राजनीति

असम का ‘महागठबंधन’ तैयार: कांग्रेस 87 सीटों पर लड़ेगी; अखिल गोगोई की पार्टी को मिलीं 11 सीटें, प्रद्युत के जाने के बाद बदला समीकरण

असम की राजनीति में बिसात बिछ चुकी है। कांग्रेस ने प्रद्युत बोरदोलोई के पाला बदलने के बाद न केवल अपने गठबंधन को अंतिम रूप दे दिया है, बल्कि भाजपा के भीतर मची कलह का फायदा उठाने की रणनीति भी तैयार कर ली है।

असम का ‘महागठबंधन’ तैयार: कांग्रेस 87 सीटों पर लड़ेगी; अखिल गोगोई की पार्टी को मिलीं 11 सीटें, प्रद्युत के जाने के बाद बदला समीकरण

असम विधानसभा चुनाव के लिए विपक्षी एकजुटता का चेहरा साफ हो गया है। कांग्रेस के नेतृत्व वाले ‘असम सोनमिलितो मोर्चा’ (ASOM) ने सीटों के बंटवारे का पेचीदा काम लगभग पूरा कर लिया है। सबसे महत्वपूर्ण घटनाक्रम में कांग्रेस और अखिल गोगोई की पार्टी ‘रायजोर दल’ के बीच लंबे गतिरोध के बाद 11 सीटों पर समझौता हो गया है।

सीट शेयरिंग: किसका कितना हिस्सा?

यूनाइटेड विपक्षी फोरम के तहत कुल 6 दलों के बीच तालमेल बैठाया गया है:

* कांग्रेस: 87 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी।

* रायजोर दल (अखिल गोगोई): 11 सीटें (दो सीटों पर दोस्ताना मुकाबला भी होगा)।

* असम जातीय परिषद: 10 सीटें।

* CPM व ऑल इंडिया हिल्स लीडर्स कॉन्फ्रेंस: 2-2 सीटें।

* अन्य: माले, JMM और RJD अभी भी कुछ सीटों के लिए बातचीत कर रहे हैं।

अखिल गोगोई के साथ ऐसे बनी बात

शुरुआत में अखिल गोगोई ने 27 सीटों की मांग की थी, जिसे कांग्रेस ने सिरे से खारिज कर दिया था। कई दौर की बातचीत टूटने और दोबारा शुरू होने के बाद अंततः 11 सीटों पर सहमति बनी। इसमें गोगोई का गढ़ शिवसागर और विवादित रही धिंग विधानसभा सीट भी शामिल है।

प्रद्युत बोरदोलोई का ‘इफेक्ट’ और कांग्रेस का पलटवार

सांसद प्रद्युत बोरदोलोई के बीजेपी में शामिल होने के बाद कांग्रेस ने अपनी रणनीति बदल दी है:

* सीटों का बलिदान: धिंग सीट, जो प्रद्युत के लोकसभा क्षेत्र में आती है, उसे अब रायजोर दल को दे दिया गया है।

* बीजेपी के बागियों पर नजर: बीजेपी ने दिसपुर से अपने विधायक अतुल वोरा का टिकट काटकर प्रद्युत बोरदोलोई को दे दिया है। इससे नाराज होकर वोरा अब निर्दलीय लड़ने या कांग्रेस का साथ देने की तैयारी में हैं।

* सिद्धार्थ भट्टाचार्य का पत्ता कटा: गुवाहाटी पूर्व से पूर्व बीजेपी अध्यक्ष सिद्धार्थ भट्टाचार्य का टिकट कटना भी बड़ी खबर है। कांग्रेस की नजर ऐसे सभी दिग्गज चेहरों पर है जिन्हें बीजेपी ने दरकिनार किया है।

राजनीतिक गलियारों की चर्चा: कांग्रेस प्रद्युत बोरदोलोई के दलबदल का ‘बदला’ बीजेपी के पुराने और वफादार नेताओं को अपने पाले में लाकर या उन्हें बैक-सपोर्ट देकर लेने के मूड में है।

प्रमुख सीटें और विवाद

* मार्गेरिटा: यहाँ पहले प्रद्युत के बेटे प्रतीक बोरदोलोई को टिकट मिलना था, लेकिन अब यह सीट रायजोर दल के खाते में चली गई है।

* शिवसागर: अखिल गोगोई यहाँ से अपनी दावेदारी मजबूत रखेंगे।

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