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​Gomukh Track Update: भारी बर्फबारी के कारण गौमुख ट्रैक पर फिलहाल रोक; भोजगढ़ी नाले से लौटी निरीक्षण टीम, जानें कब तक खुलेगा रास्ता

गंगोत्री नेशनल पार्क से गौमुख जाने के इच्छुक श्रद्धालुओं और ट्रैकर्स के लिए महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। भारी बर्फबारी के कारण फिलहाल इस मार्ग पर चुनौतियां बरकरार हैं। पूरी खबर नीचे दी गई है:

​Gomukh Track Update: भारी बर्फबारी के कारण गौमुख ट्रैक पर फिलहाल रोक; भोजगढ़ी नाले से लौटी निरीक्षण टीम, जानें कब तक खुलेगा रास्ता

​उत्तरकाशी: गंगोत्री नेशनल पार्क के द्वार 1 अप्रैल को खुलने के बावजूद विश्व प्रसिद्ध गौमुख ट्रैक पर यात्रियों की आवाजाही अभी शुरू नहीं हो सकी है। 13 अप्रैल को पार्क प्रशासन और ट्रैकिंग एसोसिएशन की टीम ने करीब 11 किलोमीटर के मार्ग का निरीक्षण किया, लेकिन भोजगढ़ी नाले में भारी बर्फ जमा होने और अचानक शुरू हुई बर्फबारी के कारण टीम को बीच रास्ते से ही वापस लौटना पड़ा।

​निरीक्षण में क्या पाया गया?

​गंगोत्री नेशनल पार्क के उपनिदेशक हरीश नेगी और गढ़वाल हिमालय ट्रैकिंग एंड माउंटेनियरिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष जयेंद्र राणा के नेतृत्व में एक दल ने कनखू बैरियर से लेकर भोजगढ़ी तक रेकी की।

​बर्फ की चुनौती: भोजगढ़ी नाले में बर्फ की मात्रा बहुत अधिक है, जिससे पैदल चलना जोखिम भरा बना हुआ है।

​क्षतिग्रस्त मार्ग: शीतकाल के दौरान हुई बर्फबारी के कारण ट्रैक कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त है, जिसकी मरम्मत की आवश्यकता है।

​सुविधाओं का अभाव: वर्तमान में ट्रैक पर स्थित आश्रम और जीएमवीएन (GMVN) के गेस्ट हाउस भी अभी नहीं खुले हैं, जिससे यात्रियों के रुकने की कोई व्यवस्था नहीं है।

​किसे मिलेगी अनुमति और किसे करना होगा इंतजार?

​निरीक्षण टीम ने स्पष्ट किया है कि मार्ग की स्थिति अलग-अलग वर्गों के लिए अलग है:

​पर्वतारोही (Mountaineers): एसोसिएशन के अध्यक्ष का मानना है कि पर्वतारोहियों के लिए यह मार्ग चुनौतीपूर्ण नहीं है। यदि इस सप्ताह और बर्फबारी नहीं होती है, तो एक सप्ताह बाद पर्वतारोहियों को आरोहण की अनुमति दी जा सकती है।

​आम यात्री और श्रद्धालु: आम पर्यटकों और श्रद्धालुओं को अभी और इंतजार करना पड़ेगा। जब तक मार्ग पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो जाता और बुनियादी सुविधाएं बहाल नहीं हो जातीं, तब तक आम लोगों को जाने की इजाजत नहीं दी जाएगी।

​गौमुख ट्रैक के बारे में खास जानकारी

​गौमुख ट्रैक न केवल एक धार्मिक यात्रा है, बल्कि यह दुनिया के सबसे खूबसूरत ट्रैकिंग रूट्स में से एक माना जाता है:

​कुल दूरी: गंगोत्री से गौमुख की दूरी लगभग 18 किलोमीटर है।

​मुख्य पड़ाव: आमतौर पर पहले दिन गंगोत्री से भोजबासा (14 किमी) की दूरी तय की जाती है और अगले दिन भोजबासा से गौमुख (4 किमी) का सफर पूरा होता है।

​विशेषता: यह मार्ग भागीरथी नदी के उद्गम स्थल तक ले जाता है और यहां से भागीरथी चोटियों व तपोवन के विहंगम दृश्य दिखाई देते हैं।

​पार्क प्रशासन की सलाह: उपनिदेशक हरीश नेगी ने कहा कि सुरक्षा सर्वोपरि है। मौसम साफ रहने पर ही ट्रैक को खोलने का अंतिम निर्णय लिया जाएगा। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी यात्रा की योजना बनाने से पहले आधिकारिक अपडेट जरूर चेक कर लें।

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