ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन के इस्तीफे की खबर, IRGC के बढ़ते दखल का लगाया आरोप; सरकार ने दावों को किया खारिज
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन के इस्तीफे की खबर, IRGC के बढ़ते दखल का लगाया आरोप; सरकार ने दावों को किया खारिज
ईरान की आंतरिक राजनीति से इस वक्त एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने अपने पद से हटने की पेशकश करते हुए देश के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई को अपना आधिकारिक इस्तीफा सौंप दिया है। इस कथित इस्तीफे के बाद ईरान के राजनीतिक और सैन्य गलियारों में भारी उथल-पुथल शुरू हो गई है। हालांकि, इस बीच ईरान सरकार के आधिकारिक सूत्रों और राष्ट्रपति कार्यालय ने इस खबर को पूरी तरह से खारिज करते हुए इसे केवल विदेशी मीडिया का ‘भ्रामक प्रचार’ करार दिया है।
सरकार और नीतिगत फैसलों से दरकिनार करने का लगाया आरोप
ब्रिटेन स्थित मीडिया आउटलेट ‘इरान इंटरनेशनल’ की रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति पेज़ेश्कियन ने सुप्रीम लीडर को भेजी अपनी चिट्ठी में बेहद गंभीर और चिंताजनक बातें लिखी हैं। सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि पेज़ेश्कियन ने देश की चुनी हुई सरकार को बड़े और नीतिगत फैसलों से पूरी तरह बाहर रखे जाने पर गहरी आपत्ति जताई है। उनका मानना है कि वर्तमान परिस्थितियों में कार्यकारी गतिरोध के कारण सरकार अपनी कानूनी और संवैधानिक जिम्मेदारियों को पूरा करने में पूरी तरह असमर्थ साबित हो रही है।
शासन तंत्र पर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के नियंत्रण का दावा
रिपोर्ट्स के अनुसार, इस कथित इस्तीफे का सबसे बड़ा कारण ईरान के प्रशासनिक तंत्र पर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) का बढ़ता वर्चस्व है। राष्ट्रपति ने आरोप लगाया है कि देश के महत्वपूर्ण आंतरिक और बाहरी मामलों, विशेष रूप से अमेरिका के साथ जारी पीस डील और युद्ध के प्रबंधन से जुड़े फैसलों पर अब पूरी तरह से आईआरजीसी के चरमपंथी कमांडरों का कंट्रोल हो चुका है। सरकार की स्वायत्तता खत्म होने और कई अधिकार छीने जाने के कारण ही उन्होंने तत्काल प्रभाव से पद छोड़ने का निर्णय लिया।
ईरान सरकार ने दावों को नकारा: “यह दुश्मनों का दिमागी फितूर है”
जैसे ही राष्ट्रपति के इस्तीफे की खबर अंतरराष्ट्रीय मीडिया में फैली, ईरान सरकार तुरंत एक्शन में आ गई और इन दावों का जोरदार खंडन किया।
राष्ट्रपति कार्यालय का बयान: राष्ट्रपति कार्यालय के संचार उप-प्रमुख सैयद मेहदी तबाताबाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर लिखा कि विदेशी नेटवर्क द्वारा फैलाई जा रही यह अफवाह पूरी तरह से बेबुनियाद है। यह राष्ट्रीय एकता को तोड़ने का एक बचकाना प्रयास है और राष्ट्रपति पेज़ेश्कियन देश की सेवा में डटे रहेंगे।
तस्नीम न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट: आईआरजीसी से जुड़ी न्यूज एजेंसी ‘तस्नीम’ ने भी सरकारी सूत्रों के हवाले से स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति ने कोई इस्तीफा नहीं दिया है और वह नियमित रूप से अपने प्रशासनिक दायित्वों को संभाल रहे हैं।
अमेरिका के साथ पीस डील के आखिरी चरण में आने से बढ़ा राजनीतिक तनाव
यह पूरा घटनाक्रम ऐसे बेहद संवेदनशील समय पर सामने आया है जब ईरान और अमेरिका के बीच चल रही पीस डील (शांति समझौता) और सीजफायर की वार्ताएं अंतिम दौर में मानी जा रही हैं। जानकारों का मानना है कि पिछले कुछ महीनों से ईरान की सिविलियन सरकार और वहां के शक्तिशाली सैन्य-सुरक्षा प्रतिष्ठानों के बीच कूटनीतिक रणनीतियों को लेकर अंदरूनी खींचतान चरम पर है। फिलहाल सुप्रीम लीडर कार्यालय की ओर से इस कथित इस्तीफे को स्वीकार या अस्वीकार किए जाने पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इस लीक रिपोर्ट ने ईरान की सत्ता के शीर्ष स्तर पर गहरे मतभेदों को जगजाहिर कर दिया है।
