राजनीति

बंगाल चुनाव: मुर्शिदाबाद में हुमायूं कबीर और TMC समर्थकों के बीच तीखी झड़प, चुनाव आयोग ने मांगी रिपोर्ट

बंगाल चुनाव: मुर्शिदाबाद में हुमायूं कबीर और TMC समर्थकों के बीच तीखी झड़प, चुनाव आयोग ने मांगी रिपोर्ट

​मुर्शिदाबाद: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के दौरान मुर्शिदाबाद जिला तनाव का केंद्र बन गया है। जिले के नाओडा विधानसभा क्षेत्र में ‘आम जनता उन्नयन पार्टी’ (AUJP) के संस्थापक हुमायूं कबीर और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कार्यकर्ताओं के बीच जबरदस्त भिड़ंत की खबर सामने आई है।

​घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें भारी भीड़ और पुलिस बल के बीच हुमायूं कबीर को विरोधियों से उलझते देखा जा सकता है। हालात को देखते हुए चुनाव आयोग ने जिला प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।

​कच्चा बम फेंकने वाली जगह पर हुआ बवाल

​जानकारी के अनुसार, हुमायूं कबीर उस इलाके का दौरा करने पहुंचे थे जहाँ कल रात एक ‘कच्चा बम’ फेंके जाने की वारदात हुई थी।

​आमने-सामने आए समर्थक: जैसे ही कबीर वहां पहुंचे, टीएमसी समर्थकों ने उन्हें घेर लिया। देखते ही देखते दोनों गुट भिड़ने को तैयार हो गए।

​पुलिस और अर्धसैनिक बल: स्थिति बिगड़ती देख मौके पर मौजूद बड़ी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों ने मोर्चा संभाला और बीच-बचाव कर हुमायूं कबीर को सुरक्षित निकाला।

​हुमायूं कबीर के गंभीर आरोप: ‘पुलिस का बैग छीना गया’

​झड़प के बाद हुमायूं कबीर ने मीडिया से बात करते हुए इलाके में चुनावी धांधली और अराजकता के आरोप लगाए।

​गड़बड़ी का दावा: कबीर ने कहा, “मुर्शिदाबाद की सभी 22 सीटों पर चुनाव शांतिपूर्ण हैं, लेकिन नाओडा के बूथ नंबर 9 और 10 पर रात में भारी गड़बड़ी हुई। उपद्रवियों ने स्थानीय पुलिस का बैग तक छीन लिया।”

​शांति की अपील: कल की बमबाजी की घटना पर उन्होंने कहा कि डराने की कोशिश की गई थी, लेकिन वह सफल नहीं हुई। उन्होंने समर्थकों से अपील की कि हमारा मकसद किसी को मारना या धमकाना नहीं है, सभी शांति से मतदान करें।

​डोमकल में मतदाताओं में दहशत: ‘वोट दिया तो होगा हमला’

​सिर्फ नाओडा ही नहीं, बल्कि डोमकल इलाके से भी डराने-धमकाने की खबरें आ रही हैं।

​TMC पर आरोप: मतदाताओं के एक बड़े वर्ग का दावा है कि टीएमसी के लोग उन्हें खुलेआम चेतावनी दे रहे हैं। मतदाताओं का कहना है कि उन्हें कहा गया है कि अगर किसी ने वोट डालने की कोशिश की, तो उन पर हमला किया जाएगा।

​डर का माहौल: इन धमकियों के कारण कई संवेदनशील बूथों पर मतदाता घर से निकलने में कतरा रहे हैं।

​प्रशासन का पक्ष: ‘सब कुछ शांतिपूर्ण’

​विपक्षी दलों और उम्मीदवारों के भारी हंगामे के बीच पुलिस प्रशासन ने हिंसा की खबरों को खारिज किया है।

​ASP का बयान: मुर्शिदाबाद के एएसपी माजिद खान ने मीडिया से कहा, “हालात पूरी तरह शांतिपूर्ण हैं। कहीं भी कोई बड़ी अप्रिय घटना नहीं हुई है। पुलिस और सुरक्षा बल चप्पे-चप्पे पर तैनात हैं।”

​चुनाव आयोग की कार्रवाई: > “आयोग ने मुर्शिदाबाद की घटना का संज्ञान लिया है। विशेष पर्यवेक्षकों और जिला निर्वाचन अधिकारी से इस झड़प और मतदाताओं को धमकाने के आरोपों पर तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी गई है।”

​निष्कर्ष: मुर्शिदाबाद में पहले चरण की वोटिंग के दौरान बढ़ते तनाव ने सुरक्षा इंतजामों की पोल खोल दी है। एक तरफ नेता एक-दूसरे पर हमले और धांधली के आरोप लगा रहे हैं, तो दूसरी तरफ पुलिस इसे सामान्य बता रही है। चुनाव के अगले चरणों में हिंसा की आशंका को देखते हुए अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की जा सकती है।

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