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Explainer: होर्मुज की घेराबंदी: जब ईरानी गनबोट्स के निशाने पर आए भारतीय जहाज, जानें समंदर में हुई इस ‘जंग’ की पूरी कहानी

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में आज एक बड़ा तनावपूर्ण घटनाक्रम सामने आया। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की गनबोट्स ने भारत समेत अन्य देशों के 14 जहाजों के काफिले को रोक लिया और कम से कम दो भारतीय झंडे वाले जहाजों पर गोलीबारी कर दी। इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन एक जहाज पर मामूली क्षति हुई। 13 जहाजों को वापस फारस की खाड़ी की ओर मुड़ना पड़ा, जबकि एक जहाज आगे निकलने में कामयाब रहा।d2d6f5

क्या हुआ? घटना का क्रमबद्ध विवरण

पृष्ठभूमि: ईरान-अमेरिका-इजराइल युद्ध के बीच होर्मुज स्ट्रेट (दुनिया के तेल परिवहन का करीब 20% हिस्सा गुजरने वाला महत्वपूर्ण जलमार्ग) कई हफ्तों से प्रभावित रहा। कल (17 अप्रैल) ईरान ने युद्धविराम/सीजफायर की अवधि में स्ट्रेट को कमर्शियल जहाजों के लिए “खोलने” की घोषणा की थी। लेकिन आज सुबह अमेरिका ने अपनी नौसैनिक ब्लॉकेड (ईरानी बंदरगाहों पर) जारी रखने का ऐलान किया।

ईरान की प्रतिक्रिया: IRGC ने स्ट्रेट पर सख्त नियंत्रण दोबारा लागू कर दिया। उन्होंने घोषणा की कि जब तक अमेरिका ब्लॉकेड नहीं हटाता, स्ट्रेट “पूर्ण IRGC नियंत्रण” में रहेगा और केवल ईरान द्वारा अनुमोदित रूट पर ही जहाज गुजर सकेंगे।

काफिले पर हमला: एक काफिले में 14 भारत-बाउंड जहाज (कच्चा तेल, गैस, उर्वरक आदि ले जा रहे) स्ट्रेट पार करने की कोशिश कर रहे थे। इनमें से 7 भारतीय झंडे वाले, 4 लाइबेरिया, 2 मार्शल द्वीप और 1 वियतनाम झंडे वाले थे। सभी जहाज एक पंक्ति में आगे बढ़ रहे थे।ac2e0d

गोलीबारी: IRGC की दो गनबोट्स ने दो भारतीय जहाजों — Sanmar Herald (VLCC सुपरटैंकर, लगभग 20 लाख बैरल इराकी कच्चा तेल ले जा रहा) और Jag Arnav (बल्क कैरियर, यूरिया ले जा रहा) — पर गोलीबारी की। गोलीबारी बिना किसी रेडियो चेतावनी के हुई।

एक ऑडियो रिकॉर्डिंग में Sanmar Herald के कैप्टन को चिल्लाते सुना गया: “Sepah Navy! You gave me clearance… You are firing now! Let me turn back!”

गोलीबारी चेतावनी स्वरूप या स्ट्रे बुलेट्स के रूप में बताई जा रही है। Sanmar Herald पर खिड़की/संरचना को मामूली नुकसान पहुंचा।aab7f5

परिणाम: 13 जहाजों को वापस मुड़ना पड़ा और वे फारस की खाड़ी के विभिन्न सुरक्षित स्थानों पर पहुंच गए। एक जहाज स्ट्रेट पार करने में सफल रहा। घटना लारक द्वीप और क़ेश्म के पास (ओमान से करीब 37 किमी उत्तर-पूर्व) हुई। UK Maritime Trade Operations (UKMTO) ने भी गोलीबारी की पुष्टि की।

भारत की त्वरित प्रतिक्रिया

भारत सरकार ने तुरंत गंभीर आपत्ति जताई। विदेश मंत्रालय (MEA) ने ईरान के राजदूत डॉ. मोहम्मद फतहाली को तलब किया। फॉरेन सेक्रेटरी विक्रम मिसरी ने बैठक में “गहरी चिंता और नाराजगी” व्यक्त की। भारत ने जहाजों की सुरक्षा, मार्किटाइम फ्रीडम और भारत-बाउंड जहाजों के लिए सुरक्षित मार्ग बहाल करने की मांग की। ईरानी राजदूत ने आश्वासन दिया कि वे ये चिंताएं तेहरान तक पहुंचाएंगे।ec6695

भारतीय नौसेना क्षेत्र में पहले से सतर्क है और भारतीय क्रू सदस्यों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तैयार है। क्रू सदस्य सुरक्षित हैं और कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।

क्यों बढ़ा तनाव? पूरी पृष्ठभूमि

होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा का चोकपॉइंट है। यहां कोई भी रुकावट तेल की कीमतों को प्रभावित करती है।

ईरान ने अमेरिकी ब्लॉकेड को “विश्वासघात” बताते हुए स्ट्रेट बंद करने का फैसला किया।

IRGC की फास्ट गनबोट्स स्ट्रेट के संकरे हिस्से में छोटे-छोटे जहाजों को रोकने और चेतावनी देने में माहिर हैं।

यह घटना ईरान के विदेश मंत्रालय और IRGC के बीच समन्वय की कमी को भी दिखाती है — एक तरफ स्ट्रेट खोलने की घोषणा, दूसरी तरफ IRGC की सख्ती।

फिलहाल स्थिति (अपडेट 18 अप्रैल शाम तक)

अधिकांश जहाज वापस फारस की खाड़ी में हैं। शिपिंग कंपनियां सुरक्षा आश्वासन की प्रतीक्षा कर रही हैं।

वैश्विक तेल बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है।

भारत समेत कई देशों ने मार्किटाइम सुरक्षा पर चिंता जताई है। डिप्लोमैटिक प्रयास जारी हैं ताकि स्ट्रेट में सामान्य आवागमन बहाल हो सके।

स्थिति तेजी से बदल रही है। कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन आगे की घटनाएं नजर रखने लायक हैं।

यह घटना क्षेत्रीय तनाव और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की नाजुकता की याद दिलाती है। भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा और नाविकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहा है।

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