संसद में महिला आरक्षण पर रार: राहुल गांधी ने बताया ‘चुनावी नक्शा बदलने की साजिश’, कंगना रनौत बोलीं- ‘उनका भाषण सिरदर्द’
संसद में महिला आरक्षण पर रार: राहुल गांधी ने बताया ‘चुनावी नक्शा बदलने की साजिश’, कंगना रनौत बोलीं- ‘उनका भाषण सिरदर्द’
संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण और परिसीमन बिल को लेकर घमासान जारी है। शुक्रवार को सदन की कार्यवाही के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। जहाँ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बिल को महिलाओं के समान अधिकार के लिए ऐतिहासिक कदम बताया, वहीं विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इसे ‘जाति जनगणना’ से ध्यान भटकाने वाला मुद्दा करार दिया। इस बीच, भाजपा सांसद कंगना रनौत ने राहुल गांधी के भाषण पर तंज कसते हुए उसे ‘सिरदर्द’ बताया है।
राहुल गांधी का सरकार पर हमला: ‘यह आरक्षण नहीं, चुनावी बिसात है’
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने महिला आरक्षण बिल पर चर्चा के दौरान सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल उठाए। उनके भाषण के मुख्य अंश इस प्रकार रहे:
देरी पर सवाल: राहुल गांधी ने पूछा कि जब यह बिल साल 2023 में ही पास हो गया था, तो इसे लागू करने के लिए अब तक क्यों लटकाया गया?
चुनावी नक्शा बदलने की कोशिश: उन्होंने आरोप लगाया कि यह बिल महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए नहीं, बल्कि भारत का चुनावी नक्शा बदलने और सत्ता पर काबिज रहने की एक कोशिश है।
मनुवाद और जाति जनगणना: राहुल गांधी ने कहा कि यह बिल असल में जाति जनगणना की मांग को किनारे करने के लिए लाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार संविधान के ऊपर ‘मनुवाद’ को तरजीह दे रही है।
प्रियंका गांधी का जिक्र: उन्होंने अपनी बहन प्रियंका गांधी की तारीफ करते हुए मजाकिया अंदाज में कहा कि कल प्रियंका ने अपने 5 मिनट के भाषण में अमित शाह के चेहरे पर भी मुस्कान ला दी, जो मैं 20 साल में नहीं कर पाया।
कंगना रनौत का पलटवार: ‘संसद को जादू का शो बना दिया’
राहुल गांधी के भाषण के तुरंत बाद बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने कड़ा ऐतराज जताया। मीडिया से बात करते हुए कंगना ने कहा:
”सदन के अंदर राहुल गांधी को सुनना किसी सिरदर्द से कम नहीं है। वह देश के जरूरी मुद्दों को छोड़कर अपने बचपन के ट्रॉमा और बचपन में देखे गए जादू के शो की बातें करने लगे। स्पीकर सर के टोकने के बावजूद वह नहीं रुके। उन्होंने संसद की गरिमा का मजाक बनाकर रख दिया है।”
सदन में छिड़ी ‘विचारधारा’ की जंग
सदन में चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने यह भी कहा कि महिलाएं देश की ‘सेंट्रल फोर्स’ हैं और भारतीय समाज में ओबीसी, दलित और अल्पसंख्यक महिलाओं के साथ हुए भेदभाव को खत्म करने के लिए जाति जनगणना जरूरी है।
दूसरी ओर, सरकार की ओर से यह तर्क दिया जा रहा है कि यह बिल भविष्य में भारतीय राजनीति की तस्वीर बदलेगा और महिलाओं को नीति निर्धारण में बराबर की भागीदारी देगा। फिलहाल, परिसीमन और जनगणना के साथ इस बिल के जुड़ाव को लेकर विपक्ष की नाराजगी बरकरार है।
मुख्य बिंदु:
मुद्दा: महिला आरक्षण और परिसीमन बिल पर बहस।
राहुल गांधी का रुख: बिल को जाति जनगणना से ध्यान भटकाने वाला और चुनावी स्टंट बताया।
कंगना की प्रतिक्रिया: राहुल गांधी के भाषण को अप्रासंगिक और समय की बर्बादी करार दिया।
