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भारतीय सेना की बढ़ी ताकत: इजरायली तकनीक से लैस ‘नेगेव’ LMG हुई शामिल, जानें इसकी घातक खासियतें

भारतीय सेना की बढ़ी ताकत: इजरायली तकनीक से लैस ‘नेगेव’ LMG हुई शामिल, जानें इसकी घातक खासियतें

भारतीय रक्षा क्षेत्र में ‘आत्मनिर्भरता’ और आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, भारतीय सेना ने अपनी अग्रिम चौकियों पर नई नेगेव (Negev) NG-7 लाइट मशीन गन (LMG) को तैनात करना शुरू कर दिया है। इजरायल के सहयोग से तैयार यह हथियार सीमा पर तैनात सैनिकों की मारक क्षमता को कई गुना बढ़ा देगा।

इजरायल का हाथ और ‘मेक इन इंडिया’ का मेल

भारतीय रक्षा मंत्रालय ने इजरायल वेपन्स इंडस्ट्रीज (IWI) के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता किया था। इस सौदे के तहत हजारों की संख्या में ये मशीन गन भारतीय सेना को मिल रही हैं। खास बात यह है कि यह तकनीक इजरायल की है, जो अपनी सटीकता और मजबूती के लिए दुनिया भर में मशहूर है।

नेगेव NG-7 LMG की प्रमुख विशेषताएं

यह मशीन गन पुरानी ‘इनसास’ LMG की जगह ले रही है। इसकी तकनीकी खूबियां इसे आधुनिक युद्ध के लिए सबसे उपयुक्त बनाती हैं:

| विशेषता | विवरण |

| कैलिबर (Caliber) | 7.62 x 51 mm (बेहद शक्तिशाली मारक क्षमता) |

| फायरिंग मोड | सेमी-ऑटोमैटिक और फुल-ऑटोमैटिक दोनों मोड उपलब्ध |

| रेट ऑफ फायर | 600 से 750 राउंड प्रति मिनट |

| वजन | यह अपनी श्रेणी में सबसे हल्की गन में से एक है (लगभग 7.9 किलोग्राम) |

| मारक क्षमता | 800 मीटर से अधिक की सटीक दूरी तक प्रहार |

सैनिकों के लिए क्यों है यह ‘गेम चेंजर’?

* सटीकता और स्टेबिलिटी: नेगेव में एक खास ‘सेमी-ऑटोमैटिक’ मोड है, जो सटीक निशाना लगाने (पिन्पॉइंट एक्यूरेसी) में मदद करता है। आमतौर पर मशीन गन में यह सुविधा कम ही मिलती है।

* प्रतिकूल परिस्थितियों में सक्षम: इसे रेगिस्तान की धूल, पहाड़ों की ठंड और घने जंगलों की नमी को ध्यान में रखकर बनाया गया है। यह जाम होने की संभावना को न्यूनतम करती है।

* नाइट विजन सपोर्ट: इस गन पर आसानी से आधुनिक ऑप्टिकल साइट्स और नाइट विजन उपकरण लगाए जा सकते हैं, जिससे रात के अंधेरे में भी दुश्मन का बचना नामुमकिन है।

* हल्का वजन: वजन कम होने के कारण पैदल सेना (Infantry) के जवान इसे लेकर दुर्गम पहाड़ियों पर आसानी से चढ़ सकते हैं।

रक्षा विशेषज्ञों की राय

विशेषज्ञों का मानना है कि 7.62 x 51 mm कैलिबर वाली यह गन दुश्मन के बंकरों को भेदने और लंबी दूरी से आतंकी घुसपैठ को रोकने में रामबाण साबित होगी। इजरायली तकनीक के शामिल होने से भारतीय सैनिकों का आत्मविश्वास भी बढ़ेगा, क्योंकि उन्हें अब दुनिया के बेहतरीन हथियारों में से एक का साथ मिला है।

निष्कर्ष: नेगेव NG-7 का सेना में शामिल होना न केवल सैन्य आधुनिकीकरण का प्रतीक है, बल्कि भारत और इजरायल के बीच गहरे रक्षा संबंधों की एक नई मिसाल भी है। अब सीमा पर भारतीय जवान और भी अधिक चौकस और घातक प्रहार करने के लिए तैयार हैं।

 

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