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दिल्ली सूखी क्यों? मॉनसून देश भर में सक्रिय, लेकिन राजधानी में बारिश कम – IMD के अनुसार वजहें

दिल्ली सूखी क्यों? मॉनसून देश भर में सक्रिय, लेकिन राजधानी में बारिश कम – IMD के अनुसार वजहें

नई दिल्ली, 23 जुलाई 2026 – पूरे देश में मॉनसून जोरों पर है। मध्य भारत, पूर्वी राज्य, पश्चिमी घाट और उत्तर-पूर्व में भारी बारिश हो रही है, लेकिन दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में बारिश अपेक्षा से कम है। IMD के आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई में दिल्ली में कुछ स्पेल्स आई हैं, लेकिन कुल मिलाकर मौसम अभी पूरी तरह स्थिर नहीं हुआ है।

दिल्ली में बारिश की स्थिति (जुलाई 2026 तक)

दिल्ली में जुलाई में औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है (कुछ रिपोर्ट्स में 220 mm+), लेकिन शुरुआती जून-जुलाई में काफी देरी और कमी रही।

हाल के दिनों में हल्की-मध्यम बारिश और आंधी के साथ राहत मिली है, लेकिन लगातार और भारी बारिश नहीं हुई।

IMD ने येलो अलर्ट जारी किया है – अगले कुछ दिनों में छिटपुट बारिश संभव।

दिल्ली सूखी रहने की मुख्य वजहें

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार कई फैक्टर एक साथ काम कर रहे हैं:

मानसून ट्रफ की स्थिति: मानसून ट्रफ (निम्न दबाव की रेखा) मुख्य रूप से मध्य भारत (गुजरात से ओडिशा तक) पर बनी हुई है। यह उत्तर की ओर शिफ्ट नहीं हो पाई, जिससे नमी वाले बादल दिल्ली तक कम पहुंच रहे हैं।

बंगाल की खाड़ी में कमजोर सिस्टम: आमतौर पर यहां लो-प्रेशर सिस्टम बनते हैं जो नमी खींचते हैं। इस बार ये सिस्टम कमजोर या अनुपस्थित रहे, जिससे उत्तर-पश्चिम में बारिश प्रभावित हुई।

एल नीनो का प्रभाव: पैसिफिक महासागर में गर्म पानी (एल नीनो) के कारण मॉनसून की ताकत कम हुई। इससे कुल बारिश औसत से कम रहने की आशंका बनी हुई है।

पश्चिमी विक्षोभ और शुष्क हवाएं: पाकिस्तान-राजस्थान की ओर से शुष्क पछुआ हवाएं आ रही हैं, जो नमी को रोक रही हैं। वेस्टर्न डिस्टर्बेंस भी पर्याप्त मजबूत नहीं।

स्थानीय फैक्टर: दिल्ली-एनसीआर में शहरी गर्मी (अर्बन हीट आइलैंड) और क्लाउड फॉर्मेशन का पैटर्न बदलने से बारिश अब ज्यादा लोकलाइज्ड (एक जगह पर) हो रही है।

आगे क्या?

IMD के मुताबिक, अगले 3-4 दिनों में दिल्ली-एनसीआर में छिटपुट बारिश और आंधी संभव है। कुछ जगहों पर भारी बारिश भी हो सकती है।

पूरा मानसून सिस्टम सक्रिय होने पर अगले हफ्ते बेहतर बारिश की उम्मीद।

देश के बाकी हिस्सों (MP, UP, राजस्थान, महाराष्ट्र आदि) में भारी बारिश जारी रहेगी।

निष्कर्ष: मॉनसून की गति असमान है – यही इसकी प्रकृति है। दिल्ली में उमस भरा मौसम बना हुआ है, लेकिन जल्द राहत मिलने की संभावना है। किसानों और आम लोगों को पानी की कमी का सामना करना पड़ रहा है, जबकि कुछ राज्यों में बाढ़ जैसी स्थिति है। IMD लगातार निगरानी कर रहा है।

सावधानी: भारी बारिश वाले अलर्ट वाले दिनों में यातायात और जलभराव से सतर्क रहें।

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