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सुकेश चंद्रशेखर मामला: जैकलीन फर्नांडिस को ‘मकोका’ के तहत आरोपी बनाने की मांग; दिल्ली कोर्ट ने पुलिस से मांगा जवाब

सुकेश चंद्रशेखर मामला: जैकलीन फर्नांडिस को ‘मकोका’ के तहत आरोपी बनाने की मांग; दिल्ली कोर्ट ने पुलिस से मांगा जवाब

​नई दिल्ली: ठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े ₹200 करोड़ के कथित रंगदारी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस की कानूनी मुश्किलें एक बार फिर बढ़ सकती हैं। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में एक नई अर्जी दाखिल कर जैकलीन को मकोका (MCOCA – महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण कानून) के तहत आरोपी बनाने की मांग की गई है। कोर्ट ने इस याचिका पर दिल्ली पुलिस से जवाब तलब किया है और मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर तय की है।

​1. नई अर्जी और मकोका का मामला

​राउज एवेन्यू कोर्ट में अर्जी: जबरन वसूली और मकोका से जुड़े मामले में सुकेश और अन्य सहयोगियों के खिलाफ पहले ही आरोप तय हो चुके हैं। अब कोर्ट में नई अर्जी दायर कर मांग की गई है कि जैकलीन को भी संगठित अपराध सिंडिकेट (मकोका) के तहत आरोपी बनाया जाए।

​पुलिस के जवाब पर टिकी नजरें: दिल्ली पुलिस का जवाब आने के बाद कोर्ट तय करेगा कि जैकलीन के खिलाफ मकोका के तहत आगे की कार्रवाई की जानी चाहिए या नहीं।

​2. मामला: ₹200 करोड़ की रंगदारी से मनी लॉन्ड्रिंग तक

​जेल से चलाया नेटवर्क: आरोप है कि सुकेश चंद्रशेखर ने तिहाड़ जेल के अंदर से खुद को बड़ा सरकारी अधिकारी बताकर रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटर शिविंदर सिंह की पत्नी अदिति सिंह से ₹200 करोड़ की ठगी की।

​संगठित अपराध (MCOCA): दिल्ली पुलिस ने जांच के बाद सुकेश और उसके नेटवर्क पर संगठित अपराध चलाने के आरोप में मकोका की धाराएं जोड़ीं।

​ईडी (ED) की कार्रवाई: प्रवर्तन निदेशालय की जांच में सामने आया कि सुकेश ने ठगी के पैसों से जैकलीन को महंगे गिफ्ट्स और वित्तीय सुविधाएं दी थीं।

​3. जैकलीन का पक्ष और अब तक के घटनाक्रम

​जैकलीन का बचाव: अभिनेत्री का कहना है कि वे सुकेश की आपराधिक पृष्ठभूमि से अनजान थीं और खुद भी उसके झांसे का शिकार हुई हैं।

​हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में झटके: जुलाई 2025 में दिल्ली हाईकोर्ट ने जैकलीन की केस रद्द करने की याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद मई 2026 में ट्रायल कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उनके खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया। जून 2026 में जैकलीन ने सुप्रीम कोर्ट से भी अपनी याचिका वापस ले ली थी।

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