अन्तर्राष्ट्रीय

मिडिल ईस्ट महायुद्ध: संघर्षविराम घोषणा के बाद क्या-क्या हुआ, जानिए आज की 10 बड़ी खबरें

मिडिल ईस्ट महायुद्ध: संघर्षविराम घोषणा के बाद क्या-क्या हुआ, जानिए आज की 10 बड़ी खबरें

अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच दो हफ्ते के अस्थायी संघर्षविराम (सीजफायर) की घोषणा के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव कुछ कम हुआ है, लेकिन स्थिति अभी भी बेहद नाजुक बनी हुई है। करीब 40 दिनों के भीषण संघर्ष के बाद पाकिस्तान की मध्यस्थता में यह समझौता हुआ, जिसमें ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित रूप से फिर खोलने पर सहमति जताई। ट्रंप ने इसे “मिडिल ईस्ट का सुनहरा वक्त” बताया, लेकिन लेबनान में इजरायली हमले जारी रहने और ईरान द्वारा जलडमरूमध्य को फिर से रोकने की खबरों ने शांति की उम्मीदों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

यहां आज की 10 बड़ी खबरें:

दो हफ्ते का सीजफायर लागू: अमेरिका और ईरान ने दो सप्ताह के लिए हमले रोकने पर सहमति जताई। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित यातायात के लिए खोलने का वादा किया, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति पर असर कम होने की उम्मीद है। ट्रंप ने इसे अपनी “सैन्य जीत” बताया, जबकि ईरान ने इसे रणनीतिक सफलता करार दिया।

लेबनान में इजरायली हमले जारी: इजरायल ने स्पष्ट किया कि सीजफायर लेबनान पर लागू नहीं होता। बेरूत और दक्षिणी लेबनान में आज भी भारी बमबारी हुई, जिसमें सैकड़ों लोग मारे गए। प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा कि हिजबुल्लाह के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। ईरान ने इस पर होर्मुज को फिर रोकने की चेतावनी दी।

तेहरान और अन्य शहरों में जश्न: सीजफायर की घोषणा के बाद ईरान की राजधानी तेहरान समेत कई शहरों में लोगों ने झंडे लहराते हुए खुशियां मनाईं। ईरानी विदेश मंत्री ने कहा कि समझौते की शर्तें स्पष्ट हैं और अमेरिका को इजरायल के रास्ते युद्ध नहीं लड़ना चाहिए।

इस्लामाबाद में बातचीत शुरू: पाकिस्तान की मध्यस्थता में 10 अप्रैल को इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान वार्ता होगी। ईरान ने 10 सूत्री शांति योजना पेश की है, जिसमें प्रतिबंध हटाने और यूरेनियम संवर्धन जैसे मुद्दे शामिल हैं।

ट्रंप का नया बयान: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि मिडिल ईस्ट में “स्वर्ण युग” शुरू होने वाला है। उन्होंने ईरान को हथियार सप्लाई करने वाले देशों पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने की चेतावनी दी और साफ किया कि लेबनान अलग मुद्दा है।

गल्फ देशों की सकारात्मक प्रतिक्रिया: यूएई, सऊदी अरब समेत गल्फ सहयोग परिषद (GCC) के देशों ने सीजफायर का स्वागत किया। उन्होंने स्थायी शांति और क्षेत्रीय स्थिरता की अपील की। भारत ने भी संघर्षविराम का स्वागत किया और विदेश मंत्री एस. जयशंकर की यूएई यात्रा की घोषणा की।

तेल बाजार में राहत: सीजफायर की खबर से अंतरराष्ट्रीय तेल की कीमतों में गिरावट आई। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के 20 प्रतिशत तेल का रास्ता है, इसलिए इसकी सुरक्षा महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

ईरान की चेतावनी: ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने कहा कि उसके “हाथ ट्रिगर पर” बने हुए हैं। अगर इजरायल हमले जारी रखता है तो ईरान भारी जवाब दे सकता है।

गाजा में स्थिति अनिश्चित: गाजा में मौजूदा सीजफायर कमजोर बना हुआ है। हमास ने निरस्त्रीकरण से इनकार किया है और कहा कि इजरायल पहले चरण की शर्तें पूरी करे। क्षेत्रीय युद्ध के चलते गाजा शांति प्रक्रिया पर अतिरिक्त अनिश्चितता छाई हुई है।

वैश्विक प्रतिक्रियाएं: यूएन महासचिव ने सीजफायर को “किनारे से पीछे हटने का कदम” बताया। यूरोपीय देशों (जर्मनी, फ्रांस, ब्रिटेन) ने स्वागत किया, जबकि रूस और स्पेन ने तंज कसा। चीन ने स्थिरता बहाल करने के प्रयासों का समर्थन किया।

विश्लेषण: यह संघर्षविराम अस्थायी है और कई चुनौतियां बाकी हैं — लेबनान में जारी लड़ाई, होर्मुज पर विवाद और यूरेनियम संवर्धन जैसे मुद्दे। अगर वार्ता सफल हुई तो स्थायी शांति संभव है, वरना क्षेत्र फिर से अशांत हो सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *