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यूपी एटीएस की बड़ी कार्रवाई: आजमगढ़ से आईएसआई (ISI) और पाकिस्तानी गैंगस्टर का गुर्गा गिरफ्तार, महिला नेत्री की हत्या की साजिश नाकाम

यूपी एटीएस की बड़ी कार्रवाई: आजमगढ़ से आईएसआई (ISI) और पाकिस्तानी गैंगस्टर का गुर्गा गिरफ्तार, महिला नेत्री की हत्या की साजिश नाकाम

​उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ते (UP ATS) ने एक बड़े ऑपरेशन में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) और पाकिस्तानी गैंगस्टरों के इशारे पर भारत में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश रच रहे एक युवक को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी आजमगढ़ जिले के निजामाबाद थाना क्षेत्र से की गई है, जिसकी पहचान मोहम्मद शेख के रूप में हुई है।

​एटीएस ने आरोपी मोहम्मद शेख के पास से एक 9 MM की अवैध पिस्टल और 4 जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं। एटीएस की इस त्वरित कार्रवाई से देश में एक बड़ी आतंकी घटना और एक राजनीतिक दल की महिला नेत्री की हत्या की साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया गया है। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS 2023) की धारा 148, 152, 61(2), आर्म्स एक्ट की धारा 3/25 और यूएपीए (UAPA) की धारा 18 के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

​क्या है पूरा मामला? स्लीपर सेल तैयार करने की थी साजिश

​यूपी-एटीएस को काफी समय से खुफिया इनपुट मिल रहे थे कि पाकिस्तान स्थित आईएसआई (ISI) और कुछ खूंखार आतंकवादी संगठन भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को नुकसान पहुंचाने के लिए एक खतरनाक साजिश रच रहे हैं।

​इस साजिश को अंजाम देने के लिए पाकिस्तान के कुख्यात गैंगस्टर शहजाद भट्टी के आतंकी नेटवर्क का सहारा लिया जा रहा था। यह गैंग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए भारत के मुस्लिम युवाओं को निशाना बना रहा था। युवाओं को पैसे का लालच देकर और उनकी धार्मिक भावनाओं को भड़काकर उन्हें रेडिकलाइज (कट्टरपंथी) किया जा रहा था, ताकि भारत में एक नया ‘स्लीपर सेल’ (Sleeper Cell) खड़ा कर गंभीर आतंकी वारदातों को अंजाम दिया जा सके।

​आतंकी गैंग का खतरनाक एजेंडा

​जांच में सामने आया है कि इस पाकिस्तानी आतंकी नेटवर्क ने भारतीय युवाओं को उकसाने के लिए कई बड़े और खतरनाक काम सौंपे थे, जिनमें शामिल हैं:

​देश के कुछ प्रमुख व्यक्तियों और महत्वपूर्ण संस्थानों की रेकी (निगरानी) करना।

​सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों की टारगेट किलिंग (हत्या) करना।

​सुरक्षा बलों के कार्यालयों और मुख्यालयों पर आत्मघाती हमले करना।

​प्रमुख राजनैतिक पार्टियों के दफ्तरों को बम से उड़ाना।

​व्हाट्सएप और सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तानी हैंडलर्स से जुड़ा था आरोपी

​गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद शेख पूरी तरह से इस पाकिस्तानी गैंग की विचारधारा के प्रभाव में आ चुका था। वह शहजाद भट्टी गैंग के पाकिस्तानी और दुबई के मोबाइल नंबरों पर व्हाट्सएप कॉलिंग और चैटिंग के जरिए लगातार संपर्क में था। वह खुद तो जिहाद की बातें कर ही रहा था, साथ ही अपने आसपास के अन्य युवाओं को भी इस आतंकी नेटवर्क में शामिल होने के लिए उकसा रहा था।

​पूछताछ में पता चला है कि मोहम्मद शेख को केवल शहजाद भट्टी ही नहीं, बल्कि उसके गैंग के दो अन्य मुख्य हैंडलर अजमल गुर्जर और रजा पाकिस्तानी भी सीधे ऑपरेट कर रहे थे।

​महिला नेत्री की हत्या कर ‘बड़े मिशन’ में शामिल होने का था प्लान

​सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, पाकिस्तानी हैंडलर्स ने मोहम्मद शेख को एक ‘ट्रायल टास्क’ (परीक्षा के तौर पर काम) सौंपा था। इसके तहत उसे भारत के ही एक अन्य राज्य की बड़ी राजनैतिक पार्टी की महिला नेत्री को पहले धमकाना था और फिर उनकी हत्या करनी थी। हैंडलर्स ने वादा किया था कि इस हत्या को सफलतापूर्वक अंजाम देने के बाद उसे किसी बहुत बड़े अंतरराष्ट्रीय मिशन में शामिल किया जाएगा।

​मोहम्मद शेख इस टास्क को पूरा करने के लिए पूरी तरह तैयार हो चुका था और इसी मकसद से उसने 9 MM की पिस्टल और 4 कारतूसों का इंतजाम भी कर लिया था। वह जल्द ही इस वारदात को अंजाम देने की फिराक में था, लेकिन इससे पहले कि वह अपनी योजना में कामयाब हो पाता, यूपी एटीएस की सर्विलांस टीम ने उसे धर दबोचा। एटीएस अब यह पता लगाने में जुटी है कि उसके संपर्क में और कौन-कौन से स्थानीय युवक थे और उसे हथियारों की सप्लाई किसने की थी।

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