सीएम धामी ने जिलाधिकारियों के साथ की हाई-लेवल बैठक; भू-कानून के उल्लंघन पर जमीन जब्त करने और अतिक्रमण पर कड़े एक्शन के निर्देश
उत्तराखंड: सीएम पुष्कर सिंह धामी ने जिलाधिकारियों के साथ की हाई-लेवल बैठक; भू-कानून के उल्लंघन पर जमीन जब्त करने और अतिक्रमण पर कड़े एक्शन के निर्देश
खटीमा/देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार (25 मई 2026) को अपने खटीमा स्थित निजी आवास से राज्य के सभी जिलाधिकारियों (DM) के साथ एक महत्वपूर्ण वर्चुअल बैठक की। आगामी मानसून, चारधाम यात्रा और कानून-व्यवस्था के मद्देनजर बुलाई गई इस बैठक में मुख्यमंत्री ने कई कड़े और बड़े फैसले लेते हुए अधिकारियों को ऑन-ग्राउंड एक्शन मोड में आने के सख्त निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे और राज्य के भू-कानूनों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सरकार “जीरो टॉलरेंस” की नीति पर काम करेगी।
1. भू-कानून और अतिक्रमण पर सबसे बड़ा निर्देश
बैठक में मुख्यमंत्री ने जमीन की खरीद-फरोख्त और सरकारी संपत्तियों के संरक्षण को लेकर बेहद कड़े निर्देश जारी किए:
राज्य सरकार में निहित होगी भूमि: सीएम धामी ने निर्देश दिए कि राज्य में भू-कानून का उल्लंघन कर खरीदी गई सभी जमीनों की गहनता से जांच की जाए। मामलों की त्वरित सुनवाई करते हुए जहां भी उल्लंघन पाया जाए, उस भूमि को तुरंत राज्य सरकार के अधीन (जब्त) किया जाए।
अतिक्रमण हटाओ अभियान में तेजी: सभी जिलाधिकारियों को अपने-अपने जिलों में सरकारी भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाने के अभियान की गति बढ़ाने को कहा गया है। इसके तहत ग्राम सभाओं की जमीनों की भी विशेष रूप से जांच होगी।
शत्रु और वक्फ संपत्तियों की समीक्षा: राज्य में स्थित शत्रु संपत्तियों (Enemy Properties) पर हुए अवैध कब्जों को तत्काल हटाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, ‘उम्मीद’ पोर्टल पर दर्ज वक्फ संपत्तियों के ब्योरे की नियमित समीक्षा और जांच करने को कहा गया है।
2. वेरिफिकेशन ड्राइव और सुरक्षा व्यवस्था
बाहरी राज्यों से उत्तराखंड आने वाले संदिग्धों और आपराधिक तत्वों पर लगाम कसने के लिए सीएम ने कहा:
शस्त्र लाइसेंस की जांच: अन्य राज्यों से आकर उत्तराखंड में रह रहे लोगों के शस्त्र लाइसेंसों (Weapon Licenses) की री-वेरिफिकेशन (जांच) की जाएगी और आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों को चिन्हित किया जाएगा।
संदिग्ध गतिविधियों पर नजर: प्रदेश में वेरिफिकेशन ड्राइव (सत्यापन अभियान) को और तेज करने तथा जनसेवा केंद्रों की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, अवैध रूप से राशन कार्ड बनाकर सरकारी योजनाओं का लाभ ले रहे अपात्र लोगों को बाहर किया जाएगा।
3. मानसून पूर्व की तैयारियां और बिजली-पानी की व्यवस्था
आगामी मानसून सीजन को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सभी जनपदों को समय रहते अलर्ट होने को कहा है:
सड़कों की मरम्मत: आंतरिक क्षेत्रों की सभी क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत का काम समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
पेयजल और निर्बाध बिजली: गर्मी के सीजन को देखते हुए पानी की किल्लत वाले इलाकों में तत्काल तकनीकी दिक्कतें दूर कर आपूर्ति सुचारू करने को कहा गया है। सीएम ने सख्त लहजे में कहा कि प्रदेश में अनावश्यक बिजली कटौती (पावर कट) बिल्कुल न की जाए। यदि कटौती अनिवार्य हो, तो स्थानीय स्तर पर जनता को इसकी पूर्व सूचना दी जाए।
आपदा प्रबंधन और जोशीमठ: पिछले वर्ष आपदा प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। सीएम ने विशेष रूप से जोशीमठ में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की।
4. चारधाम यात्रा और कैंची धाम बाईपास को लेकर निर्देश
श्रद्धालुओं से फीडबैक: चारधाम यात्रा रूट की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए यात्रियों से निरंतर फीडबैक, सुझाव और शिकायतें ली जाएं और उसी आधार पर व्यवस्थाओं को सुधारा जाए। यात्रा रूट पर पेयजल उपलब्धता और ट्रैफिक प्लान को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए।
कैंची धाम बाईपास: मानसखंड यात्रा के अंतर्गत महत्वपूर्ण कैंची धाम बाईपास निर्माण कार्य को आगामी माह (जून) तक हर हाल में पूर्ण करने की समय-सीमा (डेडलाइन) तय की गई है।
5. कागजों में नहीं, जमीन पर दिखे कृषि योजनाएं: सीएम
मुख्यमंत्री ने कृषि एवं उद्यान विभाग की कार्यप्रणाली पर जोर देते हुए कहा कि पॉली हाउस, एप्पल मिशन और कीवी मिशन जैसी बड़ी और महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं को केवल कागजी कार्रवाई और फाइलों तक सीमित न रखा जाए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कृषि और बागवानी के क्षेत्र में “परिणाम आधारित कार्य संस्कृति” (Result-Oriented Work Culture) अपनाई जाए, ताकि योजनाओं का वास्तविक लाभ धरातल पर किसानों तक पहुंचे, उनकी आय बढ़े और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सके।
