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इतिहास रचने को तैयार फीफा वर्ल्ड कप: पहली बार खेलेंगी 48 टीमें, 104 मैचों के साथ शुरू हो रहा है फुटबॉल का महाकुंभ

इतिहास रचने को तैयार फीफा वर्ल्ड कप: पहली बार खेलेंगी 48 टीमें, 104 मैचों के साथ शुरू हो रहा है फुटबॉल का महाकुंभ

​खेल डेस्क। फुटबॉल प्रेमियों के लिए साल 2026 का फीफा वर्ल्ड कप बेहद खास और ऐतिहासिक होने जा रहा है। ‘फीफा वर्ल्ड कप’ के इतिहास में पहली बार 48 टीमें इस महामुकाबले में हिस्सा लेने जा रही हैं। 11 जून से 19 जुलाई के बीच यह टूर्नामेंट संयुक्त रूप से यूएसए (अमेरिका), कनाडा और मैक्सिको की मेजबानी में खेला जाएगा। यह अब तक आयोजित होने वाला सबसे बड़ा फीफा वर्ल्ड कप होगा, जिसमें हिस्सा लेने वाले देशों के साथ-साथ मुकाबलों की संख्या भी पहले से कहीं अधिक होगी।

​32 की जगह अब 48 टीमें, बदलेगा टूर्नामेंट का फॉर्मेट

​अब तक की पुरानी प्रणाली के तहत, फीफा वर्ल्ड कप में 32 टीमें हिस्सा लेती थीं, जिन्हें चार-चार टीमों के 8 ग्रुप में बांटा जाता था। प्रत्येक ग्रुप की टॉप-2 टीमें सीधे नॉकआउट चरण यानी ‘राउंड ऑफ 16’ में पहुंचती थीं। लेकिन इस बार फीफा वर्ल्ड कप 2026 में टीमों की संख्या बढ़ाकर 48 कर दी गई है।

​इस नए बदलाव के तहत टीमों को चार-चार के 12 ग्रुप (ए से लेकर एल तक) में बांटा गया है। प्रत्येक टीम ग्रुप-चरण में अपने तीन मैच खेलेगी, जहां जीत पर 3 अंक, ड्रॉ पर 1 अंक और हार पर शून्य अंक मिलेंगे।

​शामिल होगा ‘राउंड ऑफ 32’ का नया नॉकआउट चरण

​इस बार नॉकआउट चरण की राह थोड़ी अलग होगी। प्रत्येक ग्रुप से टॉप-2 टीमें (कुल 24 टीमें) तो अगले दौर में प्रवेश करेंगी ही, साथ ही अपने-अपने ग्रुप में तीसरे स्थान पर रहने वाली 8 सर्वश्रेष्ठ टीमें भी अगले दौर के लिए क्वालीफाई करेंगी। इस तरह पहले जहां नॉकआउट चरण में 16 टीमें पहुंचती थीं, वहीं इस बार 32 टीमें प्रवेश करेंगी। इसके परिणामस्वरूप, टूर्नामेंट में अब एक अतिरिक्त नॉकआउट राउंड जोड़ा गया है, जिसे ‘राउंड ऑफ 32’ कहा जाएगा। इसके बाद क्रमशः ‘राउंड ऑफ 16’, क्वार्टर फाइनल, सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबले खेले जाएंगे।

​6 हफ्तों का रोमांच और रिकॉर्ड 104 मुकाबले

​टीमों की संख्या बढ़ने से मैचों का रोमांच भी दोगुना होने वाला है। पिछले फीफा वर्ल्ड कप तक कुल मुकाबलों की संख्या 64 होती थी, जिसे अब बढ़ाकर 104 कर दिया गया है। फुटबॉल का यह सबसे बड़ा उत्सव इस बार पूरे 6 हफ्तों तक चलेगा।

​स्लॉट की संख्या बढ़ने से कई ऐसे देशों का वर्ल्ड कप खेलने का सपना पूरा हुआ है, जो एक लंबे अंतराल के बाद इस बहुराष्ट्रीय टूर्नामेंट में वापसी कर रहे हैं। इराक पूरे 40 साल बाद इस टूर्नामेंट में लौट रहा है, वहीं स्कॉटलैंड 28 साल के लंबे इंतजार के बाद अपना पहला वर्ल्ड कप खेलेगा।

​3 देश, 16 स्टेडियम और मेजबानी का नया रिकॉर्ड

​फीफा वर्ल्ड कप 2026 के सभी मैच मेजबानी का अधिकार रखने वाले इन तीनों देशों के कुल 16 भव्य स्टेडियमों में खेले जाएंगे। इनमें से सबसे अधिक 11 स्टेडियम अमेरिका में, 3 मैक्सिको में और 2 कनाडा में स्थित हैं। सर्वाधिक मुकाबलों की मेजबानी करने वाला संयुक्त राज्य अमेरिका (यूएसए) ही इस बार के फाइनल मैच की मेजबानी भी करेगा।

​इसके साथ ही मैक्सिको के नाम एक अनोखा रिकॉर्ड दर्ज होने जा रहा है। मैक्सिको दुनिया का ऐसा पहला देश बन जाएगा, जो तीन अलग-अलग फीफा वर्ल्ड कप की मेजबानी कर चुका है। इससे पहले मैक्सिको ने साल 1970 और 1986 में भी इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट की सफल मेजबानी की थी।

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