पश्चिम बंगाल में शुभेंदु सरकार का पहला कैबिनेट विस्तार: 35 नए मंत्रियों ने ली शपथ, कुल संख्या हुई 41
पश्चिम बंगाल में शुभेंदु सरकार का पहला कैबिनेट विस्तार: 35 नए मंत्रियों ने ली शपथ, कुल संख्या हुई 41
पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज एक बड़ा मील का पत्थर स्थापित हुआ है। राज्य में नवगठित भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार के मंत्रिमंडल का पहला बड़ा विस्तार सोमवार को पूरा हो गया। कोलकाता के लोक भवन (राजभवन) में आयोजित एक भव्य समारोह में 35 नए मंत्रियों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली। राज्यपाल आर. एन. रवि ने सभी नए मंत्रियों को शपथ दिलाई।
गौरतलब है कि पिछले सप्ताह ही मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष ने पार्टी के केंद्रीय आलाकमान से दिल्ली में मुलाकात कर इन 35 नामों को अंतिम रूप दिया था।
3 जून को विभागों का बंटवारा; 13 कैबिनेट और 19 राज्य मंत्रियों ने ली शपथ
समारोह में त्रि-स्तरीय मंत्री व्यवस्था के तहत शपथ दिलाई गई। संभावना जताई जा रही है कि नए मंत्रियों के विभागों (पोर्टफोलियो) की आधिकारिक घोषणा 3 जून को की जाएगी। शपथ लेने वाले नेताओं का वर्गीकरण इस प्रकार है:
कैबिनेट मंत्री: कुल 13 विधायकों ने कैबिनेट स्तर के मंत्री के रूप में शपथ ली।
राज्य मंत्री (MoS): 19 नेताओं को राज्य मंत्री पद की जिम्मेदारी दी गई है।
राज्य मंत्री – स्वतंत्र प्रभार: 3 विधायकों ने स्वतंत्र प्रभार के राज्य मंत्री के रूप में शपथ ली।
मंत्रियों की पूरी सूची (Full List of Ministers)
नीचे लोक भवन में शपथ लेने वाले सभी 35 नए मंत्रियों की सूची दी गई है:
1. कैबिनेट मंत्री (13)
दीपक बर्मन
तापस रॉय
डॉ. शंकर घोष
मनोज कुमार ओराव
अर्जुन सिंह
गौरी शंकर घोष
स्वपन दासगुप्ता
जगन्नाथ चट्टोपाध्याय
कल्याण चक्रवर्ती
अजय पोद्दार
सारदवत मुखर्जी
दूध कुमार मंडल
अनुप कुमार दास
2. राज्य मंत्री (19)
जोएल मुर्मू
हरे कृष्ण बेरा
आनंदमय बर्मन
अशोक डिंडा
नदियार चंद बाउरी
विशाल लामा
शांतनु प्रमाणिक
मौमिता विश्वास मिश्रा
उमेश रे
पूर्णिमा चक्रवर्ती
कौशिक चौधरी
भास्कर भट्टाचार्य
दिबाकर घरामी
अमिया किस्कू
कलिता माझी
गार्गी दास घोष
बिराज विश्वास
दीपंकर जना
सुमना सरकार
3. राज्य मंत्री – स्वतंत्र प्रभार (3)
डॉ. इंद्रनील खान
मालती राव रॉय
राजेश महतो
कैबिनेट की ताकत बढ़कर हुई 41; अभी भी 3 सीटें खाली
इस विस्तार के बाद पश्चिम बंगाल मंत्रिमंडल में मंत्रियों की कुल संख्या 41 हो गई है। संवैधानिक नियमों के अनुसार, किसी भी राज्य में मंत्रियों की अधिकतम संख्या विधानसभा की कुल सीटों के 15 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकती। पश्चिम बंगाल विधानसभा (294 सीटें) के लिहाज से यहां अधिकतम 44 मंत्री बनाए जा सकते हैं, जिसका मतलब है कि शुभेंदु सरकार के पास अभी भी 3 और मंत्रियों को शामिल करने की गुंजाइश बची हुई है।
याद दिला दें: 9 मई को आजादी के बाद पश्चिम बंगाल में पहली बार बनी भाजपा सरकार के शुरुआती 6 मंत्रियों ने शपथ ली थी। इनमें मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के अलावा अग्निमित्रा पॉल, दिलीप घोष, निसिथ प्रमाणिक, अशोक कीर्तनिया और खुदीराम टुडू शामिल थे।
शपथ ग्रहण के तुरंत बाद CM की बड़ी बैठक: डीए (DA) और बकाए पर होगी चर्चा
राजनीतिक हलचल के बीच, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी शपथ ग्रहण समारोह के ठीक बाद राज्य सरकार के विभिन्न कर्मचारी संगठनों के साथ एक बेहद महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक करने जा रहे हैं। इस बैठक के मुख्य एजेंडे निम्नलिखित हैं:
केंद्रीय कर्मचारियों के बराबर डीए: वर्तमान और सेवानिवृत्त (रिटायर्ड) राज्य कर्मचारियों को केंद्र सरकार के कर्मचारियों के समान महंगाई भत्ता (DA) देने पर फैसला।
सुप्रीम कोर्ट का निर्देश: शीर्ष अदालत के आदेशानुसार कर्मचारियों के लंबे समय से लंबित बकाया राशि (Arrears) के भुगतान की रूपरेखा तैयार करना।
हाल ही में संपन्न हुए ऐतिहासिक विधानसभा चुनावों में भाजपा ने 207 सीटें जीतकर पूर्ण बहुमत हासिल किया था। इसके ठीक बाद दक्षिण 24 परगना जिले की फलता विधानसभा सीट पर हुए पुनर्मतदान (Re-polling) में भाजपा उम्मीदवार देबांग्शु पांडा की शानदार जीत के बाद सदन में पार्टी की कुल ताकत बढ़कर 208 सीटें हो चुकी है।
