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नाग पंचमी 2026: कब है नाग पंचमी? जानें पूजा का शुभ मुहूर्त, मंत्र, पूजा विधि और महत्व

नाग पंचमी 2026: कब है नाग पंचमी? जानें पूजा का शुभ मुहूर्त, मंत्र, पूजा विधि और महत्व

नई दिल्ली, 23 जुलाई 2026 – हिंदू पंचांग के अनुसार, नाग पंचमी सावन (श्रावण) मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाई जाती है। यह त्योहार सर्प देवताओं की पूजा के लिए जाना जाता है।

नाग पंचमी 2026 तिथि और शुभ मुहूर्त

नाग पंचमी की तारीख: 17 अगस्त 2026, सोमवार (उदया तिथि के आधार पर)।

पंचमी तिथि: 16 अगस्त 2026 शाम 04:52 बजे से शुरू, 17 अगस्त 2026 शाम 05:00 बजे तक।

पूजा का शुभ मुहूर्त: सुबह 05:51 AM से 08:29 AM तक (लगभग 2 घंटे 38 मिनट)।

नोट: गुजरात आदि कुछ क्षेत्रों में अमांत कैलेंडर के कारण तिथि भिन्न (1 सितंबर) हो सकती है। स्थानीय पंचांग जांचें।

नाग पंचमी का महत्व

नाग पंचमी पर नाग देवताओं (अनंत, वासुकि, शेष, पद्म, महापद्म, तक्षक आदि) की पूजा की जाती है। मान्यता है कि:

इस दिन नागों की पूजा से कालसर्प दोष, राहु-केतु दोष और सर्प भय से मुक्ति मिलती है।

परिवार की रक्षा, समृद्धि, संतान सुख और स्वास्थ्य प्राप्त होता है।

भगवान शिव के गले में नागों का निवास होने से यह दिन शिव भक्ति के साथ जुड़ा है।

पौराणिक कथा: राजा जनमेजय के नाग यज्ञ के दौरान आस्तिक मुनि ने नागों की रक्षा की, जिसकी याद में यह त्योहार मनाया जाता है।

सावन सोमवार के साथ यह दिन 23 वर्ष बाद विशेष संयोग बना रहा है।

नाग पंचमी पूजा विधि

सुबह जल्दी उठकर स्नान करें, स्वच्छ वस्त्र पहनें।

घर या मंदिर में नाग देवता (चित्र, मूर्ति या चांदी/तांबे का नाग) की स्थापना करें।

पूजा सामग्री: दूध, हल्दी, अक्षत, फूल (कमल या अन्य), फल, मिठाई, कुशा, अगरबत्ती, दीपक।

शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र चढ़ाएं।

नाग देवता को दूध (प्रतीकात्मक रूप से, जीवित सांपों को न चढ़ाएं), हल्दी, फूल अर्पित करें।

व्रत कथा सुनें और आरती करें।

ब्राह्मण या गरीबों को दान दें।

ध्यान दें: इस दिन खेती-किसानी या मिट्टी खोदना, तवे पर भोजन बनाना आदि से बचें।

नाग पंचमी पूजा मंत्र

मुख्य मंत्र:

सर्वे नागाः प्रीयन्तां मे ये केचित् पृथ्वीतले।

ये च हेलिमरीचिस्था येऽन्तरे दिवि संस्थिताः॥

ये नदीषु महानागा ये सरस्वतिगामिनः।

ये च वापीतडगेषु तेषु सर्वेषु वै नमः॥

अन्य मंत्र: “ॐ नागदेवाय नमः”, “ॐ भुजंगेशाय विद्महे, सर्पराजाय धीमहि, तन्नो नागः प्रचोदयात्”। 108 बार जप करें।

नाग पंचमी शांति, सुरक्षा और धार्मिक भक्ति का प्रतीक है। इस शुभ अवसर पर पूजा-अर्चना कर नाग देवता की कृपा प्राप्त करें।

शुभ नाग पंचमी! 🐍🙏

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