डीके शिवकुमार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे राहुल गांधी, फिर उत्तराखंड दौरे पर निकलेंगे
कर्नाटक की राजनीति में इस समय सबसे बड़ा उलटफेर हो चुका है और राज्य में सत्ता की कमान पूरी तरह बदलने जा रही है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के अपने पद से इस्तीफा देने के बाद अब कांग्रेस के संकटमोचक और दिग्गज नेता डीके शिवकुमार राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभालने जा रहे हैं। डीके शिवकुमार आगामी 3 जून को कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे। बेंगलुरु में होने वाले इस भव्य शपथ ग्रहण समारोह को लेकर तैयारियां युद्धस्तर पर चल रही हैं। इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के लिए कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी भी विशेष रूप से बेंगलुरु पहुंच रहे हैं।
शपथ ग्रहण के बाद 4-5 जून को राहुल गांधी का उत्तराखंड दौरा
बेंगलुरु में डीके शिवकुमार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के तुरंत बाद राहुल गांधी अपने अगले राजनीतिक मिशन पर निकल जाएंगे। वे 4 और 5 जून को उत्तराखंड के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगे, जहां उनका कार्यक्रम कुछ इस प्रकार है:
4 जून (अल्मोड़ा और पौड़ी): राहुल गांधी उत्तराखंड के अल्मोड़ा में एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे। इसके बाद वे पौड़ी गढ़वाल का रुख करेंगे, जहां वे पूर्व सैनिकों (Ex-Servicemen) के साथ संवाद करेंगे और उनकी समस्याओं पर बातचीत करेंगे।
5 जून (देहरादून और मसूरी): दौरे के दूसरे दिन राहुल गांधी देहरादून और मसूरी में स्थानीय कांग्रेस नेताओं, पदाधिकारियों और जमीनी कार्यकर्ताओं के साथ संगठनात्मक बैठकें करेंगे।
नई कैबिनेट के गठन पर दिल्ली में माथापच्ची, सिद्धारमैया के साथ पहुंचे शिवकुमार
कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन पर कांग्रेस आलाकमान (High Command) की अंतिम मंजूरी मिलने के बाद डीके शिवकुमार ने जरूर राहत की सांस ली है, लेकिन अब उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती नई कैबिनेट के गठन की है। मंत्री पद की रेस में शामिल चेहरों और विभागों के बंटवारे को लेकर पेंच अभी भी फंसा हुआ है। इसी सिलसिले में मनोनीत मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया एक साथ दिल्ली पहुंचे हैं, जहां वे पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ मिलकर मंत्रियों की सूची को अंतिम रूप देंगे। दोनों नेताओं की बेंगलुरु वापसी का कार्यक्रम फिलहाल तय नहीं किया गया है।
34 मंत्रियों का है कोटा, शिवकुमार के सामने संतुलन बनाने की बड़ी चुनौती
डीके शिवकुमार को बीते शनिवार को सर्वसम्मति से कांग्रेस विधायक दल (CLP) का नेता चुना गया था। कर्नाटक के संवैधानिक नियमों के अनुसार, राज्य में मुख्यमंत्री समेत कुल 34 मंत्रियों की अधिकतम व्यवस्था है। चूंकि कर्नाटक विधानसभा में कांग्रेस के पास विधायकों और वरिष्ठ नेताओं की एक बड़ी फौज है, इसलिए मंत्री पद के दावेदारों की संख्या भी बहुत ज्यादा है। सीमित पदों में सभी जातियों, क्षेत्रों और गुटों को साधते हुए एक संतुलित कैबिनेट तैयार करना नए मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के लिए किसी कड़ी परीक्षा से कम नहीं है।
