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वरुण धवन की बेटी को हुई ‘DDH’ की समस्या: क्या है यह बीमारी और क्यों माता-पिता के लिए है इसे पहचानना जरूरी?

वरुण धवन की बेटी को हुई ‘DDH’ की समस्या: क्या है यह बीमारी और क्यों माता-पिता के लिए है इसे पहचानना जरूरी?

मुंबई: बॉलीवुड अभिनेता वरुण धवन और उनकी पत्नी नताशा दलाल हाल ही में माता-पिता बने हैं, लेकिन उनके प्रशंसकों के लिए एक चिंताजनक खबर सामने आई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, वरुण की नन्हीं बेटी को ‘DDH’ (Developmental Dysplasia of the Hip) नाम की एक समस्या का सामना करना पड़ा है। हालांकि अब उनकी बेटी रिकवरी की राह पर है, लेकिन इस खबर ने नवजात शिशुओं में होने वाली इस गंभीर स्थिति की ओर सबका ध्यान खींचा है।

क्या होता है DDH (डेवलपमेंटल डिस्प्लेजिया ऑफ द हिप)?

यह एक जन्मजात स्थिति है जिसमें कूल्हे का जोड़ (Hip Socket) ठीक से विकसित नहीं होता है।

* इसमें जांघ की हड्डी (Femur) का सिरा कूल्हे के सॉकेट में सही तरीके से नहीं बैठता।

* कभी-कभी जोड़ पूरी तरह से अपनी जगह से हट (Dislocate) जाता है या बहुत ढीला रहता है।

* यदि समय पर इलाज न किया जाए, तो भविष्य में बच्चे को चलने-फिरने में कठिनाई और कम उम्र में ही गठिया (Arthritis) जैसी समस्या हो सकती है।

DDH के शुरुआती लक्षण: जिन्हें इग्नोर न करें

डॉक्टरों के अनुसार, बच्चों में इन संकेतों को पहचानना बहुत जरूरी है:

* पैरों की लंबाई में अंतर: एक पैर दूसरे पैर की तुलना में थोड़ा छोटा दिख सकता है।

* स्किन फोल्ड्स का असमान होना: बच्चे की जांघों या कूल्हों के नीचे की त्वचा की सिलवटें (Skin Folds) एक जैसी न दिखना।

* हिलने-डुलने में आवाज: डायपर बदलते समय बच्चे के कूल्हों से ‘चटकने’ या ‘क्लिक’ की आवाज आना।

* लचक की कमी: एक पैर को बाहर की तरफ फैलाने में दूसरे पैर की तुलना में ज्यादा कठिनाई होना।

* चाल में बदलाव: जब बच्चा चलना शुरू करे, तो उसका लंगड़ाकर चलना (Limping) या पैर घसीटना।

इलाज और सावधानी

अच्छी खबर यह है कि यदि DDH का पता जन्म के कुछ हफ्तों के भीतर ही चल जाए, तो इसे आसानी से ठीक किया जा सकता है:

* पावलिक हार्नेस (Pavlik Harness): इसमें बच्चे को एक विशेष बेल्ट जैसी पट्टी पहनाई जाती है जो कूल्हे को सही स्थिति में रखती है।

* स्वाडलिंग (Swaddling) का तरीका: बच्चों को कपड़े में लपेटते समय पैरों को बहुत कसकर सीधा नहीं बांधना चाहिए। पैरों को थोड़ा मुड़ा हुआ और बाहर की तरफ फैलने की जगह देनी चाहिए।

विशेषज्ञ की सलाह: नवजात शिशु के जन्म के बाद उसका pediatric Orthopedic चेकअप जरूर करवाएं। वरुण धवन की बेटी का मामला यह याद दिलाता है कि जागरूक रहकर ही बच्चों को भविष्य की बड़ी परेशानियों से बचाया जा सकता है।

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