हरिद्वार बाघ शिकार मामला: मुख्य आरोपी आमिर हमजा ने कोर्ट में किया सरेंडर, वकीलों के हंगामे के कारण ऐन मौके पर चूकी वन विभाग की टीम
हरिद्वार बाघ शिकार मामला: मुख्य आरोपी आमिर हमजा ने कोर्ट में किया सरेंडर, वकीलों के हंगामे के कारण ऐन मौके पर चूकी वन विभाग की टीम
हरिद्वार (रोशनाबाद): उत्तराखंड के हरिद्वार वन विभाग क्षेत्र में हुए दो बाघों के शिकार मामले में पिछले कई दिनों से फरार चल रहे मुख्य आरोपी आमिर हमजा उर्फ मियां ने सोमवार (25 मई 2026) सुबह करीब 10:30 बजे रोशनाबाद स्थित सीजेएम (CJM) कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। सरेंडर के दौरान कोर्ट परिसर में भारी हंगामा भी देखने को मिला, जहां वन विभाग की टीम आरोपी को गिरफ्तार करने के बेहद करीब थी, लेकिन वकीलों के विरोध के कारण आरोपी आखिरी मौके पर भी चकमा देने में कामयाब रहा।
वकीलों के चैंबर में ड्रामा: गिरफ्तारी से चूकी वन टीम
हरिद्वार वन विभाग की टीम पिछले तीन दिनों से आमिर हमजा की गिरफ्तारी के लिए कोर्ट परिसर में सादे कपड़ों में डेरा डाले हुए थी। सोमवार सुबह जैसे ही आमिर हमजा अपने वकील सज्जाद अहमद के चैंबर में पहुंचा, वहां तैनात वनकर्मियों को इसकी भनक लग गई।
वकीलों ने बनाया घेरा: वन विभाग की टीम ने जब आरोपी को चैंबर से ही गिरफ्तार करना चाहा, तो वहां मौजूद वकीलों ने टीम को रोक दिया और हंगामा शुरू कर दिया।
आखिरी मौके पर चकमा: वकीलों के विरोध और हंगामे के बीच आमिर हमजा कोर्ट रूम के भीतर पहुंचने में सफल रहा और उसने सरेंडर की प्रक्रिया पूरी कर ली। इस तरह वन विभाग की गिरफ्त में आने से वह बाल-बाल बच गया।
क्या है पूरा मामला? (18 मई से चल रहा था फरार)
यह मामला हरिद्वार वन विभाग की श्यामपुर रेंज के अंतर्गत सजनपुर बीट का है, जहां दो बाघों को जहरीला पदार्थ (जहर) देकर मार दिया गया था और उनके शव जंगल से बरामद हुए थे। 18 मई को इस घटना के सामने आने के बाद से ही हड़कंप मचा हुआ था।
इस मामले में वन विभाग की टीम अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है, जिनके नाम इस प्रकार हैं:
आलम उर्फ फम्मी (पुत्र शमशेर)
आशिक (पुत्र गामा)
जुप्पी (पुत्र अल्लू)
यूसुफ (पुत्र कालू)
हालांकि, इन सब का मास्टरमाइंड और मुख्य आरोपी आमिर हमजा उर्फ मियां लगातार टीम को चकमा देकर फरार चल रहा था, जिसने सोमवार को कोर्ट की शरण ले ली।
आमिर हमजा के पास छिपे हैं कई राज, रिमांड की तैयारी में वन विभाग
अधिकारियों के मुताबिक, दो बाघों के शिकार की पूरी साजिश आमिर हमजा ने ही रची थी। उसी ने मृत भैंस के मांस पर जहर छिड़कने की योजना बनाई थी ताकि बाघ उसे खाकर मर जाएं। यही नहीं, बाघों की मौत के बाद उनके पैर काटने का मुख्य आरोप भी आमिर पर ही है।
पूछताछ में खुलेंगे कई बड़े राज:
अंगों की बरामदगी: बाघों के कटे हुए पैर अभी तक बरामद नहीं हो सके हैं।
हथियार की तलाश: शिकार और पैर काटने में इस्तेमाल किए गए धारदार हथियार का पता लगाना भी बाकी है।
क्या बोले जिम्मेदार अधिकारी?
डीएफओ (DFO) स्वप्निल अनिरुद्ध ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया:
“हमारी टीमें आमिर हमजा उर्फ मियां की गिरफ्तारी के लिए लगातार अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दे रही थीं। आज उसने रोशनाबाद कोर्ट में आत्मसमर्पण (सरेंडर) कर दिया है। अब वन विभाग की कानूनी टीम उसे जेल से रिमांड पर लेने की कागजी कार्रवाई और तैयारी में जुट गई है। कोर्ट से रिमांड मंजूर होते ही उससे सख्ती से पूछताछ की जाएगी, जिसके बाद बाघ के अंगों और हथियारों की बरामदगी समेत पूरे मामले का पर्दाफाश किया जा सकेगा।”
