NEET पेपर लीक पर घमासान: जेपी नड्डा का पलटवार, कहा— ‘राहुल गांधी कर रहे राजनीति, सरकार संसद में चर्चा को पूरी तरह तैयार’
NEET पेपर लीक पर घमासान: जेपी नड्डा का पलटवार, कहा— ‘राहुल गांधी कर रहे राजनीति, सरकार संसद में चर्चा को पूरी तरह तैयार’
नई दिल्ली: NEET पेपर लीक और दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर जारी भारी राजनीतिक उठापटक के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विपक्ष, विशेषकर राहुल गांधी और कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष इतने संवेदनशील और लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दे पर सिर्फ “राजनीतिक लाभ” लेने के लिए राजनीति कर रहा है।
जेपी नड्डा की प्रेस कॉन्फ्रेंस के मुख्य बिंदु
150 पेपर लीक मामलों की होगी जांच: जेपी नड्डा ने कहा कि राहुल गांधी ने संसद में करीब 150 पेपर लीक मामलों का उल्लेख किया है। सरकार इन सभी मामलों की गहनता से जांच कराएगी और सच को देश के सामने पारदर्शी तरीके से लाएगी।
’गोल पोस्ट’ न बदले विपक्ष: केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पेपर लीक एक बेहद गंभीर समस्या है, लेकिन राहुल गांधी इस पर गंभीर नहीं दिख रहे हैं। वे आए दिन नई-नई शर्तें रखकर चर्चा से भाग रहे हैं। विपक्ष को बार-बार अपना ‘गोल पोस्ट’ नहीं बदलना चाहिए और संसद के भीतर आकर गंभीर बहस में हिस्सा लेना चाहिए।
छात्रों के भविष्य की चिंता संयुक्त जिम्मेदारी: नड्डा ने रेखांकित किया कि देश के युवा और बच्चे ही भारत का भविष्य हैं। उनके भविष्य को सुरक्षित करना केवल सरकार ही नहीं, बल्कि विपक्ष की भी उतनी ही बड़ी जिम्मेदारी है। समाधान हंगामे से नहीं, बल्कि बातचीत और साझा प्रयासों से ही निकलेगा।
सोनम वांगचुक से मुलाकात और अनशन समाप्त करने का आग्रह
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जेपी नड्डा ने पर्यावरण व सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से अपनी मुलाकात की भी जानकारी दी:
मेदांता अस्पताल में मुलाकात: दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश के बाद सफदरजंग से गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल शिफ्ट किए गए सोनम वांगचुक से मिलने जेपी नड्डा और केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह अस्पताल पहुंचे।
अनशन खत्म करने की अपील: नड्डा ने सोनम वांगचुक का हालचाल जाना और उनसे अपना लंबे समय से जारी अनशन समाप्त करने की अपील की।
ओपन लेटर का जवाब और चर्चा का भरोसा: उन्होंने वांगचुक को आश्वासन दिया कि सरकार उनके द्वारा उठाए गए सभी विषयों और ‘ओपन लेटर’ पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार संसद के भीतर किसी भी मुद्दे और शिक्षा सुधारों पर खुलकर चर्चा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
