डेनमार्क में दो ट्रेनों की भीषण टक्कर: हिलेरोड के पास आमने-सामने भिड़ंत, 5 गंभीर सहित कई घायल
डेनमार्क में दो ट्रेनों की भीषण टक्कर: हिलेरोड के पास आमने-सामने भिड़ंत, 5 गंभीर सहित कई घायल
कोपेनहेगन: यूरोपीय देश डेनमार्क में गुरुवार, 23 अप्रैल 2026 की सुबह एक बड़ा रेल हादसा हो गया। कोपेनहेगन से लगभग 40 किलोमीटर उत्तर में स्थित हिलेरोड के पास दो ट्रेनों की आमने-सामने टक्कर हो गई। इस हादसे में अब तक 5 लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की खबर है, जबकि कई अन्य को मामूली चोटें आई हैं।
हादसे का विवरण
पुलिस और ग्रेटर कोपेनहेगन फायर डिपार्टमेंट के अनुसार, यह टक्कर स्थानीय समयानुसार सुबह लगभग 6:30 बजे हुई। दुर्घटना एक लेवल क्रॉसिंग के पास हुई, जहाँ दोनों ट्रेनें एक ही ट्रैक पर आ गईं।
कुल सवार: नॉर्थ लीलैड पुलिस के अनुसार, दोनों ट्रेनों में कुल 38 यात्री और कर्मचारी सवार थे।
हताहतों की संख्या: अधिकारियों ने पुष्टि की है कि हादसे में 5 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इसके अलावा, लगभग एक दर्जन अन्य लोगों को प्राथमिक उपचार की आवश्यकता पड़ी है।
बचाव कार्य: घायलों को त्वरित राहत देने के लिए एयर एम्बुलेंस (हेलिकॉप्टर) का उपयोग किया गया और उन्हें नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
जांच के घेरे में दुर्घटना
हादसे के बाद सामने आई तस्वीरों में ट्रेनों के अगले हिस्से (Drivers’ Cabins) बुरी तरह क्षतिग्रस्त नजर आ रहे हैं, हालांकि राहत की बात यह रही कि ट्रेनें पटरी से नीचे नहीं उतरीं और सीधी खड़ी रहीं। जांच एजेंसियां अब इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि आधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम के बावजूद दो ट्रेनें एक ही ट्रैक पर कैसे आ गईं।
स्थानीय प्रशासन की प्रतिक्रिया
ग्रिब्सकोव शहर की मेयर ट्रिने एगेटवेड ने इस घटना पर दुख जताते हुए फेसबुक पर पोस्ट किया। उन्होंने कहा:
”यह हादसा एक ऐसी लोकल रेल लाइन पर हुआ है जो हमारे शहर के कर्मचारियों, निवासियों और स्कूली बच्चों के लिए जीवनरेखा है। घायलों की सहायता के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।”
प्रमुख बिंदु:
स्थान: हिलेरोड के पास (कोपेनहेगन से 40 किमी उत्तर)।
समय: गुरुवार सुबह 6:30 बजे।
क्षति: 5 गंभीर घायल, 12 मामूली घायल, ट्रेनों के इंजन बुरी तरह क्षतिग्रस्त।
कारण: शुरुआती जांच जारी, मानवीय त्रुटि या तकनीकी खराबी की आशंका।
डेनमार्क में इस तरह के ट्रेन हादसे दुर्लभ माने जाते हैं, जिसके कारण रेलवे सुरक्षा मानकों पर अब गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। स्थानीय रेल सेवा को फिलहाल इस मार्ग पर रोक दिया गया है।
