नीट परीक्षा धांधली: केंद्र सरकार का बड़ा एक्शन, 4 राज्यों में बनेंगी स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट्स
नीट परीक्षा धांधली: केंद्र सरकार का बड़ा एक्शन, 4 राज्यों में बनेंगी स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट्स
नीट परीक्षा धांधली और पेपर लीक विवाद में केंद्र सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए पूरे मामले की जांच और सुनवाई को मिशन मोड में ले लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सख्त निर्देशों के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय और कानून मंत्रालय ने दोषियों को त्वरित सजा दिलाने के लिए विशेष फास्ट ट्रैक अदालतों (Special Fast Track Courts) के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
4 राज्यों में गठित होंगी फास्ट ट्रैक कोर्ट्स, होगी रोज सुनवाई
गड़बड़ी में शामिल आरोपियों के मुकदमों का निपटारा बिना किसी देरी के करने के लिए व्यापक रणनीति बनाई गई है:
डेली बेसिस पर सुनवाई: केंद्र सरकार संबंधित राज्य सरकारों और उच्च न्यायालयों के समन्वय से विशेष अदालतें गठित करने का औपचारिक अनुरोध करने जा रही है। इन अदालतों में मामलों की रोजाना (डे-टू-डे) सुनवाई होगी।
त्वरित न्याय: इस व्यवस्था से न्यायिक ट्रायल प्रक्रिया में देरी खत्म होगी और बहुत कम समय में अंतिम फैसला आ सकेगा।
4 एफआईआर दर्ज: बॉम्बे, कलकत्ता, दिल्ली और मध्य प्रदेश में प्रस्ताव
सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम, 2024 के तहत अब तक नीट मामले में कुल 4 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं:
हाई कोर्ट्स के क्षेत्राधिकार में प्रस्ताव: मुकदमों की सुनवाई के लिए बॉम्बे, कलकत्ता, दिल्ली और मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के क्षेत्राधिकार में फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने का विस्तृत ड्राफ्ट तैयार हो रहा है।
बॉम्बे में मुख्य मामले: दर्ज एफआईआर में से दो मुख्य मामले अकेले बॉम्बे हाई कोर्ट के न्यायिक अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं।
’सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम, 2024′ के तहत होगी कार्रवाई
केंद्र सरकार द्वारा 21 जून 2024 को लागू किया गया ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024’ इस मामले में मुख्य हथियार बनेगा:
दायरा: यह कानून एनटीए (NTA), यूपीएससी, एसएससी, रेलवे भर्ती बोर्ड और आईबीपीएस द्वारा आयोजित सभी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं पर लागू होता है।
सख्त प्रावधान: चूंकि नीट परीक्षा का आयोजन भी एनटीए ही करता है, इसलिए पेपर लीक करने वाले सॉल्वर गैंग, डमी कैंडिडेट्स और नकल कराने वाले गिरोहों पर गैर-जमानती धाराएं, भारी जुर्माना और लंबी जेल की सजा जैसे कठोर प्रावधान लागू किए जा रहे हैं।
