AI जगत में सबसे बड़ी सेंध: दुनिया का सबसे शक्तिशाली मॉडल ‘Mythos’ हुआ लीक, ब्लैक मार्केट में पहुँचा डेटा
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में एक ऐसी खबर आई है जिसने तकनीकी गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। दुनिया के सबसे शक्तिशाली और सुरक्षित माने जाने वाले AI मॉडल ‘Mythos’ के सोर्स कोड में बड़ी सेंधमारी की खबर है।
यहाँ इस सनसनीखेज घटना की पूरी रिपोर्ट दी गई है:
AI जगत में सबसे बड़ी सेंध: दुनिया का सबसे शक्तिशाली मॉडल ‘Mythos’ हुआ लीक, ब्लैक मार्केट में पहुँचा डेटा
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के भविष्य को लेकर जिस खतरे की आशंका जताई जा रही थी, वह सच साबित होती दिख रही है। दुनिया के सबसे एडवांस और ‘क्लोज्ड-सोर्स’ माने जाने वाले AI मॉडल ‘Mythos’ के डेटाबेस और मुख्य एल्गोरिदम में बड़ी सेंधमारी हुई है। रिपोर्टों के अनुसार, इस मॉडल का सोर्स कोड अब डार्क वेब और संदिग्ध विदेशी हाथों में पहुँच गया है, जिससे वैश्विक सुरक्षा और बौद्धिक संपदा (IP) पर गंभीर खतरा मंडराने लगा है।
क्या है Mythos और यह इतना खास क्यों है?
Mythos को ‘जनरेशन-5’ का सबसे ताकतवर AI मॉडल माना जाता है। इसकी खासियत यह है कि यह न केवल इंसानों की तरह सोच सकता है, बल्कि जटिल सैन्य रणनीतियों, कोडिंग और बायो-इंजीनियरिंग के क्षेत्रों में सटीक परिणाम देने में सक्षम है।
खतरा: अगर यह गलत हाथों में जाता है, तो इसके जरिए बेहद खतरनाक साइबर हमले और ऑटोनॉमस हथियार विकसित किए जा सकते हैं।
कैसे हुई इतनी बड़ी चूक?
शुरुआती जांच के अनुसार, यह कोई बाहरी हैकिंग नहीं बल्कि एक ‘इनसाइडर थ्रेट’ (अंदरूनी मिलीभगत) का मामला लग रहा है।
सर्वर में सेंध: सुरक्षा फर्मों का दावा है कि कंपनी के मुख्य डेटा सेंटर के एक ‘बैकडोर’ का इस्तेमाल कर डेटा कॉपी किया गया।
इनक्रिप्शन का टूटना: Mythos की सुरक्षा के लिए इस्तेमाल की गई मल्टी-लेयर इनक्रिप्शन को भी बाईपास कर दिया गया है।
ब्लैक मार्केट में बिक्री: खबर है कि इस मॉडल के सोर्स कोड को डार्क वेब पर करोड़ों डॉलर्स में नीलाम किया जा रहा है।
किन हाथों में पहुँचा ‘Mythos’?
सुरक्षा एजेंसियों के लिए सबसे बड़ी चिंता यह है कि यह डेटा किन ताकतों के पास पहुँचा है। सूत्रों के मुताबिक:
प्रतिद्वंद्वी देश: कुछ विदेशी जासूसी एजेंसियां इस कोड को हासिल करने की कोशिश में थीं ताकि वे अपने एआई प्रोग्राम को रातों-रात अपग्रेड कर सकें।
साइबर अपराधी: बड़े हैकर समूह इस कोड का इस्तेमाल कर ऐसे ‘मैलवेयर’ बना सकते हैं जिन्हें दुनिया का कोई भी एंटी-वायरस नहीं पहचान पाएगा।
विशेषज्ञों की राय: “यह परमाणु रहस्य लीक होने जैसा है”
टेक विशेषज्ञों का कहना है कि Mythos का लीक होना किसी देश के परमाणु रहस्य लीक होने के बराबर है। सिलिकॉन वैली के एक वरिष्ठ विश्लेषक ने कहा:
”अगर यह कोड सार्वजनिक हो जाता है या गलत हाथों में रहता है, तो हम एक ऐसे युग में प्रवेश करेंगे जहाँ AI का इस्तेमाल तबाही मचाने के लिए किया जाएगा। अब इसे वापस पाना नामुमकिन है।”
अब आगे क्या?
इस घटना के बाद वैश्विक टेक कंपनियों ने अपने सुरक्षा प्रोटोकॉल को ‘हाई अलर्ट’ पर डाल दिया है। कई देशों की सरकारों ने एआई सुरक्षा नियमों (AI Safety Regulations) को और कड़ा करने के लिए आपातकालीन बैठकें बुलाई हैं। वहीं, Mythos बनाने वाली कंपनी ने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक सफाई पेश नहीं की है, जिससे निवेशकों और यूजर्स में भारी बेचैनी है।
