मिडिल ईस्ट में महा-शांति की ओर कदम? इस्लामाबाद में ईरान-अमेरिका की उच्चस्तरीय बैठक कल; लेबनान के साथ सीधी वार्ता को नेतन्याहू की हरी झंडी
मिडिल ईस्ट में महा-शांति की ओर कदम? इस्लामाबाद में ईरान-अमेरिका की उच्चस्तरीय बैठक कल; लेबनान के साथ सीधी वार्ता को नेतन्याहू की हरी झंडी
मध्य पूर्व में पिछले कई हफ्तों से जारी भीषण युद्ध के बीच शांति की एक बड़ी उम्मीद जगी है। ईरान और अमेरिका के वार्ताकार शनिवार से पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में उच्चस्तरीय बातचीत शुरू करने जा रहे हैं। इस वार्ता का मुख्य उद्देश्य उस नाजुक युद्धविराम (Ceasefire) को स्थिरता देना है, जो वर्तमान में इजरायल-हिजबुल्लाह के बीच जारी गोलाबारी और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर ईरानी नियंत्रण के कारण टूटने की कगार पर है।
इस्लामाबाद वार्ता: जे.डी. वैंस संभालेंगे मोर्चा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस महत्वपूर्ण वार्ता के लिए उपराष्ट्रपति जे.डी. वैंस को नियुक्त किया है, जो वाशिंगटन से रवाना हो चुके हैं।
ईरान का रुख: ईरान ने अभी तक अपने आधिकारिक वार्ताकारों के नाम गुप्त रखे हैं, लेकिन संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर कलीबाफ के बैठक में शामिल होने की संभावना है।
दबाव की राजनीति: ईरान की ‘तस्नीम न्यूज़’ के अनुसार, तेहरान ने साफ कर दिया है कि जब तक इजरायल लेबनान में हमले नहीं रोकता, बातचीत को ‘निलंबित’ माना जाएगा।
नेतन्याहू का बड़ा फैसला: लेबनान के साथ सीधी बातचीत
एक बड़े कूटनीतिक घटनाक्रम में इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने लेबनान के साथ “प्रत्यक्ष वार्ता” को मंजूरी दे दी है।
उद्देश्य: हिजबुल्लाह को निहत्था करना और 1948 से तकनीकी रूप से युद्ध की स्थिति में चल रहे दोनों देशों के बीच संबंध स्थापित करना।
अगला पड़ाव: यह वार्ता अगले हफ्ते वाशिंगटन में अमेरिकी विदेश विभाग (State Department) में शुरू हो सकती है।
युद्ध जारी: हालांकि, नेतन्याहू ने स्पष्ट किया है कि जब तक उत्तरी इजरायल के नागरिक सुरक्षित नहीं हो जाते, लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ सैन्य अभियान रुकेंगे नहीं।
होर्मुज जलडमरूमध्य: तेल की सप्लाई पर संकट
ईरान ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग, होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर रखा है और वहां समुद्री माइन्स (Mines) बिछाने के संकेत दिए हैं।
ट्रंप की चेतावनी: राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पर नाराजगी जताते हुए कहा, “ईरान होर्मुज से तेल गुजरने देने में बहुत खराब काम कर रहा है। यह वह समझौता नहीं है जो हमने किया था!”
वैश्विक असर: इस मार्ग के बंद होने से दुनिया भर में तेल और गैस की कीमतें आसमान छू रही हैं, जिससे वैश्विक बाजारों में भारी अनिश्चितता बनी हुई है।
कुवैत पर ड्रोन हमला और क्षेत्रीय तनाव
शांति वार्ताओं के बीच गुरुवार रात कुवैत के सरकारी परिसर पर हुए ड्रोन हमलों ने तनाव को और बढ़ा दिया है। कुवैत ने इसके लिए ईरान और उससे जुड़े मिलिशिया को जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने इन आरोपों को खारिज किया है।
आगे क्या?
अगले 48 घंटे मध्य पूर्व के भविष्य के लिए अत्यंत निर्णायक हैं। यदि इस्लामाबाद में जे.डी. वैंस और ईरानी प्रतिनिधियों के बीच सहमति बनती है, तो यह 28 फरवरी से जारी इस विनाशकारी युद्ध के अंत की शुरुआत हो सकती है।
