BCCI के नए नियम: घरेलू क्रिकेट में जानबूझकर नो-बॉल फेंकने पर पूरे मैच से बैन, जानें 5 बड़े बदलाव
BCCI के नए नियम: घरेलू क्रिकेट में जानबूझकर नो-बॉल फेंकने पर पूरे मैच से बैन, जानें 5 बड़े बदलाव
नई दिल्ली: भारतीय घरेलू क्रिकेट को अधिक पारदर्शी, प्रतिस्पर्धी और निष्पक्ष बनाने के लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने 2026-27 सत्र से पहले नियमों में कड़े संशोधन किए हैं। मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब (MCC) की सिफारिशों पर आधारित ये नए नियम आगामी दलीप ट्रॉफी से प्रभावी होंगे। बोर्ड ने सभी राज्य क्रिकेट संघों को इसका सर्कुलर जारी कर दिया है।
आइए जानते हैं BCCI द्वारा किए गए 5 प्रमुख बदलाव:
1. जानबूझकर नो-बॉल फेंकने पर ‘पूरे मैच’ से बैन
अब तक यदि कोई गेंदबाज जानबूझकर फ्रंट-फुट नो-बॉल या बीमर (बिना पिच पर गिरे सीधे बल्लेबाज तक पहुंचने वाली गेंद) फेंकता था, तो उसे केवल उस पारी में आगे गेंदबाजी करने से रोका जाता था।
नया नियम: अब ऐसे गेंदबाज को पूरे मैच से निलंबित (बैन) कर दिया जाएगा।
अंतिम निर्णय: गेंद जानबूझकर फेंकी गई थी या नहीं, इसका अंतिम फैसला मैदान पर मौजूद अंपायर ही करेंगे।
2. दिन का आखिरी ओवर हर हाल में होगा पूरा
पुराने नियमों के अनुसार, यदि दिन के खेल के अंतिम ओवर के बीच में कोई विकेट गिर जाता था, तो वहीं स्टंप्स (दिन का खेल समाप्त) की घोषणा कर दी जाती थी।
नया नियम: अब चाहे अंतिम ओवर में विकेट गिरे या न गिरे, आखिरी ओवर हर हाल में पूरा कराया जाएगा। इसका उद्देश्य नई बल्लेबाजी जोड़ी को दिन के अंत में क्रीज पर उतरने का मौका देना है।
3. अंतिम पारी घोषित करने पर रोक
अक्सर टीमें मैच का बनावटी परिणाम निकालने के लिए अंतिम पारी घोषित (Declare) कर देती थीं या पारी छोड़ (Forfeit) देती थीं।
नया नियम: नियम 15.2 में संशोधन करते हुए अब मैच की अंतिम पारी में पारी घोषित करने या फॉरफिट करने के विकल्प को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है, ताकि खेल की भावना (Spirit of Cricket) बनी रहे।
4. ड्रिंक्स ब्रेक में हेड कोच को मैदान पर जाने की इजाजत
नया नियम: घरेलू वनडे (50 ओवर) मुकाबलों में अब टीम के मुख्य कोच ड्रिंक्स ब्रेक के दौरान मैदान पर जाकर खिलाड़ियों से बातचीत व रणनीति साझा कर सकेंगे। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ICC भी इस बदलाव को लागू करने पर विचार कर रही है।
5. विकेटकीपरों के दस्तानों से जुड़ा नियम आसान
पहले गेंदबाज का रन-अप शुरू होते ही विकेटकीपर के दस्ताने स्टंप्स के पीछे होना अनिवार्य था, जिससे कई बार छोटी गलतियों पर गेंद नो-बॉल हो जाती थी या स्टंपिंग अमान्य करार दी जाती थी।
नया नियम: अब केवल गेंद डिलीवर होने (छूटने) के समय ही विकेटकीपर के दस्ताने स्टंप्स के पीछे होना पर्याप्त माना जाएगा।
तैयारियों पर जोर: BCCI ने राज्य संघों को निर्देश दिया है कि दलीप ट्रॉफी से शुरू हो रहे नए सत्र से पहले अंपायरों और मैच रेफरियों के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, ताकि इन नए नियमों का सही और सुचारू कार्यान्वयन सुनिश्चित हो सके।
