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रणवीर सिंह ‘कांतारा’ विवाद: बिना शर्त माफी और कोर्ट की सुनवाई

रणवीर सिंह ‘कांतारा’ विवाद: बिना शर्त माफी और कोर्ट की सुनवाई

​बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह एक बार फिर कानूनी मुश्किलों के कारण चर्चा में हैं। दिसंबर 2025 में शुरू हुआ ‘कांतारा’ विवाद अब कर्नाटक हाईकोर्ट तक पहुँच गया है, जहाँ अभिनेता आज यानी 10 अप्रैल 2026 को अपना नया बिना शर्त माफीनामा (Affidavit) दाखिल करने वाले हैं।

​विवाद की जड़: क्या हुआ था?

​विवाद की शुरुआत दिसंबर 2025 में गोवा में आयोजित IFFI 2025 (इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया) के समापन समारोह के दौरान हुई थी।

​मिमिक्री और गलत टिप्पणी: मंच पर ऋषभ शेट्टी की फिल्म कांतारा की तारीफ करते हुए रणवीर सिंह ने फिल्म के पवित्र ‘दैव’ (Bhoota Kola/Daiva) सीन की नकल की।

​गलत व्याख्या: इस दौरान उन्होंने अनजाने में दैव को “Female Ghost” (महिला भूत) कह दिया।

​आस्था को ठेस: तुलु संस्कृति और हिंदू धर्म को मानने वालों के लिए ‘दैव’ अत्यंत पूजनीय हैं। इस मिमिक्री और टिप्पणी को धार्मिक भावनाओं का अपमान माना गया।

​इसके विरोध में हिंदू जनजागृति समिति और वकील प्रशांत मेथल ने गोवा और बेंगलुरु में FIR दर्ज करवाई।

​शिकायतकर्ताओं की नाराजगी का कारण

​हालांकि रणवीर सिंह ने घटना के तुरंत बाद इंस्टाग्राम पर एक माफीनामा पोस्ट किया था, लेकिन शिकायतकर्ताओं ने उसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया। उनके मुख्य तर्क निम्नलिखित हैं:

​सोशल मीडिया बनाम वास्तविकता: शिकायतकर्ताओं का मानना है कि इंस्टाग्राम की माफी उनके मैनेजर हैंडल करते हैं और यह महज एक ‘पीआर स्टंट’ है।

​गंभीरता की कमी: विरोधियों के अनुसार, रणवीर ने व्यक्तिगत रूप से या दिल से माफी नहीं मांगी थी।

​कानूनी पर्याप्तता: कोर्ट में दलील दी गई कि सोशल मीडिया पोस्ट कानूनी रूप से पर्याप्त नहीं है।

​हाईकोर्ट में 24 मार्च की सुनवाई और कोर्ट का निर्देश

​कर्नाटक हाईकोर्ट में 24 मार्च 2026 को हुई सुनवाई के दौरान रणवीर सिंह के वकील साजन पूवैया ने स्पष्ट किया कि अभिनेता अपनी गलती सुधारने के लिए तैयार हैं। कोर्ट में निम्नलिखित बातें सामने आईं:

​नया हलफनामा: रणवीर सिंह कोर्ट में एक बिना शर्त माफीनामा (Unconditional Apology Affidavit) दाखिल करेंगे।

​धार्मिक पश्चाताप: रणवीर ने आस्था का सम्मान करते हुए मैसूर के चामुंडी मंदिर जाकर व्यक्तिगत रूप से माफी मांगने की इच्छा भी जताई है।

​अंतिम तिथि: कोर्ट ने अभिनेता को 10 अप्रैल 2026 तक हलफनामा पेश करने का समय दिया था।

​वर्तमान स्थिति (10 अप्रैल 2026)

​आज की सुनवाई इस मामले में निर्णायक साबित हो सकती है। रणवीर सिंह की ओर से नया हलफनामा दाखिल किया जा रहा है ताकि उनके खिलाफ चल रही कानूनी कार्यवाही को खत्म किया जा सके।

​निष्कर्ष: रणवीर सिंह फिलहाल अपनी फिल्म ‘धुरंधर 2’ की सफलता का आनंद ले रहे हैं, लेकिन कांतारा विवाद उनके लिए एक बड़ी सीख लेकर आया है कि सांस्कृतिक और धार्मिक विषयों पर टिप्पणी करते समय संवेदनशीलता कितनी जरूरी है।

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