भोपाल का ट्विशा शर्मा केस: संदिग्ध मौत पर मायके और ससुराल पक्ष के बीच आर-पार, जानें हर अपडेट
भोपाल का ट्विशा शर्मा केस: संदिग्ध मौत पर मायके और ससुराल पक्ष के बीच आर-पार, जानें हर अपडेट
भोपाल के कटारा हिल्स में हुई 33 वर्षीय ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। मिस पुणे का खिताब जीत चुकीं और ग्लैमर वर्ल्ड में अपनी पहचान बना चुकीं ट्विशा शर्मा की मौत के बाद से उनकी पर्सनल लाइफ के कई दर्दनाक पहलू सामने आ रहे हैं। एक तरफ जहां पीड़ित मायका पक्ष दहेज उत्पीड़न और हत्या का आरोप लगाते हुए न्याय के लिए दर-दर भटक रहा है, वहीं दूसरी तरफ रसूखदार ससुराल पक्ष ने ट्विशा पर ही मानसिक बीमारी और नशे की लत के गंभीर आरोप मढ़ दिए हैं। सोमवार को इस हाई-प्रोफाइल केस में दोनों पक्षों की तरफ से कई बड़े दावे और खुलासे किए गए हैं।
कौन थीं ट्विशा शर्मा और कैसे हुई मौत?
ट्विशा शर्मा मूल रूप से नोएडा की रहने वाली थीं। उन्होंने एमबीए (MBA) की पढ़ाई पूरी करने के बाद मार्केटिंग और कम्युनिकेशन के क्षेत्र में दिल्ली में एक लंबा और सफल करियर बनाया था। अपनी प्रोफेशनल लाइफ के साथ-साथ वे ब्यूटी पेजेंट्स और एक्टिंग में भी सक्रिय थीं। वे मिस पुणे रह चुकी थीं और तेलुगु फिल्म ‘मुग्गुरु मोनागल्लू’ में भी अभिनय कर चुकी थीं।
ट्विशा करीब दो महीने की गर्भवती थीं। बीती 12 मई की रात मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के कटारा हिल्स स्थित अपने ससुराल के घर में वे संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटकी हुई पाई गईं। पुलिस के अनुसार, उनके पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल प्रशासन से पुलिस को रात 11 बजे इसकी सूचना मिली। मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है।
ससुराल वालों के रसूख से डरा पीड़ित परिवार, सीएम आवास पर प्रदर्शन
ट्विशा की शादी दिसंबर 2025 में भोपाल के वकील समर्थ सिंह से हुई थी, जिनसे उनकी मुलाकात 2024 में एक डेटिंग ऐप के जरिए हुई थी। समर्थ सिंह, सेवानिवृत्त (रिटायर्ड) सेशन्स जज गिरिबाला सिंह के बेटे हैं। ससुराल पक्ष का कानूनी और प्रशासनिक रसूख होने के कारण ट्विशा के परिवार को डर है कि इस केस को दबाया जा सकता है।
अपनी बेटी को न्याय दिलाने के लिए परिवार ने शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के आवास के बाहर धरना प्रदर्शन किया। परिवार की मांग है कि ट्विशा के शव का दिल्ली एम्स (AIIMS) में दोबारा पोस्टमार्टम कराया जाए।
ट्विशा के पिता नवनीधि शर्मा ने मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के अधिकारियों से मुलाकात के बाद कहा कि उन्हें निष्पक्ष जांच का आश्वासन मिला है, लेकिन साथ ही चेतावनी भी दी:
आत्मदाह की चेतावनी: पिता ने कहा कि यदि उनकी बेटी को न्याय नहीं मिला, तो वे सीएम आवास के बाहर आत्मदाह करने को मजबूर होंगे।
शॉप को सुरक्षित रखने की मांग: पिता ने मांग की है कि शव को सड़ने से बचाने के लिए डीप फ्रीजर में माइनस 4 डिग्री सेल्सियस तापमान पर रखा जाए, ताकि री-पोस्टमार्टम ठीक से हो सके।
