अन्तर्राष्ट्रीय

ईरान और अमेरिका के बीच आखिरी घंटों में संघर्षविराम पर कैसे बनी बात: इनसाइड स्टोरी

ईरान और अमेरिका के बीच आखिरी घंटों में संघर्षविराम पर कैसे बनी बात: इनसाइड स्टोरी

अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते का अस्थायी संघर्षविराम (two-week ceasefire) तय हो गया है। यह समझौता मंगलवार रात (7 अप्रैल 2026) को ट्रंप के अल्टीमेटम खत्म होने से ठीक डेढ़-दो घंटे पहले हुआ, जब पूरी दुनिया युद्ध के और बढ़ने के डर से सांसें थामे हुए थी।

क्या है समझौता?

अमेरिका दो हफ्तों के लिए ईरान पर बमबारी और हमले रोक देगा।

ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को तुरंत और सुरक्षित रूप से दोबारा खोल देगा, ताकि तेल और अन्य सामान की शिपिंग फिर से शुरू हो सके।

दोनों पक्ष इस दौरान इस्लामाबाद (पाकिस्तान) में बातचीत शुरू करेंगे। पहली बैठक शुक्रवार (10 अप्रैल) से हो सकती है।

ईरान ने एक 10-पॉइंट प्लान पेश किया है, जिसमें स्थायी युद्धविराम, प्रतिबंध हटाना, फ्रोजन एसेट्स रिलीज और युद्ध के नुकसान का मुआवजा शामिल है। ट्रंप ने इसे शुरू में “workable” बताया, बाद में कुछ शंकाएं जताईं।

यह समझौता पाकिस्तान की मध्यस्थता से हुआ। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख ने दोनों पक्षों के बीच संदेश पहुंचाए। ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने इसे स्वीकार कर लिया, लेकिन साफ कहा कि “यह युद्ध का अंत नहीं है, सिर्फ अस्थायी ठहराव है”।

आखिरी घंटों की इनसाइड स्टोरी

ट्रंप ने ईरान को 7 अप्रैल रात 8 बजे (EST) यानी भारतीय समयानुसार सुबह करीब 5:30 बजे तक का अल्टीमेटम दिया था — या तो होर्मुज खोलो, वरना ईरान के पावर प्लांट, ब्रिज और इंफ्रास्ट्रक्चर को तबाह कर देंगे। उन्होंने सोशल मीडिया पर चेतावनी दी थी: “A whole civilization will die tonight” (आज रात पूरी सभ्यता मर जाएगी)।

समयसीमा नजदीक आते-आते:

पाकिस्तान के जरिए पिछले दिनों से गुप्त बातचीत चल रही थी।

ईरान ने शुरू में स्थायी समाधान मांगा, अस्थायी सीजफायर को ठुकराया।

आखिरी क्षणों में दोनों तरफ नरमी आई। ट्रंप ने Truth Social पर पोस्ट किया कि वे दो हफ्ते के लिए हमले रोकने को तैयार हैं, शर्त होर्मुज का खुलना।

ईरान ने स्वीकार किया और होर्मुज में शिपिंग को ईरानी मिलिट्री के कोऑर्डिनेशन में दोबारा शुरू करने की बात कही।

समझौते के कुछ घंटे बाद भी खाड़ी क्षेत्र और इजरायल में कुछ मिसाइल हमलों की खबरें आईं, लेकिन अमेरिका ने हमले रोक दिए। इजरायल ने कहा कि लेबनान इस सीजफायर में शामिल नहीं है और वहां उसके हमले जारी रह सकते हैं।

दोनों पक्षों की प्रतिक्रिया

ट्रंप प्रशासन: इसे “पूर्ण जीत” बताया। होर्मुज खुलने से ग्लोबल ऑयल सप्लाई सुरक्षित होगी और आगे स्थायी डील की राह खुलेगी।

ईरान: इसे “ऐतिहासिक जीत” करार दिया। कहा कि अमेरिका-इजरायल को झुकना पड़ा और उनका 10-पॉइंट प्लान मान लिया गया।

दुनिया की प्रतिक्रिया: यूरोपीय संघ, ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों ने स्वागत किया और स्थायी समाधान की अपील की। तेल की कीमतें गिर गईं, बाजारों में राहत।

अभी क्या चुनौतियां हैं?

यह सिर्फ दो हफ्ते का अस्थायी ठहराव है। इजरायल-लेबनान मोर्चे पर तनाव बरकरार है। ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका फिर हमले शुरू करे तो वे “खाली हाथ नहीं बैठेंगे”। विशेषज्ञों का कहना है कि समझौता नाजुक है और टूटने का खतरा बना रहता है।

अपडेट: सीजफायर कब से लागू होगा, इसकी सटीक तारीख अभी दोनों तरफ से नहीं बताई गई है। इस्लामाबाद में होने वाली बातचीत पर सबकी नजर है। आगे की डेवलपमेंट्स के लिए खबरें फॉलो करें।

यह घटना 40 दिनों से चल रहे मिडिल ईस्ट संघर्ष में अचानक कूटनीतिक मोड़ लाई है, लेकिन स्थायी शांति अभी दूर दिख रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *