उत्तराखंड

उत्तराखंड से यूपी तक फैला नकली दवाइयों का काला साम्राज्य: आगरा में 1.5 करोड़ की दवाएं जब्त, रुड़की की अवैध फैक्ट्री और हवाला नेटवर्क का बड़ा खुलासा

उत्तराखंड से यूपी तक फैला नकली दवाइयों का काला साम्राज्य: आगरा में 1.5 करोड़ की दवाएं जब्त, रुड़की की अवैध फैक्ट्री और हवाला नेटवर्क का बड़ा खुलासा

​आगरा/लखनऊ: उत्तर प्रदेश के औषधि विभाग ने एक बहुत बड़े अंतरराज्यीय नकली दवा रैकेट का भंडाफोड़ किया है। उत्तराखंड के रुड़की में चल रही एक अवैध फैक्ट्री से उत्तर प्रदेश के आगरा, अलीगढ़ और आसपास के जिलों में भारी मात्रा में नकली दवाइयां सप्लाई की जा रही थीं। यह काला खेल पिछले कई सालों से धड़ल्ले से चल रहा था।

​लखनऊ मुख्यालय के निर्देश पर आगरा के फुव्वारा दवा बाजार और विभिन्न गोदामों में 21 से 23 मई 2026 तक चली इस महा-छापेमारी में करीब 1.5 करोड़ रुपये मूल्य की नकली और अवैध दवाएं जब्त की गई हैं। इस मामले में औषधि विभाग ने आगरा के कोतवाली थाने में तीन अलग-अलग मुकदमे दर्ज कराए हैं।

​कैसे होता था खेल? असली दवा की फोटो से बनती थी हूबहू नकली खेप

​औषधि विभाग की जांच में इस सिंडिकेट के काम करने का बेहद चौंकाने वाला तरीका सामने आया है:

​असली दवा की खरीद: आगरा के दवा माफिया पहले बाजार से कुछ मात्रा में असली ब्रांडेड दवाएं खरीदते थे।

​अलीगढ़ का मध्यस्थ: इसके बाद उन असली दवाओं की पैकिंग, बैच नंबर, मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट की तस्वीरें मोबाइल से अलीगढ़ में बैठे मध्यस्थ (टेंडरर) मयंक गुप्ता को भेजी जाती थीं।

​रुड़की में छपाई और पैकिंग: मयंक इन जानकारियों को उत्तराखंड के रुड़की स्थित अवैध फैक्ट्री में भेजता था, जहां हूबहू असली जैसी दिखने वाली नकली दवाएं और रैपर तैयार किए जाते थे।

​बसों से सप्लाई: तैयार माल को प्राइवेट बसों के जरिए छुपाकर रुड़की से आगरा और पश्चिमी यूपी के अन्य जिलों में भेजा जाता था।

​नामी ब्रांड्स की शिकायत पर हुई कार्रवाई, 29 निरीक्षकों की रेड

​बाजार में जाइडस हेल्थकेयर लिमिटेड जैसी बड़ी कंपनियों ने लखनऊ मुख्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके प्रसिद्ध ब्रांड ‘ओक्सालजिन-डीपी टैबलेट’ (Oxalgin-DP) की मांग अचानक गिर गई है, जबकि बाजार में उनके नाम की हूबहू दिखने वाली दवाएं बिक रही हैं।

​इसी शिकायत पर आगरा के सहायक औषधि आयुक्त अतुल उपाध्याय और लखनऊ के सहायक औषधि आयुक्त बृजेश यादव के नेतृत्व में 29 औषधि निरीक्षकों (Drug Inspectors) की टीमों ने आगरा के फुव्वारा दवा बाजार में धावा बोला।

​बिना बिल के मिला स्टॉक: श्री मेडिकल एजेंसी कम्मूटोला पर छापे के दौरान पार्टनर सुरेंद्र कुमार गुप्ता और उनके बेटे अंशुल गुप्ता के पास ‘ओक्सालजिन-डीपी’ की 13,160 स्ट्रिप्स मिलीं, जिनका कोई खरीद बिल या लेजर रिकॉर्ड नहीं था।

