‘कांतारा’ विवाद: मंदिर जाकर भी माफी मांगेंगे रणवीर सिंह, कोर्ट ने लगाई कड़ी फटकार – “सुपरस्टार कानून से ऊपर नहीं”
‘कांतारा’ विवाद: मंदिर जाकर भी माफी मांगेंगे रणवीर सिंह, कोर्ट ने लगाई कड़ी फटकार – “सुपरस्टार कानून से ऊपर नहीं”
बेंगलुरु: बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह को फिल्म ‘कांतारा’ (ऋषभ शेट्टी की) के प्रसिद्ध ‘दैवा’ सीन की मिमिक्री करने पर धार्मिक भावनाएं आहत करने के मामले में कर्नाटक हाई कोर्ट ने जमकर फटकार लगाई है। अदालत ने कहा कि सेलिब्रिटी होने का मतलब धार्मिक आस्थाओं का मजाक उड़ाने का लाइसेंस नहीं है।
रणवीर सिंह ने कोर्ट में माफी मांगी और कहा कि वह मैसूर के चामुंडेश्वरी मंदिर जाकर भी व्यक्तिगत रूप से माफी मांगेंगे। उनके वकील ने अदालत से कहा, “मैं सिर झुकाता हूं… हम मंदिर जाकर माफी मांगेंगे।”
क्या था पूरा विवाद?
दिसंबर 2025 में गोवा के IFFI (इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया) में रणवीर सिंह ने ‘कांतारा चैप्टर 1’ के दैवा सीन की नकल की।
उन्होंने चावुंडी (चामुंडा) देवी को ‘महिला भूत’ (female ghost) कहकर संबोधित किया, जिससे कर्नाटक में हिंदू धार्मिक संगठनों में भारी आक्रोश फैल गया।
बेंगलुरु पुलिस में FIR दर्ज हुई (BNS की धाराएं 196, 299, 302 आदि) – धार्मिक भावनाएं आहत करने और सार्वजनिक शरारत के आरोप।
रणवीर ने पहले सोशल मीडिया पर माफी मांगी थी, लेकिन विवाद थमा नहीं।
कोर्ट ने क्या कहा? (24 फरवरी 2026 की सुनवाई)
जस्टिस एम. नागप्रसन्ना की एकलपीठ ने रणवीर सिंह को कड़ी नसीहत दी:
“आप रणवीर सिंह हो सकते हैं या कोई और… लेकिन loose tongued (बिना सोचे-समझे बोलने) नहीं हो सकते।”
“अगर देवी के बारे में बोल रहे हो तो रिसर्च करो। देवी को भूत नहीं कह सकते। धार्मिक भावनाएं आहत करने का कोई अधिकार नहीं है।”
“माफी मांगने से आपके शब्द वापस हो जाएंगे क्या? इंटरनेट कभी नहीं भूलता।”
“सुपरस्टार कानून से ऊपर नहीं होते। आपका प्रभाव लाखों लोगों पर है, इसलिए जिम्मेदारी समझिए।”
कोर्ट ने रणवीर सिंह की याचिका पर अंतरिम राहत देते हुए पुलिस को गिरफ्तारी या coercive action से रोक दिया (अगली सुनवाई तक)। लेकिन उन्होंने कहा कि जांच में पूरा सहयोग करना होगा।
रणवीर सिंह का पक्ष
उनके वकील सज्जन पूवय्या ने कहा कि इरादा किसी की भावनाएं आहत करने का नहीं था, बल्कि ऋषभ शेट्टी की शानदार परफॉर्मेंस की तारीफ करना था।
यह एक लापरवाही थी, जिसके लिए रणवीर पछता रहे हैं।
कोर्ट में माफी के साथ मंदिर जाकर व्यक्तिगत माफी मांगने का प्रस्ताव रखा गया।
अब क्या होगा?
अगली सुनवाई 24 मार्च 2026 (या उसके आसपास) को होनी है (कुछ रिपोर्ट्स में इजरायल-ईरान तनाव के कारण टली थी)।
रणवीर सिंह को हलफनामा दाखिल करना होगा, जिसमें मंदिर जाकर माफी मांगने की पुष्टि हो।
FIR रद्द करने की याचिका पर आगे सुनवाई होगी।
यह मामला सेलिब्रिटीज की जिम्मेदारी, फ्री स्पीच की सीमा और धार्मिक संवेदनशीलता को लेकर फिर से बहस छेड़ गया है। रणवीर सिंह के फैंस और आलोचक दोनों सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं।
नोट: यह जानकारी कर्नाटक हाई कोर्ट की सुनवाई (24 फरवरी 2026), जस्टिस एम. नागप्रसन्ना की टिप्पणियों और विश्वसनीय रिपोर्ट्स पर आधारित है। मामला अभी अदालत में लंबित है, इसलिए अंतिम फैसला आने तक कोई भी पक्षकार दोषी या निर्दोष नहीं माना जा सकता।
रणवीर सिंह की तरफ से मंदिर जाकर माफी मांगने की खबर अगर आगे आती है तो स्थिति और साफ हो जाएगी।
