Thursday, July 23, 2026
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राहुल गांधी और विपक्षी सांसदों की बस को दिल्ली पुलिस ने रोका: गांधी स्मृति जा रहे नेताओं का विरोध के बाद रास्ता साफ, साथ चली फोर्स

राहुल गांधी और विपक्षी सांसदों की बस को दिल्ली पुलिस ने रोका: गांधी स्मृति जा रहे नेताओं का विरोध के बाद रास्ता साफ, साथ चली फोर्स

​नई दिल्ली: संसद से लेकर सड़कों तक जारी तीखी बयानबाजी और राजनीतिक हलचलों के बीच विपक्ष ने एक बार फिर एकजुटता का प्रदर्शन किया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष (LoP) राहुल गांधी बुधवार को ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन के दर्जनों वरिष्ठ सांसदों के साथ अपने दिल्ली स्थित आवास से ‘गांधी स्मृति’ के लिए एक ही बस में सवार होकर रवाना हुए।

​हालांकि, यात्रा के दौरान उस समय नया मोड़ आ गया जब पुलिस बल ने रास्ते में विपक्षी सांसदों की बस को रोक लिया। सांसदों के कड़े विरोध और हंगामे के बाद पुलिस ने रास्ता साफ किया और सुरक्षा बल के काफिले के साथ बस को आगे जाने दिया गया।

​एक ही बस में सवार हुए ‘इंडिया’ गठबंधन के दिग्गज

​राहुल गांधी के सरकारी आवास से रवाना हुई इस विशेष बस में कांग्रेस सहित ‘इंडिया’ गठबंधन में शामिल विभिन्न विपक्षी दलों के प्रमुख सांसद और प्रतिनिधि मौजूद थे। विपक्षी नेताओं की इस साझा यात्रा को हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों और जंतर-मंतर पर चल रहे छात्रों के प्रदर्शनों के बीच केंद्र सरकार को कड़ा सियासी संदेश देने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

​शांति और अहिंसा का संकल्प: क्यों खास है ‘गांधी स्मृति’?

​गांधीवादी मूल्यों की रक्षा: विपक्षी सांसदों ने कहा कि इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य महात्मा गांधी के विचारों, अहिंसा और शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रति अपनी निष्ठा और संकल्प को दोहराना है।

​ऐतिहासिक महत्व: नई दिल्ली स्थित ‘गांधी स्मृति’ (पूर्व में बिड़ला हाउस) वही ऐतिहासिक स्थल है, जहां राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने अपने जीवन के अंतिम दिन बिताए थे और 30 जनवरी 1948 को उनकी हत्या कर दी गई थी।

​गरमाई दिल्ली की राजनीति

​गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से राजधानी दिल्ली में राजनीतिक पारा चढ़ा हुआ है। एक तरफ जहां संसद में गतिरोध और हंगामा देखने को मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन और विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिए जाने की घटनाओं से माहौल गरमाया हुआ है।

​ऐसे समय में राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी दलों का यह संयुक्त गांधी स्मृति दौरा केंद्र सरकार के खिलाफ लोकतांत्रिक मूल्यों और गांधीवादी सिद्धांतों की रक्षा का प्रतीक बनकर उभरा है।

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