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ईरान ने अमेरिकी F-35 फाइटर जेट को ‘मार गिराने’ का किया दावा – क्या है पूरी सच्चाई और जेट की असली ताकत?

ईरान ने अमेरिकी F-35 फाइटर जेट को ‘मार गिराने’ का किया दावा – क्या है पूरी सच्चाई और जेट की असली ताकत?

ताजा अपडेट (21 मार्च 2026):

मिडिल ईस्ट में अमेरिका-ईरान-इजरायल के बीच चल रही तनावपूर्ण जंग में बड़ा दावा सामने आया है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने दावा किया है कि उसने अमेरिकी F-35 लाइटनिंग II स्टील्थ फाइटर जेट को अपने एयर डिफेंस सिस्टम से हिट किया। ईरान का कहना है कि यह हमला मध्य ईरान के ऊपर हुआ, जहां जेट को गंभीर नुकसान पहुंचा और यह क्रैश हो सकता है। IRGC ने एक वीडियो भी जारी किया है, जिसमें कथित तौर पर जेट पर मिसाइल हमला दिखाया गया है। ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने इसे अमेरिकी सैन्य अहंकार की हार बताया और कहा कि यह पहली बार है जब दुनिया का सबसे एडवांस्ड स्टील्थ जेट हिट हुआ।

लेकिन अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इसकी अलग तस्वीर पेश की है। उन्होंने कन्फर्म किया कि एक F-35 जेट ईरान के ऊपर कॉम्बैट मिशन के दौरान डैमेज हुआ और उसे मिडिल ईस्ट में एक अमेरिकी एयर बेस पर इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी। पायलट सुरक्षित है और घटना की जांच चल रही है। अमेरिकी पक्ष ने स्पष्ट किया कि जेट सुरक्षित लैंड हुआ, क्रैश नहीं हुआ। कई इंटरनेशनल मीडिया रिपोर्ट्स (जैसे CNN, Al Jazeera) में भी यही कहा गया है कि ईरान ने जेट को हिट किया, लेकिन यह पूरी तरह से गिराया नहीं गया। कुछ फैक्ट-चेक रिपोर्ट्स में ईरानी वीडियो और दावों पर संदेह जताया गया है, और इसे पूरी तरह वेरिफाई नहीं किया जा सका।

यह घटना फरवरी 2026 के अंत में शुरू हुई अमेरिका-इजरायल के ईरान पर हमलों के बाद की है, जहां दोनों तरफ से एयर स्ट्राइक्स हो रही हैं। ईरान के दावे को अगर सच मानें तो यह स्टील्थ टेक्नोलॉजी के लिए बड़ा झटका हो सकता है, लेकिन फिलहाल यह ‘हिट’ की बात ज्यादा पुख्ता लगती है, ‘शॉट डाउन’ (पूरी तरह गिराने) की नहीं।

F-35 फाइटर जेट की ताकत – क्यों माना जाता है दुनिया का सबसे खतरनाक जेट?

F-35 Lightning II अमेरिका की लॉकहीड मार्टिन कंपनी का बनाया 5वीं पीढ़ी का स्टील्थ मल्टी-रोल फाइटर जेट है। यह एयर सुपीरियरिटी, ग्राउंड अटैक, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर और ISR (इंटेलिजेंस, सर्विलांस, रिकॉनिसेंस) सब कुछ कर सकता है।

कुछ मुख्य स्पेसिफिकेशन्स और ताकतें:

स्टील्थ टेक्नोलॉजी: रडार से लगभग अदृश्य – रडार क्रॉस-सेक्शन बहुत कम, जिससे दुश्मन के रडार इसे आसानी से ट्रैक नहीं कर पाते।

स्पीड: मैक 1.6 (लगभग 1,200 मील/घंटा या 1,960 किमी/घंटा)।

रेंज: इंटरनल फ्यूल से 1,200+ नॉटिकल माइल्स (2,200+ किमी), एरियल रिफ्यूलिंग से असीमित।

इंजन: Pratt & Whitney F135 टर्बोफैन – 43,000 पाउंड थ्रस्ट (आफ्टरबर्नर के साथ)।

सेंसर्स और सिस्टम: AN/APG-81 AESA रडार, डिस्ट्रिब्यूटेड अपर्चर सिस्टम (360° व्यू), एडवांस्ड इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर, हाई-टेक डेटा फ्यूजन – पायलट को रियल-टाइम 360° बैटलफील्ड जानकारी मिलती है।

वेपन्स: इंटरनल बे में मिसाइल्स और बम्स कैरी कर सकता है (स्टील्थ बनाए रखने के लिए), पेलोड 18,000 पाउंड तक।

कीमत: एक जेट की कीमत करीब 10 करोड़ डॉलर (लगभग 800-950 करोड़ रुपये)।

F-35 को ‘क्वार्टरबैक ऑफ द स्काइज’ कहा जाता है क्योंकि यह जानकारी शेयर करता है और अन्य फोर्सेस को गाइड करता है। इसकी स्टील्थ और सेंसर्स की वजह से इसे ‘अजेय’ माना जाता है, लेकिन अगर ईरान का दावा सच है तो यह ईरानी एयर डिफेंस (जैसे Bavar-373) की क्षमता दिखाता है, खासकर EO/IR सेंसर्स से स्टील्थ जेट्स को टारगेट करने की।

फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण है, और जांच से ज्यादा साफ तस्वीर आएगी।

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