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मुंबई-दिल्ली समेत देश के 5 शहरों को दहलाने की बड़ी साजिश नाकाम: सिद्धिविनायक मंदिर और BARC की हुई थी रेकी, ISI-अंडरवर्ल्ड नेटवर्क का भंडाफोड़

मुंबई-दिल्ली समेत देश के 5 शहरों को दहलाने की बड़ी साजिश नाकाम: सिद्धिविनायक मंदिर और BARC की हुई थी रेकी, ISI-अंडरवर्ल्ड नेटवर्क का भंडाफोड़

​देश की सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़े संयुक्त ऑपरेशन में भारत के प्रमुख शहरों को बम धमाकों से दहलाने की एक बेहद खतरनाक और सनसनीखेज साजिश को नाकाम कर दिया है। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI), अंडरवर्ल्ड और विदेशी गैंगस्टरों के एक कथित आत्मघाती नेटवर्क के निशाने पर देश की आर्थिक राजधानी मुंबई और राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली समेत 5 बड़े शहर थे।

​हाल ही में गिरफ्तार किए गए संदिग्ध आतंकियों से सुरक्षा एजेंसियों की पूछताछ में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि आतंकवादियों ने मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर, दादर मार्केट और देश के बेहद संवेदनशील परमाणु प्रतिष्ठानों की रेकी (निगरानी) पूरी कर ली थी।

​आतंकियों के निशाने पर थे मुंबई के ये बेहद संवेदनशील इलाके

​जांच एजेंसियों के अनुसार, इस आतंकी मॉड्यूल ने मुंबई, दिल्ली, पंजाब और चंडीगढ़ जैसे महत्वपूर्ण राज्यों और शहरों में तबाही मचाने का पूरा प्लान तैयार कर लिया था। मुंबई में जिन प्रमुख और संवेदनशील जगहों को निशाना बनाने के लिए रेकी की गई थी, उनमें शामिल हैं:

​भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC)

​तारापुर परमाणु ऊर्जा संयंत्र (Tarapur Atomic Power Station)

​दादर रेलवे स्टेशन और दादर मार्केट

​सिद्धिविनायक मंदिर

​जेजे फ्लाईओवर (JJ Bridge)

इसके अलावा मुंबई के एक दर्जन से ज्यादा अन्य भीड़भाड़ वाले और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ठिकाने आतंकियों के रडार पर थे।

​’डी-कंपनी’ और मुन्ना झिंगाड़ा से जुड़े थे तार

​इस पूरे नेटवर्क के खुलासे के बाद एक बार फिर अंडरवर्ल्ड और पाकिस्तानी आतंकवाद का पुराना गठजोड़ सामने आया है। सुरक्षा एजेंसियों को खुफिया इनपुट मिला था कि पाकिस्तान में बैठे आईएसआई (ISI) के हैंडलर और मुंबई अंडरवर्ल्ड के पुराने गुर्गे भारत में अपने स्लीपर सेल्स (Sleeper Cells) को दोबारा एक्टिव करने की फिराक में हैं।

​इस मामले में अब तक कुल 8 संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें से दो की गिरफ्तारी मुंबई से हुई है। जांच में सामने आया है कि मुंबई से पकड़े गए ये संदिग्ध सीधे पाकिस्तान में पनाह लिए बैठे ‘डी-कंपनी’ (D-Company) के कुख्यात गैंगस्टर और दाऊद इब्राहिम के करीबी मुन्ना झिंगाड़ा के लगातार संपर्क में थे।

​केंद्रीय और राज्य एजेंसियों का ‘जॉइंट ऑपरेशन’, ऐसे हुआ खुलासा

​इस बड़े इनपुट के मिलते ही देश की तमाम शीर्ष जांच एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गईं। इस नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल, महाराष्ट्र एटीएस (ATS), राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA), मुंबई पुलिस की खुफिया इकाई और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने मिलकर एक व्यापक संयुक्त अभियान (Joint Operation) चलाया।

​यूपी से शुरू हुई धरपकड़ और मुंबई तक पहुंची जांच की कड़ियां

​इस आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करने के लिए एजेंसियों ने देश के अलग-अलग राज्यों में छापेमारी की, जिसकी शुरुआत मई महीने के मध्य में हुई:

​14 मई (पहली गिरफ्तारी): ऑपरेशन की पहली सफलता तब मिली जब उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर के रहने वाले 23 वर्षीय विजय उर्फ शूटर को महाराष्ट्र के पुणे से दबोचा गया।

​17 मई (झारखंड कनेक्शन): विजय से हुई कड़ाई से पूछताछ में मिले सुरागों के आधार पर एजेंसियों ने झारखंड के साहिबगंज से 23 वर्षीय नीतीश पासवान को गिरफ्तार किया।

​27 मई (मुंबई से गिरफ्तारी): इन दोनों से मिले इनपुट के बाद जांच की कड़ियां मुंबई के कुर्ला इलाके तक जा पहुंचीं। यहां से पुलिस ने तौकीर रिजवान अहमद शेख (27) और साजिद महबूब शेख उर्फ अरबाज खान (27) को गिरफ्तार किया, जो स्थानीय स्तर पर इस लॉजिस्टिक्स और रेकी को संभाल रहे थे।

​इन गिरफ्तारियों के बाद एजेंसियां अब इस मॉड्यूल के पूरे फंडिंग नेटवर्क, हथियारों की सप्लाई लाइन और देश के अन्य हिस्सों में छिपे इनके संभावित साथियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही हैं।

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