राजनीति

कर्नाटक में डीके शिवकुमार की नई कैबिनेट पर दिल्ली में महामंथन, 4 डिप्टी सीएम फॉर्मूले पर फंसा पेंच

कर्नाटक में डीके शिवकुमार की नई कैबिनेट पर दिल्ली में महामंथन, 4 डिप्टी सीएम फॉर्मूले पर फंसा पेंच

​कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद के शपथ ग्रहण समारोह से पहले नई कैबिनेट के स्वरूप को लेकर बेंगलुरु से दिल्ली तक सियासी हलचल तेज हो गई है। राज्य के मनोनीत मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया एक विशेष चार्टर्ड विमान से एक साथ दिल्ली पहुंच रहे हैं। इस हाई-प्रोफाइल बैठक में शामिल होने के लिए उनके साथ पूर्व मंत्री केजे जॉर्ज, एचसी महादेवप्पा, सिद्धारमैया के बेटे यतींद्र सिद्धारमैया और विधायक एस पोनन्ना भी दिल्ली आ रहे हैं। दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान के साथ होने वाली इस बैठक में नई सरकार के चेहरों और मंत्रियों के विभागों पर अंतिम मुहर लगेगी।

​पुरानी कैबिनेट के दो दर्जन चेहरों की हो सकती है छुट्टी, 3 जून को पहला शपथ ग्रहण

​सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस आलाकमान ने डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया दोनों ही दिग्गजों से नए और संभावित चेहरों की एक लिस्ट मांगी है। इस बार कर्नाटक कैबिनेट में बड़े बदलाव के संकेत हैं:

​मंत्रियों की छुट्टी: माना जा रहा है कि पिछली सरकार के दो दर्जन से अधिक (24 से ज्यादा) मंत्रियों को इस बार नई कैबिनेट में जगह नहीं मिलेगी।

​पहला चरण: आगामी 3 जून को होने वाले मुख्य शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के साथ 9 से 14 मंत्री पद और गोपनीयता की शपथ ले सकते हैं।

​कैबिनेट विस्तार: बाकी बचे हुए मंत्री पदों को भरने के लिए आगामी राज्यसभा चुनाव के संपन्न होने का इंतजार किया जाएगा, जिसके बाद कैबिनेट का दूसरा विस्तार होगा।

​4 डिप्टी सीएम के फॉर्मूले पर अड़े डीके शिवकुमार

​इस पूरे दिल्ली दौरे और मंथन का सबसे बड़ा और संवेदनशील मुद्दा ‘डिप्टी सीएम’ (उपमुख्यमंत्री) के पदों को लेकर है। सूत्रों के हवाले से खबर है कि कांग्रेस आलाकमान कर्नाटक के सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरणों को साधने के लिए डीके शिवकुमार की टीम में चार उपमुख्यमंत्री नियुक्त करना चाहता है।

​हालांकि, मनोनीत सीएम डीके शिवकुमार इस फॉर्मूले के पूरी तरह खिलाफ हैं और वह सरकार में सत्ता का एक से अधिक केंद्र नहीं चाहते। दिल्ली की बैठक में इसी पेंच को सुलझाने पर सबसे ज्यादा जोर रहेगा कि राज्य में डिप्टी सीएम रखे जाएं या नहीं, और अगर रखे जाएं तो उनकी संख्या क्या हो।

​बेंगलुरु में शपथ ग्रहण की भव्य तैयारियां, संतों का मिला आशीर्वाद

​एक तरफ जहां दिल्ली में कैबिनेट को लेकर माथापच्ची चल रही है, वहीं दूसरी तरफ बेंगलुरु में 3 जून को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां युद्धस्तर पर जारी हैं। इस बीच, बेंगलुरु में संतों और धार्मिक गुरुओं के एक बड़े समूह ने मनोनीत मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के आवास पर जाकर उनसे मुलाकात की। संतों ने डीके शिवकुमार को गुलदस्ता भेंट किया, शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया और नई सरकार के सफल कार्यकाल के लिए अपना पारंपरिक आशीर्वाद भी दिया।

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