Wednesday, September 9, 2026
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​DC vs GT: आखिरी गेंद पर ‘वाइड’ का विवाद! अंपायर के फैसले पर भड़के फैंस, जानें क्या कहता है क्रिकेट का नियम

आईपीएल 2026 के एक बेहद रोमांचक मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स (DC) और गुजरात टाइटंस (GT) के बीच जीत-हार का फैसला आखिरी गेंद पर हुआ, लेकिन मैच खत्म होने के बाद असली ‘ड्रामा’ शुरू हुआ। आखिरी गेंद पर अंपायर के एक फैसले ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है कि क्या वह गेंद ‘वाइड’ थी या नहीं।

​DC vs GT: आखिरी गेंद पर ‘वाइड’ का विवाद! अंपायर के फैसले पर भड़के फैंस, जानें क्या कहता है क्रिकेट का नियम

​अहमदाबाद: नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में गुजरात टाइटंस को आखिरी गेंद पर जीत के लिए 2 रनों की दरकार थी। दिल्ली के गेंदबाज ने एक ‘वाइड यॉर्कर’ की कोशिश की, जो बल्लेबाज की पहुंच से काफी बाहर थी। अंपायर ने इसे ‘लीगल डिलीवरी’ करार दिया और गुजरात मैच हार गई। इसके तुरंत बाद मैदान पर बहस शुरू हो गई और जीटी के कप्तान ने रिव्यू (DRS) भी लिया, लेकिन फैसला नहीं बदला।

​मैदान पर क्या हुआ? (The Drama)

​गेंदबाज ने ऑफ-स्टंप के काफी बाहर गेंद फेंकी। बल्लेबाज गेंद तक पहुंचने के लिए क्रीज में थोड़ा बाहर की तरफ मूव हुआ था। अंपायर का तर्क था कि चूंकि बल्लेबाज ने अपनी पोजीशन बदली, इसलिए वह गेंद वाइड नहीं थी। वहीं गुजरात के खेमे का मानना था कि गेंद ‘वाइड लाइन’ के भी बाहर थी।

​क्या कहता है नियम? (The Rule Book)

​क्रिकेट के नियम बनाने वाली संस्था MCC (Law 22.1) और आईपीएल के संशोधित नियमों के अनुसार:

​बल्लेबाज की मूवमेंट: यदि बल्लेबाज गेंद फेंकने से पहले या फेंकने के दौरान अपनी पोजीशन बदलता है (शफल करता है), तो अंपायर ‘वाइड’ की काल्पनिक रेखा को भी थोड़ा खिसका देता है।

​पहुंच के भीतर: नियम कहता है कि यदि गेंद ऐसी जगह से गुजरी है जहाँ से बल्लेबाज एक ‘सामान्य क्रिकेटिंग शॉट’ खेलकर उस तक पहुँच सकता था, तो वह वाइड नहीं होगी।

​नया नियम (2025-26 अपडेट): अब अंपायर्स को सख्त निर्देश हैं कि यदि बल्लेबाज बहुत ज्यादा शफल कर रहा है, तो गेंदबाज को थोड़ा ‘मार्जिन’ दिया जाए।

​वाइड थी या नहीं? (The Verdict)

​रिप्ले में देखा गया कि जब गेंद बल्लेबाज के पास से गुजरी, तब बल्लेबाज ऑफ-साइड की ओर शफल कर चुका था।

​अंपायर का पक्ष: चूंकि बल्लेबाज मूव हुआ था, इसलिए गेंद उसकी पहुंच (Reach) के भीतर मानी गई।

​विवाद की वजह: गेंद ‘वाइड मार्कर’ के काफी बाहर थी, जिससे टीवी अंपायर के लिए भी फैसला लेना कठिन हो गया। अंततः ‘अंपायर कॉल’ को प्राथमिकता दी गई।

​सोशल मीडिया पर जंग

​मैच खत्म होते ही ट्विटर (X) पर “Cheating” और “Blind Umpiring” जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे। पूर्व क्रिकेटरों की राय भी बंटी हुई है। कुछ का कहना है कि गेंदबाज ने चतुराई दिखाई, वहीं कुछ का मानना है कि इतनी बाहर की गेंद किसी भी हाल में ‘फेयर’ नहीं हो सकती।

​विशेषज्ञ की राय: “मॉडर्न क्रिकेट में बल्लेबाज क्रीज का बहुत ज्यादा इस्तेमाल करते हैं। नियम अब गेंदबाजों के पक्ष में थोड़े झुके हैं ताकि गेम बैलेंस रहे। कल की गेंद ‘टेक्निकल’ आधार पर सही थी, लेकिन देखने में वह वाइड ही लग रही थी।”

​निष्कर्ष: तकनीकी तौर पर अंपायर का फैसला नियमों के दायरे में था, लेकिन इस ‘बवाल’ ने एक बार फिर क्रिकेट में अंपायरिंग के स्टैंडर्ड और टेक्नोलॉजी के दखल पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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