पुलिसिया कार्रवाई: SIT का गठन और गंभीर धाराएं
पीड़ित परिवार की लिखित शिकायत के आधार पर भोपाल पुलिस ने फरार पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत दहेज मृत्यु और दहेज उत्पीड़न की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सरकार ने 6 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है, जो मुख्य रूप से तीन बिंदुओं पर जांच करेगी:
दहेज उत्पीड़न के आरोप और शारीरिक हिंसा।
मौत के बाद सबूतों के साथ छेड़छाड़ या उन्हें मिटाने की आशंका (Destruction of evidence)।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ सीसीटीवी फुटेज, जिसमें ट्विशा सीढ़ियों से ऊपर जाती दिख रही हैं और बाद में तीन लोग उनका शव नीचे लाते नजर आ रहे हैं।
आखिरी चैट्स में छलका ट्विशा का दर्द: “मेरा जीवन नर्क बन गया है”
जांच के दौरान ट्विशा के व्हाट्सऐप चैट्स और इंस्टाग्राम मैसेजेस सामने आए हैं, जो उनके भारी मानसिक तनाव को दर्शाते हैं। मौत से कुछ दिन पहले अपनी मां को भेजे संदेशों में ट्विशा ने लिखा था:
”मुझे बहुत ज्यादा घुटन हो रही है मां। मैं बहुत परेशान हूं… ये लोग बहुत बुरे हैं, मुझे शक की नजर से देखते हैं।”
”समर्थ पूछते हैं कि मैं किसका बच्चा ली हूं? मेरा जीवन नर्क बन गया है, ये लोग बहुत क्रूर हैं, समर्थ मुझसे ठीक से बात भी नहीं करते।”
इसके अलावा, मौत से ठीक कुछ समय पहले उन्होंने इंस्टाग्राम पर अपनी दोस्त मीनाक्षी से आखिरी बातचीत में लिखा:
”मैं फंस गई हूं, यार… तू मत फंसना। ज्यादा बात नहीं कर सकती, सही समय आने पर कॉल करूंगी।” लेकिन वह कॉल कभी नहीं आया।
सास का पलटवार: “ट्विशा को मानसिक बीमारी और नशे की लत थी”
दूसरी तरफ, बेटे समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद उनकी मां और रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मायके पक्ष पर तीखे आरोप लगाए। गिरिबाला सिंह का कहना है:
मानसिक बीमारी का दावा: ट्विशा सिजोफ्रेनिक (Schizophrenic) ड्रग्स लेती थीं और काफी समय से उनकी साइकोलॉजिकल दवाइयां चल रही थीं। ग्लैमर वर्ल्ड की चकाचौंध के कारण उनका बिहेवियर काफी अलग और अनप्रिडिक्टेबल था।
गर्भपात की दवाएं: सास का दावा है कि ट्विशा ने परिवार के विरोध के बावजूद खुद ही गर्भपात (Abortion) की दवाएं खा ली थीं।
नशे की लत के लक्षण: अग्रिम जमानत याचिका में आरोप लगाया गया है कि शादी के बाद से ही ट्विशा में चिड़चिड़ापन, हाथ कांपना और अचानक मूड बदलने जैसे विड्रॉल सिम्प्टम्स दिखते थे, जो नशीले पदार्थों के सेवन (Substance abuse) की ओर इशारा करते हैं।
शव उतारने पर सफाई: “फांसी से शव को नीचे उतारना क्या गुनाह है? हम तो उसे बचाने के लिए तुरंत अस्पताल लेकर भागे थे।”
सुरक्षा का खतरा: गिरिबाला सिंह ने आरोप लगाया कि मर्चुरी में ट्विशा के परिवार वाले उन पर हमला करने दौड़े थे, जिसके चलते उन्होंने अपनी सुरक्षा के लिए पुलिस को पत्र लिखा है। उन्होंने यह भी कहा कि समर्थ और ट्विशा में कोई लड़ाई नहीं हुई थी, वे सिर्फ अपने ‘स्पेस’ के लिए अलग-अलग कमरों में सोते थे।
