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कॉकरोच जनता पार्टी के जश्न पर सियासत तेज: महेश जेठमलानी ने होटल पार्टी और फंडिंग को लेकर उठाए सवाल

कॉकरोच जनता पार्टी के जश्न पर सियासत तेज: महेश जेठमलानी ने होटल पार्टी और फंडिंग को लेकर उठाए सवाल

​दिल्ली के जंतर-मंतर पर लंबे समय तक चले विरोध प्रदर्शन के बाद अब ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) चर्चा के केंद्र में आ गई है। प्रदर्शन समाप्त होने के बाद CJP के नेताओं का एक होटल में जश्न मनाते और नाचते-गाते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील और नेता महेश जेठमलानी ने तीखा हमला बोला है।

​होटल पार्टी और फंडिंग पर उठे गंभीर सवाल

​सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रहे वीडियो को शेयर करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी ने सवाल उठाया कि क्या वाकई ऐसा हो रहा है कि CJP का नेतृत्व किसी होटल में जीत की पार्टी मना रहा है? उन्होंने पूछा कि दिल्ली में कई दिनों तक चले उग्र विरोध प्रदर्शन और तनाव के बाद इस तरह का जश्न क्या दर्शाता है?

​इसके साथ ही उन्होंने इस आंदोलन की वित्तीय पृष्ठभूमि पर बड़ा सवाल खड़ा करते हुए पूछा:

​यात्रा और खान-पान: इस पूरे आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों के ट्रैवल, खाने-पीने और रहने-सहने का खर्च किसने उठाया?

​लॉजिस्टिक्स और फंडिंग: राजधानी दिल्ली को हफ्तों तक उबाल पर रखने वाले इस आंदोलन के साजो-सामान (लॉजिस्टिक्स) और फाइनेंस की फंडिंग किसने की?

​पेपर लीक विरोध और धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा

​यह पूरा विवाद और विरोध प्रदर्शन मुख्य रूप से नीट (NEET) पेपर लीक और परीक्षा सुधारों की मांगों को लेकर शुरू हुआ था। जंतर-मंतर पर कई हफ्तों तक चले इस आंदोलन को उस समय और अधिक बल मिला जब सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी इसके समर्थन में उतर आए।

​लगातार बढ़ते दबाव और प्रदर्शनों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। सरकार के इस कदम के बाद CJP ने इसे अपनी बड़ी जीत करार दिया और जंतर-मंतर पर जश्न मनाने के बाद अपना धरना समाप्त करने की घोषणा की।

​प्रह्लाद जोशी ने संभाला शिक्षा मंत्रालय का जिम्मा

​धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद शिक्षा मंत्रालय की कमान अब प्रह्लाद जोशी को सौंप दी गई है। कार्यभार संभालते ही उन्होंने रविवार को वरिष्ठ अधिकारियों और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के प्रतिनिधियों के साथ एक उच्च-स्तरीय बैठक की, जिसमें शिक्षा मंत्रालय से जुड़े तमाम अहम मुद्दों पर विमर्श किया गया।

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