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‘धुरंधर 2’ की सफलता के बीच आदित्य धर को बड़ी राहत, बॉम्बे हाई कोर्ट ने फिल्ममेकर संतोष कुमार की बयानबाजी पर लगाई रोक

‘धुरंधर 2’ की सफलता के बीच आदित्य धर को बड़ी राहत, बॉम्बे हाई कोर्ट ने फिल्ममेकर संतोष कुमार की बयानबाजी पर लगाई रोक

​इन दिनों फिल्म ‘धुरंधर 2’ की जबरदस्त कामयाबी का लुत्फ उठा रहे निर्देशक आदित्य धर के लिए कानूनी मोर्चे से एक अच्छी खबर आई है। फिल्म की स्क्रिप्ट को लेकर चल रहे विवाद में बॉम्बे हाई कोर्ट ने आदित्य धर को अंतरिम राहत प्रदान की है।

​अदालत ने फिल्म निर्माता संतोष कुमार को आदेश दिया है कि वे फिल्म या आदित्य धर के खिलाफ किसी भी तरह की मानहानिकारक टिप्पणी न करें।

​क्या है पूरा विवाद?

​विवाद की शुरुआत तब हुई जब संतोष कुमार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए आदित्य धर पर कहानी चोरी करने का गंभीर आरोप लगाया।

​चोरी का आरोप: कुमार का दावा है कि ‘धुरंधर: द रिवेंज’ उनकी मूल स्क्रिप्ट ‘डी साहब’ की नकल है।

​रजिस्ट्रेशन का दावा: संतोष कुमार के अनुसार, उन्होंने यह स्क्रिप्ट 2023 में ही ‘स्क्रीनराइटर्स एसोसिएशन’ में पंजीकृत कराई थी और कई बड़े प्रोडक्शन हाउस के साथ इस पर चर्चा भी की थी।

​आदित्य धर का पक्ष: धर ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया और इसे अपनी छवि खराब करने की कोशिश बताया।

​अदालत की कार्यवाही और फैसला

​मामले की सुनवाई बॉम्बे हाई कोर्ट के एकल न्यायाधीश न्यायमूर्ति आरिफ डॉक्टर ने की।

​अधिवक्ता की दलील: आदित्य धर की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. बीरेंद्र सराफ ने अदालत को बताया कि संतोष कुमार लगातार मीडिया में मानहानिकारक बयान दे रहे हैं, जिससे निर्देशक की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच रहा है।

​कोर्ट का आदेश: अदालत ने प्रथम दृष्टया मामला बनता देख संतोष कुमार को अगले आदेश तक फिल्म या निर्देशक के खिलाफ किसी भी तरह की टिप्पणी करने या उन्हें दोहराने से रोक दिया है।

​अगली सुनवाई: कोर्ट ने संतोष कुमार को नोटिस जारी किया है और मामले की अगली सुनवाई 16 अप्रैल के लिए तय की है।

​सफलता का जश्न जारी

​एक तरफ जहाँ कानूनी लड़ाई चल रही है, वहीं दूसरी तरफ ‘धुरंधर 2’ बॉक्स ऑफिस पर झंडे गाड़ रही है। आदित्य धर सोशल मीडिया पर लगातार सक्रिय हैं और अपनी फिल्म की पूरी टीम का आभार व्यक्त कर रहे हैं। कोर्ट से मिली इस अंतरिम राहत ने निश्चित रूप से फिल्म की टीम और समर्थकों को बड़ी राहत दी है।

​निष्कर्ष: अब सभी की निगाहें 16 अप्रैल को होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं, जहाँ संतोष कुमार को अदालत के समक्ष अपना पक्ष रखना होगा। फिलहाल के लिए आदित्य धर के खिलाफ सार्वजनिक बयानबाजी पर पूरी तरह रोक लग गई है।

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