ट ने आश्वासन दिया है कि नीट परीक्षा के आयोजन से नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को हटाने, भविष्य में कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) आयोजित करने और परीक्षा प्रणाली में अन्य बड़े संरचनात्मक सुधारों को लागू करने की मांगों पर भी विस्तार से विचार किया जाएगा।

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