छात्र आंदोलन: केंद्र सरकार ने बढ़ाये बातचीत के कदम, 24 घंटे में भेजे 4 प्रस्ताव
छात्र आंदोलन: केंद्र सरकार ने बढ़ाये बातचीत के कदम, 24 घंटे में भेजे 4 प्रस्ताव
नई दिल्ली: देशभर में जारी छात्र आंदोलन के बीच केंद्र सरकार ने गतिरोध समाप्त करने के लिए एक बार फिर से पहल की है। सरकार की ओर से छात्र प्रतिनिधियों को खुले मन से संवाद की मेज पर आने का न्योता दिया गया है।
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि बीते 24 घंटों में छात्र नेताओं को बातचीत के चार अलग-अलग प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार बिना किसी समय सीमा के, छात्रों के हर मुद्दे और उनसे जुड़े तमाम विषयों पर विस्तार से चर्चा करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
छात्रों की सहूलियत के हिसाब से तय होगा स्थान
वार्ता के स्थल को लेकर केंद्रीय मंत्री ने बताया कि यह बैठक केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा के आवास या कार्यालय में आयोजित हो सकती है। हालाँकि, यदि छात्र चाहें तो उनकी सुविधा अनुसार कोई अन्य स्थान भी तय किया जा सकता है। इस बैठक में स्वयं डॉ. जितेंद्र सिंह भी मौजूद रहेंगे।
प्रधानमंत्री का कड़ा संदेश: छात्रों का हित सर्वोच्च प्राथमिकता
डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद इस विषय पर गंभीर रुख अपनाया है। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया है कि युवाओं और विद्यार्थियों का भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
हाल ही में सामने आए पेपर लीक मामलों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन देते हुए उन्होंने कहा कि दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतों (Fast-Track Courts) का गठन करने का बड़ा फैसला लिया गया है।
गतिरोध खत्म करने की अपील
अपने बयान के अंत में केंद्रीय मंत्री ने छात्रों और युवा वर्ग से आंदोलन का रास्ता छोड़कर सकारात्मक संवाद का रुख अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार हर स्तर पर लचीला रुख अपनाने को तैयार है और उसका एकमात्र उद्देश्य इस समस्या का ठोस व न्यायसंगत समाधान निकालना है।
