राजनीति

असम चुनाव 2026: महिला वोटर – साइलेंट नहीं, अब गेमचेंजर

असम विधानसभा चुनाव 2026 (9 अप्रैल) की आहट के साथ ही राज्य का राजनीतिक गणित पूरी तरह बदल गया है। इस बदलाव के केंद्र में हैं महिला वोटर, जो अब ‘साइलेंट’ (शांत) रहने के बजाय ‘गेमचेंजर’ (परिणाम बदलने वाली) की भूमिका में आ गई हैं।

असम चुनाव 2026: महिला वोटर – साइलेंट नहीं, अब गेमचेंजर

असम के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, राज्य के कुल 2.50 करोड़ मतदाताओं में से लगभग 50% (1,25,04,501) महिलाएं हैं। यह आंकड़ा ही स्पष्ट करता है कि सत्ता की चाबी अब महिलाओं के हाथ में है।

वोटिंग पैटर्न में बड़े बदलाव के 3 मुख्य कारण

1. कल्याणकारी योजनाओं का सीधा असर (DBT)

असम सरकार की ‘ओरुनोडोई’ (Orunodoi) योजना इस चुनाव में सबसे बड़ा ‘ट्रम्प कार्ड’ मानी जा रही है।

* बड़ा अपडेट: 10 मार्च 2026 को मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने राज्य की लगभग 40 लाख महिलाओं के खातों में ₹3,600 करोड़ (प्रति लाभार्थी ₹9,000) ट्रांसफर किए।

* यह सीधे बैंक खाते (Direct Benefit Transfer) में जाने वाली राशि ने महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाया है, जिससे उनका झुकाव सत्ताधारी दल की ओर बढ़ा है।

2. ‘लखपति बैदेव’ और उद्यमिता अभियान

मुख्यमंत्री महिला उद्यमिता अभियान (MMUA) के तहत 32 लाख से अधिक महिलाओं को ₹10,000 की शुरुआती सहायता दी गई है। पीएम मोदी के ‘लखपति दीदी’ विजन की तर्ज पर असम में ‘लखपति बैदेव’ बनाने का लक्ष्य महिलाओं को वोटिंग बूथ तक खींचने का काम कर रहा है।

3. सुरक्षा और सामाजिक मुद्दे

बाल विवाह (Child Marriage) के खिलाफ सरकार की कड़ी कार्रवाई और ‘मुस्लिम विवाह पंजीकरण अधिनियम’ को रद्द करने जैसे फैसलों ने महिला सुरक्षा और उनके अधिकारों को एक बड़ा चुनावी मुद्दा बना दिया है। महिला मतदाताओं का एक बड़ा वर्ग इसे अपने सम्मान और भविष्य से जोड़कर देख रहा है।

आंकड़ों की जुबानी: महिलाओं का बढ़ता दबदबा

| विवरण | सांख्यिकी (2026 चुनाव) |

| कुल महिला वोटर | 1.25 करोड़ (लगभग 50%) |

| महिला संचालित पोलिंग स्टेशन | 3,716 |

| महिला कर्मचारियों द्वारा प्रबंधित बूथ (डिब्रूगढ़) | 300 |

| पहली बार वोट देने वाली युवतियां | लाखों में (18-19 आयु वर्ग) |

राजनीतिक दलों की रणनीति

* भाजपा (BJP): ‘लाभार्थी’ वर्ग (Beneficiary Class) तैयार कर महिलाओं को अपना स्थायी वोट बैंक बनाने में जुटी है।

* कांग्रेस (INC): गौरव गोगोई के नेतृत्व में कांग्रेस महिलाओं के लिए और अधिक वित्तीय लाभ और सुरक्षा के वादे कर इस वोट बैंक में सेंध लगाने की कोशिश कर रही है।

निष्कर्ष: असम में पहले महिलाएं अक्सर परिवार के पुरुषों के प्रभाव में वोट देती थीं, लेकिन अब आर्थिक स्वावलंबन और सरकारी योजनाओं के सीधे लाभ ने उन्हें एक स्वतंत्र और निर्णायक ‘पावर ब्लॉक’ बना दिया है।

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