​हवाला और कैश नेटवर्क: पूछताछ में आरोपियों ने कुबूल किया कि वे सालभर में एक ही दवा की करीब 7000 से अधिक नकली स्ट्रिप्स मंगाते थे। इसका भुगतान मयंक गुप्ता को नकद या फिर ‘हवाला’ नेटवर्क के जरिए रास्ते में किया जाता था।

​अवैध गोदाम सील: सुरेंद्र गुप्ता की निशानदेही पर गोल्डन पैलेस के बेसमेंट में चल रहे एक बिना लाइसेंस वाले अवैध गोदाम को सील किया गया, जहां से भारी मात्रा में संदिग्ध दवाएं बरामद हुईं।

​सरकारी और सैन्य अस्पतालों की दवाएं भी बरामद, दर्ज हुए 3 मुकदमे

​औषधि विभाग ने छापेमारी के दौरान केवल नकली दवाएं ही नहीं, बल्कि भारी मात्रा में ऐसी दवाएं भी जब्त की हैं जिन पर ‘सरकारी अस्पताल सप्लाई’, ‘ईएसआई अस्पताल’ और ‘सैन्य अस्पताल (Military Hospital) सप्लाई’ लिखा हुआ था। इसके अलावा डॉक्टरों को दिए जाने वाले ‘फिजिशियन सैंपल’ भी व्यावसायिक गोदामों में अवैध रूप से बेचे जाने के लिए छिपाकर रखे गए थे।

​कोतवाली थाने में अवैध भंडारण और लोगों की जान से खिलवाड़ करने के आरोप में दो और मुकदमे दर्ज किए गए हैं। इनमें ‘ज्योति ड्रग हाउस’ के मालिक नारायण दास हंसराजानी और उनके कर्मचारी पुनीत कटारा को नामजद किया गया है।

​इन मुख्य आरोपियों के खिलाफ दर्ज हुई FIR (नाम और पता)

​पुलिस और औषधि विभाग ने रुड़की अवैध फैक्ट्री और नकली दवा नेटवर्क मामले में निम्नलिखित मुख्य लोगों को नामजद करते हुए एफआईआर दर्ज की है:

​सुरेंद्र गुप्ता (पुत्र सूरजभान गुप्ता) – निवासी: 43, अमिता विहार, कर्मयोगी, कमलानगर, आगरा।

​मयंक गुप्ता (पुत्र धर्मदेव गुप्ता) – निवासी: 2/3, निरंजन पुरी, रामघाट, अलीगढ़ (मुख्य मध्यस्थ)।

​अन्नू अरोड़ा (पुत्र आशुतोष कुमार) – निवासी: 405ए, नारायण विहार, रेलवे रोड, रुड़की, हरिद्वार (उत्तराखंड फैक्ट्री संचालक)।

​संयम अरोड़ा (पुत्र आशुतोष अरोड़ा) – निवासी: 160, अंसारी रोड, आर्यपुरी, मुजफ्फरनगर।

​नारायण दास हंसराजानी (पुत्र जमुना दास) – मालिक, ज्योति ड्रग हाउस, निवासी: 39 बी, अमिता विहार, दयालबाग, कमलानगर, आगरा।

​पुनीत कटारा (पुत्र श्याम लाल) – निवासी: प्लॉट नंबर 5, रेणुका बाग, कमलानगर, आगरा (कर्मचारी)।

​अगली कार्रवाई: उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड का औषधि विभाग अब संयुक्त रूप से रुड़की स्थित उस अवैध फैक्ट्री पर शिकंजा कसने की तैयारी कर रहा है, जहां इस पूरे रैकेट का मुख्य प्लांट संचालित हो रहा था। सभी आरोपियों के खिलाफ ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट और आईपीसी की गंभीर धाराओं में कार्रवाई की जा रही है।

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